संस्कृति

कलसुबाई शिखर: सह्याद्री की सबसे ऊंची चोटी, जानिए इसका इतिहास, पौराणिक कथा, ट्रैकिंग और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य

कलसुबाई शिखर: सह्याद्री की सबसे ऊंची चोटी, जानिए इसका इतिहास, पौराणिक कथा, ट्रैकिंग और अद्भुत प्राकृतिक सौंदर्य

महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के अकोले तालुका में स्थित कलसुबाई शिखर समुद्र तल से लगभग 1,646 मीटर (5,400 फीट) की ऊंचाई पर स्थित है और इसे महाराष्ट्र की सबसे ऊंची चोटी माना जाता है। सह्याद्री पर्वतमाला का यह प्रसिद्ध शिखर ट्रैकिंग प्रेमियों, प्रकृति प्रेमियों और श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। शिखर पर स्थित मां कलसुबाई के मंदिर के कारण यह स्थान धार्मिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है।

संस्कृति27 जुल. 2026 IST
श्रद्धा के साथ हरित क्रांति: शिरडी में अब साईं प्रसाद के रूप में मिलेगा पवित्र नीम का पौधा

श्रद्धा के साथ हरित क्रांति: शिरडी में अब साईं प्रसाद के रूप में मिलेगा पवित्र नीम का पौधा

साईं बाबा की पावन नगरी शिरडी से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने वाली एक अनोखी पहल शुरू होने जा रही है। श्री साईबाबा संस्थान ट्रस्ट ने श्रद्धालुओं को गुरुस्थान के पवित्र नीम वृक्ष का प्रतीकात्मक पौधा "साईं प्रसाद" के रूप में देने का निर्णय लिया है। पहले चरण में लगभग एक लाख पौधे तैयार किए जाएंगे, जिन्हें श्रद्धालुओं को प्रतीकात्मक शुल्क पर उपलब्ध कराया जाएगा। संस्थान का उद्देश्य साईं बाबा की शिक्षाओं को पर्यावरण संरक्षण से जोड़ते हुए देशभर में हरित अभियान को नई दिशा देना है।

संस्कृति27 जुल. 2026 IST
भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग: सह्याद्री की गोद में स्थित भगवान शिव का दिव्य धाम, जानिए इतिहास, पौराणिक कथा और अद्भुत वास्तुकला

भीमाशंकर ज्योतिर्लिंग: सह्याद्री की गोद में स्थित भगवान शिव का दिव्य धाम, जानिए इतिहास, पौराणिक कथा और अद्भुत वास्तुकला

महाराष्ट्र के पुणे जिले के खेड तालुका में सह्याद्री पर्वतमाला के बीच स्थित श्री भीमाशंकर मंदिर भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। घने जंगल, मनमोहक प्राकृतिक वातावरण, प्राचीन इतिहास और गहरी धार्मिक आस्था के कारण यह मंदिर देश के प्रमुख तीर्थस्थलों में शामिल है। हर वर्ष लाखों श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं।

संस्कृति27 जुल. 2026 IST
कोल्हापुर महालक्ष्मी मंदिर: 2 हजार वर्षों की परंपरा को संजोए शक्तिपीठ, जानिए मंदिर का इतिहास, पौराणिक कथा और विशेषताएं

कोल्हापुर महालक्ष्मी मंदिर: 2 हजार वर्षों की परंपरा को संजोए शक्तिपीठ, जानिए मंदिर का इतिहास, पौराणिक कथा और विशेषताएं

महाराष्ट्र के कोल्हापुर शहर में स्थित श्री महालक्ष्मी मंदिर, जिसे अंबाबाई मंदिर के नाम से भी जाना जाता है, भारत के प्रमुख शक्तिपीठों में से एक है। प्राचीन इतिहास, अद्भुत पत्थर की वास्तुकला, धार्मिक महत्व और अनूठी परंपराओं के कारण हर वर्ष देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसी मान्यता है कि मां महालक्ष्मी की कृपा से भक्तों के जीवन में सुख, समृद्धि और वैभव का आगमन होता है।

संस्कृति27 जुल. 2026 IST
श्रावण 2026: महाराष्ट्र में कब शुरू होगा पवित्र महीना? जानिए 4 सावन सोमवार, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

श्रावण 2026: महाराष्ट्र में कब शुरू होगा पवित्र महीना? जानिए 4 सावन सोमवार, पूजा विधि और धार्मिक महत्व

भगवान शिव को समर्पित पवित्र श्रावण मास वर्ष 2026 में महाराष्ट्र सहित अमांत पंचांग का पालन करने वाले राज्यों में 13 अगस्त से शुरू होकर 11 सितंबर तक रहेगा। इस वर्ष श्रावण मास में कुल चार सावन सोमवार पड़ेंगे। पूरे महीने शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, जलाभिषेक, रुद्राभिषेक और व्रत-उपवास का विशेष महत्व रहेगा। श्रद्धालु भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना कर सुख, समृद्धि और मनोकामनाओं की पूर्ति की कामना करेंगे।

संस्कृति27 जुल. 2026 IST
आषाढ़ी एकादशी पर निकली भव्य ज्ञान दिंडी, विठ्ठल नाम के साथ दिया संस्कार और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

आषाढ़ी एकादशी पर निकली भव्य ज्ञान दिंडी, विठ्ठल नाम के साथ दिया संस्कार और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

देवशयनी आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर कल्याण में कल्याण मराठी चैरिटी ट्रस्ट, बी. के. बिर्ला कॉलेज, बी. के. बिर्ला पब्लिक स्कूल, सरला बिर्ला हाई स्कूल और सेंचुरी रेयॉन के संयुक्त तत्वावधान में भव्य ज्ञान दिंडी का आयोजन किया गया। बी. के. बिर्ला कॉलेज से शुरू हुई दिंडी शहाड स्थित विठोबा (बिर्ला) मंदिर पहुंची, जहां हरिनाम संकीर्तन के साथ स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया गया।

संस्कृति27 जुल. 2026 IST
पंढरपुर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की विठ्ठल-रुक्मिणी की शासकीय महापूजा

पंढरपुर में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने की विठ्ठल-रुक्मिणी की शासकीय महापूजा

आषाढ़ी एकादशी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार तड़के पत्नी अमृता फडणवीस के साथ पंढरपुर स्थित श्री विठ्ठल-रुक्मिणी मंदिर में शासकीय महापूजा की। इस अवसर पर धाराशिव जिले के मानकरी वारकरी दंपती बाबासाहेब माने और प्रभावती माने को पूजा का विशेष सम्मान दिया गया। लाखों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में संपन्न इस महापूजा के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य में सुख-समृद्धि, किसानों की खुशहाली और अच्छी वर्षा की प्रार्थना की।

संस्कृति27 जुल. 2026 IST
विदेशी शोधकर्ताओं को भी भा रही संत ज्ञानेश्वर-तुकाराम की वाणी, अपनी भाषा में कर रहे अभंगों का अनुवाद

विदेशी शोधकर्ताओं को भी भा रही संत ज्ञानेश्वर-तुकाराम की वाणी, अपनी भाषा में कर रहे अभंगों का अनुवाद

संत ज्ञानेश्वर की 'ज्ञानेश्वरी' और संत तुकाराम की 'अभंगगाथा' का प्रभाव अब दुनिया के कई देशों तक पहुंच चुका है। फ्रांस, इंग्लैंड, जर्मनी और स्पेन सहित अनेक देशों के शोधकर्ताओं ने मराठी सीखकर वारकरी परंपरा का अध्ययन किया और अभंगों व ओवियों का अपनी-अपनी भाषाओं में अनुवाद किया। संत साहित्य में निहित मानवता, समानता और विश्वबंधुत्व का संदेश आज भी विदेशी विद्वानों को आकर्षित कर रहा है।

संस्कृति27 जुल. 2026 IST
गिरगांव के श्री पंढरीनाथ मंदिर में सालभर गूंजता है विठ्ठल नाम; 160 वर्षों से जीवंत है वारकरी परंपरा

गिरगांव के श्री पंढरीनाथ मंदिर में सालभर गूंजता है विठ्ठल नाम; 160 वर्षों से जीवंत है वारकरी परंपरा

मुंबई के गिरगांव स्थित ठाकुरद्वार क्षेत्र में देवद ब्राह्मण समाज का श्री पंढरीनाथ (विठ्ठल-रुक्मिणी) मंदिर पिछले लगभग 160 वर्षों से श्रद्धालुओं की आस्था और वारकरी परंपरा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। वर्ष के 365 दिनों तक चलने वाली अखंड कीर्तन परंपरा, प्राचीन वास्तुकला, धार्मिक परंपराएं और समाजसेवा के विविध कार्य इस मंदिर को मुंबई की सांस्कृतिक धरोहरों में एक विशिष्ट स्थान दिलाते हैं।

संस्कृति27 जुल. 2026 IST
भगवान विष्णु के छठे अवतार का पवित्र धाम: जानिए परशुराम मंदिर का इतिहास, पौराणिक कथा और अद्भुत वास्तुकला

भगवान विष्णु के छठे अवतार का पवित्र धाम: जानिए परशुराम मंदिर का इतिहास, पौराणिक कथा और अद्भुत वास्तुकला

महाराष्ट्र के रत्नागिरी जिले में चिपलून के पास सह्याद्री पर्वतमाला की गोद में स्थित श्री क्षेत्र परशुराम मंदिर कोकण के सबसे प्राचीन और प्रसिद्ध धार्मिक स्थलों में से एक है। भगवान विष्णु के छठे अवतार माने जाने वाले भगवान परशुराम को समर्पित यह मंदिर आस्था, इतिहास, प्राचीन वास्तुकला और प्राकृतिक सौंदर्य का अद्भुत संगम है। हर वर्ष हजारों श्रद्धालु और पर्यटक यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

संस्कृति27 जुल. 2026 IST
रूस में 12 हजार फीट की ऊंचाई से गूंजा विठ्ठल का जयघोष; कल्याण के अजीत कारभारी ने दी वारकरी परंपरा को अनोखी वैश्विक पहचान

रूस में 12 हजार फीट की ऊंचाई से गूंजा विठ्ठल का जयघोष; कल्याण के अजीत कारभारी ने दी वारकरी परंपरा को अनोखी वैश्विक पहचान

आषाढ़ी एकादशी के अवसर पर महाराष्ट्र की वारकरी परंपरा को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाने वाला एक प्रेरणादायक अभियान रूस में संपन्न हुआ। कल्याण के पैराजंपर और स्काईडाइवर अजीत कारभारी ने करीब 12 हजार फीट की ऊंचाई से स्काईडाइव करते हुए भगवान विठ्ठल की प्रतिमा के साथ "राम कृष्ण हरी" का जयघोष किया। साहसिक खेल और भारतीय आध्यात्मिक परंपरा के इस अनूठे संगम की हर ओर चर्चा हो रही है।

संस्कृति22 जुल. 2026 IST
मंदिरों की संपत्ति पर सुप्रीम कोर्ट की दोटूक: सिर्फ सरकार नहीं, पुजारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में

मंदिरों की संपत्ति पर सुप्रीम कोर्ट की दोटूक: सिर्फ सरकार नहीं, पुजारियों की भूमिका भी सवालों के घेरे में

मंदिरों पर सरकारी नियंत्रण को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल सरकारों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता, क्योंकि कई पुजारी भी मंदिरों की संपत्तियों को बर्बाद कर रहे हैं। शीर्ष अदालत ने मामले में केंद्र, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सरकार को नोटिस जारी करते हुए स्पष्ट किया कि मंदिर की संपत्ति किसी व्यक्ति की नहीं, बल्कि देवता की होती है।

संस्कृति20 जुल. 2026 IST
धार्मिक संवेदनशीलता को सुप्रीम कोर्ट की प्राथमिकता, 'महाप्रभु जगन्नाथ' फिल्म की रिलीज 28 जुलाई के बाद

धार्मिक संवेदनशीलता को सुप्रीम कोर्ट की प्राथमिकता, 'महाप्रभु जगन्नाथ' फिल्म की रिलीज 28 जुलाई के बाद

भगवान जगन्नाथ के चित्रण पर उठे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल राहत देने से इनकार किया। अदालत ने कहा कि धार्मिक संवेदनशीलता को देखते हुए फिल्म रथ यात्रा समाप्त होने के बाद ही रिलीज की जाए

संस्कृति17 जुल. 2026 IST
पुरी से मुंबई-लखनऊ तक गूंजा जगन्नाथ का जयघोष।

पुरी से मुंबई-लखनऊ तक गूंजा जगन्नाथ का जयघोष।

ओडिशा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा के दौरान मची अफरातफरी में दो श्रद्धालुओं की मौत हो गई और करीब सौ लोग घायल हो गए, जबकि देश के विभिन्न हिस्सों जैसे मुंबई, लखनऊ और वाराणसी में यह महापर्व बेहद हर्षोल्लास और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया के पावन अवसर पर शुरू हुई इस नौ दिवसीय रथयात्रा में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु उमड़े।

संस्कृति17 जुल. 2026 IST
ज्ञानवापी-मथुरा विवाद: 'सुलह नहीं, फैसला चाहिए', सुप्रीम कोर्ट के प्रस्ताव को दोनों पक्षों ने नकारा

ज्ञानवापी-मथुरा विवाद: 'सुलह नहीं, फैसला चाहिए', सुप्रीम कोर्ट के प्रस्ताव को दोनों पक्षों ने नकारा

वाराणसी के ज्ञानवापी, मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह और संभल की शाही जामा मस्जिद से जुड़े विवादों में सुप्रीम कोर्ट की ओर से विशेष लोक अदालत के माध्यम से सुलह का रास्ता निकालने की पहल को बड़ा झटका लगा है। हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्षों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे समझौते के बजाय अदालत के अंतिम फैसले को ही स्वीकार करेंगे।

संस्कृति15 जुल. 2026 IST