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अरावली में अवैध कब्जों पर शिकंजा, वन विभाग ने हटाया अतिक्रमण

अरावली क्षेत्र में सरकारी वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की मदद से अतिक्रमण हटाकर वन भूमि को खाली कराया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य अरावली के पर्यावरण, हरित क्षेत्र और जैव विविधता को सुरक्षित रखना है।

Neha Sharma01 अग. 2026, 02:45 PM IST
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अरावली में अवैध कब्जों पर शिकंजा, वन विभाग ने हटाया अतिक्रमण
अरावली: अरावली क्षेत्र में सरकारी वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को हटाया है। इस अभियान के तहत वन भूमि पर किए गए अवैध निर्माणों और कब्जों को चिन्हित कर संबंधित क्षेत्र को अतिक्रमण मुक्त कराया गया।वन विभाग की टीम ने स्थानीय प्रशासन और अन्य संबंधित अधिकारियों के सहयोग से कार्रवाई को अंजाम दिया। अभियान के दौरान सरकारी वन भूमि की पहचान और सीमाओं की जांच की गई। इसके बाद अवैध रूप से किए गए कब्जों को हटाकर भूमि को वापस वन विभाग के नियंत्रण में लिया गया।

अरावली क्षेत्र पर्यावरण और जैव विविधता के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यहां की पहाड़ियां भूजल संरक्षण, प्राकृतिक जल निकासी, वन्यजीवों के आवास और आसपास के क्षेत्रों के पर्यावरण संतुलन में अहम भूमिका निभाती हैं। ऐसे में वन भूमि पर बढ़ते अतिक्रमण को पर्यावरण के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, सरकारी वन भूमि पर किसी भी तरह का अवैध निर्माण या कब्जा कानून के दायरे में आता है। विभाग द्वारा समय-समय पर वन क्षेत्रों का सर्वे और निरीक्षण किया जाता है, ताकि अवैध कब्जों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की जा सके। कार्रवाई के दौरान अतिक्रमण हटाने के लिए मशीनों और संबंधित विभागों की मदद ली गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि वन भूमि को अवैध कब्जों से मुक्त कराने का अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिन क्षेत्रों में अतिक्रमण की शिकायतें या अवैध निर्माण पाए जाएंगे, वहां जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अरावली क्षेत्र में वन भूमि पर अतिक्रमण का मुद्दा लंबे समय से चर्चा में रहा है। कई स्थानों पर अवैध निर्माण, फार्महाउस और अन्य गतिविधियों के कारण प्राकृतिक क्षेत्रों पर दबाव बढ़ने की बात सामने आती रही है। हाल की रिपोर्टों में भी अरावली क्षेत्र में अवैध कब्जों की पहचान और उनके खिलाफ कार्रवाई तेज करने की जानकारी दी गई है।

वन विभाग का मानना है कि अतिक्रमण हटाने से सरकारी वन भूमि को सुरक्षित रखने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों और जैव विविधता के संरक्षण में भी मदद मिलेगी। इसके अलावा, प्राकृतिक जल मार्गों और हरित क्षेत्रों को सुरक्षित रखने के लिए भी इस तरह की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सरकारी वन भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या निर्माण न करें। साथ ही, वन क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों की जानकारी मिलने पर संबंधित विभाग को सूचित करने की भी अपील की गई है।

इस कार्रवाई के बाद अब वन विभाग संबंधित क्षेत्र की निगरानी बढ़ाने और दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए आगे की व्यवस्था करेगा। प्रशासन का कहना है कि सरकारी वन भूमि की सुरक्षा और अरावली के पर्यावरण संरक्षण के लिए अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।