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स्कूलों में बढ़ेगा भारतीय शास्त्रीय नृत्यों का दायरा, सरकार दे रही प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति पर जोर

केंद्र सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत स्कूली शिक्षा में भारतीय शास्त्रीय और लोक नृत्यों को बढ़ावा दे रही है। संस्कृति मंत्रालय के तहत सीसीआरटी द्वारा शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। वहीं 10 से 14 वर्ष के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए सांस्कृतिक प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति योजना के तहत आर्थिक सहायता दी जाती है। पिछले पांच वर्षों में देशभर में भारतीय शास्त्रीय नृत्य के लिए 1,274 छात्रवृत्तियां प्रदान की गई हैं।

Priyanka Gaikwad11 अग. 2026, 03:53 PM IST
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स्कूलों में बढ़ेगा भारतीय शास्त्रीय नृत्यों का दायरा, सरकार दे रही प्रशिक्षण और छात्रवृत्ति पर जोर
नई दिल्ली। केंद्र सरकार स्कूली विद्यार्थियों को भारतीय कला और संस्कृति से जोड़ने के लिए भारतीय शास्त्रीय एवं लोक नृत्यों को शिक्षा व्यवस्था का हिस्सा बनाने पर जोर दे रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत कला-एकीकृत, अनुभवात्मक और बहुविषयक शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है। संस्कृति मंत्रालय के अधीन स्वायत्त संगठन सांस्कृतिक संसाधन एवं प्रशिक्षण केंद्र (CCRT) सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों तथा विद्यार्थियों के लिए भारतीय शास्त्रीय और लोक नृत्य परंपराओं से जुड़े प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है। मध्य प्रदेश में इन कार्यक्रमों के तहत कथक, राय, मटकी, करमा और ग्रिडा जैसे नृत्य रूपों को शामिल किया गया है। स्थानीय एवं क्षेत्रीय कला रूपों को बढ़ावा देने के लिए CCRT का दमोह, मध्य प्रदेश में क्षेत्रीय केंद्र भी संचालित है।

स्कूलों में प्रदर्शन कलाओं को बढ़ावा इसके अलावा संगीत नाटक अकादमी की ओर से स्कूली बच्चों के बीच भारतीय प्रदर्शन कलाओं को लोकप्रिय बनाने के लिए ‘कला धरोहर श्रृंखला’ का आयोजन किया जाता है। इसमें व्याख्यान, कार्यशालाएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां शामिल होती हैं। 10 से 14 वर्ष के विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति CCRT द्वारा मान्यता प्राप्त विद्यालयों में पढ़ने वाले 10 से 14 वर्ष की आयु के मेधावी विद्यार्थियों तथा पारंपरिक कला प्रदर्शन करने वाले परिवारों के बच्चों के लिए सांस्कृतिक प्रतिभा खोज छात्रवृत्ति योजना (CTSS) संचालित की जाती है।

इस योजना के तहत भारतीय शास्त्रीय नृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक विधाओं में विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रत्येक छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ता को 3,600 रुपये प्रतिवर्ष छात्रवृत्ति मिलती है। इसके अलावा गुरु या शिक्षक को भुगतान की गई 9,000 रुपये प्रतिवर्ष तक की शिक्षण फीस की प्रतिपूर्ति भी योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार की जाती है। छात्रवृत्ति शुरुआत में दो वर्षों के लिए दी जाती है और संतोषजनक प्रगति होने पर इसका नवीनीकरण किया जा सकता है।

पांच वर्षों में 1,274 छात्रवृत्तियां :  भारतीय शास्त्रीय नृत्य के लिए देशभर में CTSS के तहत पिछले पांच वर्षों में दी गई छात्रवृत्तियां इस प्रकार हैं:
- 2021-22: 225
- 2022-23: 178
- 2023-24: 289
- 2024-25: 269
- 2025-26: 313
इस तरह पांच वर्षों में कुल 1,274 छात्रवृत्तियां प्रदान की गईं।

युवा कलाकारों के लिए भी छात्रवृत्ति
संस्कृति मंत्रालय विभिन्न सांस्कृतिक क्षेत्रों में युवा कलाकारों के लिए छात्रवृत्ति (SWA) योजना भी लागू करता है। इसके तहत 18 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवा कलाकारों, जिनमें भारतीय शास्त्रीय नृत्य में विशेषज्ञता रखने वाले कलाकार भी शामिल हैं, को दो वर्षों तक उन्नत प्रशिक्षण के लिए 5,000 रुपये प्रतिमाह की छात्रवृत्ति दी जाती है।

सांस्कृतिक संस्थानों को करोड़ों रुपये का अनुदान भारतीय शास्त्रीय नृत्य और अन्य सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए संस्कृति मंत्रालय अपने स्वायत्त संगठनों जैसे CCRT, संगीत नाटक अकादमी और कलाक्षेत्र फाउंडेशन को वार्षिक अनुदान भी देता है।

पिछले पांच वर्षों में इन संगठनों को जारी अनुदान:
वित्तीय वर्ष| अनुदान (करोड़ रुपये में)
2021-22| 106.94
2022-23| 114.81
2023-24| 123.62
2024-25| 169.55
2025-26| 150.61

SWA योजना के तहत भी बढ़ी सहायता युवा कलाकारों को छात्रवृत्ति देने वाली SWA योजना के तहत पिछले पांच वर्षों में जारी राशि:

वित्तीय वर्ष| जारी राशि (करोड़ रुपये में)
2021-22| 3.90
2022-23| 1.19
2023-24| 4.52
2024-25| 3.26
2025-26| 5.38
केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। सरकार का उद्देश्य शिक्षा के साथ भारतीय कला, संस्कृति और पारंपरिक नृत्य विधाओं से विद्यार्थियों को जोड़ना तथा युवा कलाकारों को प्रशिक्षण और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।