महिला स्वास्थ्य

गर्भवती महिलाओं की देखभाल के लिए AIIA ने शुरू किया ‘गर्भिणी मित्र’ कोर्स; 12वीं पास युवा 31 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन  मुख्य बिंदु (Key Highlights):

गर्भवती महिलाओं की देखभाल के लिए AIIA ने शुरू किया ‘गर्भिणी मित्र’ कोर्स; 12वीं पास युवा 31 अगस्त तक कर सकते हैं आवेदन मुख्य बिंदु (Key Highlights):

मातृ स्वास्थ्य और गर्भावस्था के दौरान देखभाल को अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से आयुष मंत्रालय के अधीन अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (AIIA), नई दिल्ली ने शैक्षणिक सत्र 2026-2027 के लिए ‘गर्भिणी मित्र’ कौशल विकास पाठ्यक्रम की घोषणा की है। आयुर्वेद के पारंपरिक सिद्धांतों पर आधारित यह 6 महीने का प्रशिक्षण कार्यक्रम गर्भवती महिलाओं को प्रसवपूर्व एवं प्रसवोत्तर अवधि में जीवनशैली मार्गदर्शन, उचित पोषण और भावनात्मक सहयोग प्रदान करने के लिए विशेष कार्यबल तैयार करेगा।

महिला स्वास्थ्य24 अग. 2026 IST
'मिशन शक्ति' से सशक्त हो रहीं देश की महिलाएं: 4.60 करोड़ माताओं को मिले ₹21,343 करोड़, 991 वन स्टॉप सेंटरों से 15 लाख से अधिक को मिली मदद — केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी

'मिशन शक्ति' से सशक्त हो रहीं देश की महिलाएं: 4.60 करोड़ माताओं को मिले ₹21,343 करोड़, 991 वन स्टॉप सेंटरों से 15 लाख से अधिक को मिली मदद — केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी

केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'मिशन शक्ति' देश की महिलाओं की सुरक्षा, संरक्षा और सशक्तीकरण में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। कोलकाता में आयोजित महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की परामर्श समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना (PMMVY) के तहत अब तक 4.60 करोड़ से अधिक माताओं को 21,343 करोड़ रुपये से अधिक की मातृत्व सहायता राशि सीधे उनके खातों में वितरित की जा चुकी है। इसके साथ ही, देशभर में सक्रिय 991 'वन स्टॉप सेंटरों' के जरिए संकटग्रस्त और हिंसा से पीड़ित 15.20 लाख से अधिक महिलाओं को एक ही छत के नीचे तुरंत सहायता पहुंचाई गई है।

महिला स्वास्थ्य23 अग. 2026 IST
नकली सौंदर्य प्रसाधनों का बढ़ता जाल, खूबसूरती के नाम पर स्वास्थ्य से खिलवाड़

नकली सौंदर्य प्रसाधनों का बढ़ता जाल, खूबसूरती के नाम पर स्वास्थ्य से खिलवाड़

खूबसूरत दिखने की चाह में ग्राहक अक्सर महंगे क्रीम, फेसवॉश, लिपस्टिक और स्किन केयर उत्पाद खरीदते हैं, लेकिन असली ब्रांड के नाम पर मिलने वाला नकली या मिलावटी कॉस्मेटिक त्वचा के लिए गंभीर नुकसान का कारण बन सकता है। ऐसे उत्पादों से एलर्जी, खुजली, जलन, लालिमा, मुंहासे, सूजन और त्वचा पर दाग-धब्बे जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऑनलाइन और क्विक-कॉमर्स खरीदारी बढ़ने के साथ ग्राहकों के लिए असली और नकली उत्पाद में फर्क करना और भी मुश्किल हो गया है।

महिला स्वास्थ्य13 अग. 2026 IST
जेके लोन अस्पताल में 24 घंटे में दो मातृ मौतें, सी-सेक्शन के बाद 25 वर्षीय महिला ने तोड़ा दम

जेके लोन अस्पताल में 24 घंटे में दो मातृ मौतें, सी-सेक्शन के बाद 25 वर्षीय महिला ने तोड़ा दम

कोटा के जेके लोन अस्पताल में करीब 24 घंटे के भीतर दूसरी मातृ मृत्यु का मामला सामने आया है। 25 वर्षीय करीना की सी-सेक्शन के बाद मौत हो गई। उन्होंने जुड़वा बच्चों, एक बेटा और एक बेटी, को जन्म दिया था। अस्पताल प्रशासन के अनुसार करीना को गर्भावस्था के दौरान उच्च रक्तचाप की समस्या थी और प्रसव के बाद उन्हें एक्लेम्पसिया, दौरे, ऑक्सीजन की कमी, ARDS और DIC जैसी गंभीर जटिलताएं हुईं। वहीं परिवार ने इलाज के दौरान एक फ्लूड दिए जाने के बाद हालत बिगड़ने का आरोप लगाया है। इससे एक दिन पहले 34 वर्षीय गंगोत्री की भी प्रसव के बाद मौत हुई थी। लगातार दो मातृ मौतों के बाद अस्पताल की प्रसूति एवं प्रसवोत्तर निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठे हैं, हालांकि दोनों मामलों में चिकित्सकीय लापरवाही की पुष्टि अभी जांच के बिना नहीं हुई है।

महिला स्वास्थ्य12 अग. 2026 IST
गर्भनिरोधक की जरूरत पूरी न होने से बढ़ रहा अनियोजित गर्भधारण का खतरा

गर्भनिरोधक की जरूरत पूरी न होने से बढ़ रहा अनियोजित गर्भधारण का खतरा

प्रजनन आयु यानी आम तौर पर 15 से 49 वर्ष की महिलाओं के लिए गर्भनिरोधक सेवाओं की उपलब्धता केवल परिवार नियोजन का विषय नहीं है। इसका सीधा संबंध महिलाओं के स्वास्थ्य, मातृ स्वास्थ्य, प्रजनन संबंधी अधिकार, लैंगिक समानता और शिक्षा तथा रोजगार जैसे सामाजिक-आर्थिक अवसरों से है। दुनिया में पिछले तीन दशकों के दौरान गर्भनिरोधक साधनों के इस्तेमाल में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में ऐसी महिलाएं मौजूद हैं जो गर्भधारण को टालना या रोकना चाहती हैं, लेकिन आधुनिक गर्भनिरोधक साधनों का इस्तेमाल नहीं कर रही हैं। इसे गर्भनिरोधक की अपूर्ण जरूरत या Unmet Need for Contraception कहा जाता है।

महिला स्वास्थ्य12 अग. 2026 IST
बच्चा पैदा होने के बाद भी मां को खतरा, प्रसवोत्तर रक्तस्राव से हजारों महिलाओं की मौत

बच्चा पैदा होने के बाद भी मां को खतरा, प्रसवोत्तर रक्तस्राव से हजारों महिलाओं की मौत

बच्चे का जन्म किसी महिला के लिए गर्भावस्था की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया का अंत माना जाता है, लेकिन चिकित्सकीय रूप से प्रसव के साथ मां का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता। बच्चे के जन्म के बाद होने वाला अत्यधिक रक्तस्राव यानी प्रसवोत्तर रक्तस्राव मातृ मृत्यु के प्रमुख कारणों में शामिल है। यह ऐसी गंभीर प्रसूति आपातस्थिति है, जिसमें महिला की हालत बहुत कम समय में बिगड़ सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के पुराने वैश्विक अनुमानों में हर साल लगभग 70 हजार मातृ मौतों को प्रसवोत्तर रक्तस्राव से जोड़ा गया था। हालांकि, नए वैश्विक अनुमानों में यह संख्या कम हुई है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने 2025 में वर्ष 2023 के लिए लगभग 45 हजार मातृ मौतों को प्रसवोत्तर रक्तस्राव से जोड़ा, जबकि 2026 में प्रकाशित नए वैश्विक अनुमान में हर साल करीब 43 हजार महिलाओं की मौत इस कारण से होने की बात सामने आई। आंकड़ों में बदलाव के बावजूद प्रसवोत्तर रक्तस्राव आज भी दुनिया में मातृ मृत्यु का एक प्रमुख और काफी हद तक रोका जा सकने वाला कारण बना हुआ है।

महिला स्वास्थ्य12 अग. 2026 IST
गर्भावस्था में बढ़ रहा गैर-संचारी रोगों का खतरा, Diabetes, Hypertension और Obesity बन रहे बड़ी चुनौती

गर्भावस्था में बढ़ रहा गैर-संचारी रोगों का खतरा, Diabetes, Hypertension और Obesity बन रहे बड़ी चुनौती

गर्भावस्था को आमतौर पर मां और बच्चे की सेहत से जुड़ी अवधि के रूप में देखा जाता है, लेकिन बदलती जीवनशैली और बढ़ते गैर-संचारी रोगों यानी Non-Communicable Diseases के दौर में pregnancy care की तस्वीर तेजी से बदल रही है। Diabetes, high blood pressure और obesity अब गर्भावस्था के दौरान सामने आने वाली महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चुनौतियों में शामिल हैं। इन स्थितियों का असर केवल गर्भावस्था या प्रसव तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मां और बच्चे दोनों के भविष्य के स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है।

महिला स्वास्थ्य12 अग. 2026 IST
महिला स्वास्थ्य की अधूरी तस्वीर: मातृत्व के बाद मेनोपॉज पर ध्यान देना क्यों जरूरी?

महिला स्वास्थ्य की अधूरी तस्वीर: मातृत्व के बाद मेनोपॉज पर ध्यान देना क्यों जरूरी?

भारत में महिला स्वास्थ्य की चर्चा अक्सर गर्भावस्था, प्रसव, मातृ मृत्यु, मासिक धर्म और प्रजनन स्वास्थ्य के आसपास केंद्रित रहती है। ये सभी विषय बेहद महत्वपूर्ण हैं, लेकिन महिलाओं के स्वास्थ्य की पूरी तस्वीर इससे कहीं बड़ी है। महिला के जीवन में मेनोपॉज यानी रजोनिवृत्ति एक ऐसा महत्वपूर्ण स्वास्थ्य चरण है, जिसका असर केवल मासिक धर्म बंद होने तक सीमित नहीं रहता, बल्कि नींद, मानसिक स्वास्थ्य, हड्डियों, हृदय, मांसपेशियों, यौन स्वास्थ्य और लंबे समय की जीवन गुणवत्ता तक पहुंच सकता है।

महिला स्वास्थ्य11 अग. 2026 IST
गर्भवती महिलाओं की देखभाल, पोषण और कल्याण के लिए सरकार के बड़े कदम

गर्भवती महिलाओं की देखभाल, पोषण और कल्याण के लिए सरकार के बड़े कदम

केंद्र सरकार ने देश में मातृ स्वास्थ्य को मजबूत करने और गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, पोषण सहायता और आर्थिक सहयोग उपलब्ध कराने के लिए कई योजनाएं और कार्यक्रम लागू किए हैं। सरकार का लक्ष्य गर्भावस्था के दौरान महिलाओं को समय पर गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना, मातृ एवं शिशु मृत्यु दर को कम करना और हर महिला को सुरक्षित मातृत्व का अधिकार सुनिश्चित करना है।

महिला स्वास्थ्य07 अग. 2026 IST
बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों को मिलेगा संतुलित पोषण, राज्यों को स्थानीय स्वाद के अनुसार मेन्यू तैयार करने की छूट

बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और किशोरियों को मिलेगा संतुलित पोषण, राज्यों को स्थानीय स्वाद के अनुसार मेन्यू तैयार करने की छूट

देश में कुपोषण की चुनौती से प्रभावी ढंग से निपटने और महिलाओं एवं बच्चों के पोषण स्तर में सुधार लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत पूरक पोषण (Supplementary Nutrition) व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने हाल ही में पूरक पोषण के लिए व्यापक दिशा-निर्देश (Comprehensive Guidelines for Supplementary Nutrition) जारी किए हैं, जिनमें भोजन की गुणवत्ता, पोषण विविधता, स्थानीय खाद्य पदार्थों के उपयोग, लाभार्थियों में स्वीकार्यता बढ़ाने तथा पोषण संबंधी व्यवहार परिवर्तन पर विशेष बल दिया गया है।

महिला स्वास्थ्य07 अग. 2026 IST
महिलाओं की बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा का समन्वय बन रहा प्रभावी विकल्प

महिलाओं की बढ़ती स्वास्थ्य समस्याओं में आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा का समन्वय बन रहा प्रभावी विकल्प

भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। बदलती जीवनशैली, अनियमित दिनचर्या, तनाव, प्रदूषण, असंतुलित खानपान और शारीरिक गतिविधियों में कमी के कारण पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS), थायरॉयड विकार, एनीमिया, बांझपन, हार्मोनल असंतुलन और मासिक धर्म संबंधी समस्याओं के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि इन बीमारियों के उपचार में केवल दवा ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि आधुनिक चिकित्सा (एलोपैथी) और आयुर्वेद के वैज्ञानिक समन्वय के साथ संतुलित जीवनशैली अपनाने से मरीजों को बेहतर और लंबे समय तक लाभ मिल सकता है।

महिला स्वास्थ्य06 अग. 2026 IST
महिलाओं की सुरक्षा को मजबूती, वन स्टॉप सेंटर से एक ही छत के नीचे मिल रही सभी जरूरी सेवाएं

महिलाओं की सुरक्षा को मजबूती, वन स्टॉप सेंटर से एक ही छत के नीचे मिल रही सभी जरूरी सेवाएं

महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, देशभर में 991 वन स्टॉप सेंटर (OSC) संचालित हैं, जिनके माध्यम से अप्रैल 2015 से जून 2026 तक 15.20 लाख से अधिक महिलाओं को चिकित्सा, कानूनी सहायता, पुलिस सहयोग, मनोसामाजिक परामर्श और अस्थायी आश्रय जैसी सेवाएं उपलब्ध कराई गई हैं। उत्तर प्रदेश में 124 वन स्टॉप सेंटर सक्रिय हैं, जहां अब तक 3.42 लाख से अधिक महिलाओं को सहायता मिली है। मिशन शक्ति योजना के तहत संचालित इन केंद्रों को महिला हेल्पलाइन, आपातकालीन सेवा 112 और अन्य सहायता तंत्रों से जोड़कर महिलाओं तक त्वरित और समन्वित सहायता पहुंचाई जा रही है।

महिला स्वास्थ्य05 अग. 2026 IST
आठ IVF असफलताओं के बाद मिली मातृत्व की खुशी: क्यों बार-बार IVF फेल होना उम्मीद का अंत नहीं है

आठ IVF असफलताओं के बाद मिली मातृत्व की खुशी: क्यों बार-बार IVF फेल होना उम्मीद का अंत नहीं है

8 वर्षीय मीरा ने जब पहली बार मां बनने का सपना देखा था, तो उन्होंने भी हर महिला की तरह एक सामान्य उम्मीद रखी थी कि कुछ समय में उनका परिवार पूरा हो जाएगा। उन्हें लगा था कि शादी के बाद एक-दो साल के भीतर वह अपने बच्चे को गोद में उठा पाएंगी। लेकिन किस्मत ने उनके लिए एक लंबा और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण सफर लिखा था।

महिला स्वास्थ्य03 अग. 2026 IST
10वीं बार मां बनने जा रही महिला ने C-Section से किया इनकार, हाई BP के बावजूद घर लौटी l

10वीं बार मां बनने जा रही महिला ने C-Section से किया इनकार, हाई BP के बावजूद घर लौटी l

राजस्थान के खैरथल-तिजारा जिले में 10वीं बार गर्भवती हुई 9 बच्चों की मां का मामला चर्चा में है। महिला का रक्तचाप 170 से 190 के बीच पाए जाने के बाद डॉक्टरों ने गर्भावस्था को हाई रिस्क बताया और सुरक्षित प्रसव के लिए अस्पताल में विशेषज्ञों की निगरानी में रहने की सलाह दी। महिला को पहले अलवर और फिर जयपुर रेफर किया गया, लेकिन उसने अस्पताल जाने के बजाय घर लौटने का फैसला किया। अब स्वास्थ्य विभाग की टीम लगातार महिला और उसके परिवार को सुरक्षित संस्थागत प्रसव के लिए समझाने में जुटी है।

महिला स्वास्थ्य03 अग. 2026 IST
पहले जैसा खाना, फिर भी बढ़ रहा पेट? 35 के बाद शरीर में होते हैं ये बड़े बदलाव

पहले जैसा खाना, फिर भी बढ़ रहा पेट? 35 के बाद शरीर में होते हैं ये बड़े बदलाव

35 साल की उम्र के बाद कई लोगों को एक आम लेकिन परेशान करने वाला बदलाव महसूस होता है—पेट के आसपास फैट बढ़ना। कई लोग शिकायत करते हैं कि पहले जैसी डाइट लेने और एक्सरसाइज करने के बावजूद अब वजन कम करना मुश्किल हो गया है। खासतौर पर कमर और पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी आसानी से कम नहीं होती।

महिला स्वास्थ्य30 जुल. 2026 IST
महिलाओं की हेल्थ एजुकेशन पर बड़ा सवाल, आखिर क्यों नहीं सिखाया जाता पेल्विक फ्लोर?

महिलाओं की हेल्थ एजुकेशन पर बड़ा सवाल, आखिर क्यों नहीं सिखाया जाता पेल्विक फ्लोर?

यह एक महिला का व्यक्तिगत अनुभव है, लेकिन आज यह दुनिया भर में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़े एक बड़े मुद्दे की ओर ध्यान आकर्षित कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि पेल्विक फ्लोर शरीर का बेहद महत्वपूर्ण हिस्सा होने के बावजूद अधिकांश महिलाओं को इसके बारे में पर्याप्त जानकारी नहीं होती। यही वजह है कि कई महिलाएं वर्षों तक पेशाब रिसाव, कमर दर्द, प्रसव के बाद की समस्याओं, पेल्विक दर्द और यौन स्वास्थ्य से जुड़ी परेशानियों का सामना करती रहती हैं, लेकिन उन्हें यह समझ ही नहीं आता कि इसकी जड़ पेल्विक फ्लोर की कमजोरी या खराब कार्यप्रणाली हो सकती है।

महिला स्वास्थ्य30 जुल. 2026 IST
पीरियड्स के पहले दिन सिल्वर मेडल, ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के लिए लिखी प्रेरणा की नई कहानी

पीरियड्स के पहले दिन सिल्वर मेडल, ज्ञानेश्वरी यादव ने महिलाओं के लिए लिखी प्रेरणा की नई कहानी

भारतीय वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में महिलाओं की वेटलिफ्टिंग स्पर्धा में 111 किलोग्राम क्लीन एंड जर्क उठाकर और कुल 199 किलोग्राम का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। लेकिन इस जीत से भी ज्यादा चर्चा उस खुलासे की हो रही है, जो उन्होंने प्रतियोगिता के बाद किया। ज्ञानेश्वरी ने बताया कि जिस दिन उन्होंने यह शानदार प्रदर्शन किया, वह उनके मासिक धर्म यानी पीरियड्स का पहला दिन था।

महिला स्वास्थ्य30 जुल. 2026 IST
पुरुषों से अलग क्यों होता है महिलाओं में अस्थमा का असर? विशेषज्ञों ने बताए अहम कारण

पुरुषों से अलग क्यों होता है महिलाओं में अस्थमा का असर? विशेषज्ञों ने बताए अहम कारण

नई मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार महिलाओं में अस्थमा पुरुषों की तुलना में अधिक गंभीर हो सकता है। हार्मोनल बदलाव, गर्भावस्था, मेनोपॉज, मोटापा और स्वास्थ्य सेवाओं तक सीमित पहुंच इसके प्रमुख कारण हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि महिलाओं के लिए उनकी उम्र और स्वास्थ्य स्थिति के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना बनाई जानी चाहिए, जिससे गंभीर अटैक और अस्पताल में भर्ती होने के मामलों को कम किया जा सके।

महिला स्वास्थ्य29 जुल. 2026 IST
IVF को लेकर फैली गलतफहमियों से रहें सावधान: क्या सिर्फ बांझपन का इलाज है IVF?

IVF को लेकर फैली गलतफहमियों से रहें सावधान: क्या सिर्फ बांझपन का इलाज है IVF?

आज भी IVF (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां मौजूद हैं। बहुत से लोग मानते हैं कि IVF केवल बांझपन (Infertility) का इलाज है या एक बार IVF असफल होने के बाद माता-पिता बनने की उम्मीद खत्म हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये धारणाएं पूरी तरह सही नहीं हैं। सही समय पर जांच, उचित उपचार और वैज्ञानिक जानकारी से कई दंपतियों का माता-पिता बनने का सपना साकार हो सकता है।

महिला स्वास्थ्य23 जुल. 2026 IST
BMC के स्तन कैंसर महाअभियान में 27,886 महिलाओं की जांच, शुरुआती पहचान से बचाई जा सकती हैं हजारों जानें।

BMC के स्तन कैंसर महाअभियान में 27,886 महिलाओं की जांच, शुरुआती पहचान से बचाई जा सकती हैं हजारों जानें।

बीएमसी ने मुंबई में 298 स्थानों पर आयोजित स्तन कैंसर महाअभियान के तहत 27,886 महिलाओं की स्क्रीनिंग की। इस उपलब्धि को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी स्थान मिला। अभियान का उद्देश्य महिलाओं में स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान कर समय पर इलाज सुनिश्चित करना है। संदिग्ध मामलों को टाटा मेमोरियल, केईएम और अन्य विशेषज्ञ अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

महिला स्वास्थ्य23 जुल. 2026 IST
मेकअप से स्किन तक, क्या आपके ब्यूटी प्रोडक्ट सुरक्षित हैं? FDA की जांच में उठे सवाल

मेकअप से स्किन तक, क्या आपके ब्यूटी प्रोडक्ट सुरक्षित हैं? FDA की जांच में उठे सवाल

ब्यूटी और स्किन केयर प्रोडक्ट्स का बढ़ता इस्तेमाल अब स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय बन गया है। बाजार में बिक रहे नकली कॉस्मेटिक्स, बिना लाइसेंस वाले उत्पाद और गलत लेबलिंग वाले प्रोडक्ट्स को लेकर महाराष्ट्र FDA ने निगरानी बढ़ा दी है। चेहरे, त्वचा और बालों पर सीधे इस्तेमाल होने वाले इन उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि खराब या नकली कॉस्मेटिक्स से स्किन एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

महिला स्वास्थ्य20 जुल. 2026 IST
57% महिलाएं एनीमिया की चपेट में, सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत क्या है?

57% महिलाएं एनीमिया की चपेट में, सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत क्या है?

भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक एनीमिया (खून की कमी) बनी हुई है। सरकार की ओर से आयरन-फोलिक एसिड (IFA) सप्लीमेंट, पोषण अभियान और एनीमिया मुक्त भारत जैसे कार्यक्रम चलाए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं अब भी आयरन की कमी से प्रभावित हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार देश में 15 से 49 वर्ष की करीब 57 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं, वहीं गर्भवती महिलाओं में भी यह समस्या गंभीर बनी हुई है।

महिला स्वास्थ्य20 जुल. 2026 IST
महिलाओं की आर्थिक ताकत से बच्चों के पोषण तक, महाराष्ट्र की योजनाओं का सच

महिलाओं की आर्थिक ताकत से बच्चों के पोषण तक, महाराष्ट्र की योजनाओं का सच

महाराष्ट्र महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) की ओर से महिलाओं और बच्चों के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना, मिशन शक्ति, मिशन पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाओं के जरिए सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता, सुरक्षा सेवाएं, पोषण सुविधाएं और बच्चों को संरक्षण देने का प्रयास कर रही है।

महिला स्वास्थ्य20 जुल. 2026 IST
रजोनिवृत्ति (Menopause) पर तमिलनाडु की बड़ी पहल, महिलाओं के लिए बनेगी अलग सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति।

रजोनिवृत्ति (Menopause) पर तमिलनाडु की बड़ी पहल, महिलाओं के लिए बनेगी अलग सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति।

तमिलनाडु सरकार रजोनिवृत्ति (Menopause) से गुजर रही महिलाओं के लिए अलग सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति बनाने की तैयारी कर रही है। सरकार इंडियन मेनोपॉज सोसाइटी और विशेषज्ञों से सलाह लेकर ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे महिलाओं के स्वास्थ्य का दायरा प्रजनन स्वास्थ्य से आगे बढ़ाकर मध्यम आयु और रजोनिवृत्ति से जुड़ी समस्याओं तक विस्तारित किया जा सके।

महिला स्वास्थ्य19 जुल. 2026 IST
गोरेगाव में महिला पर गिरा सूखा पेड़, पीड़ित परिवार ने लगाया BMC पर लापरवाही का आरोप

गोरेगाव में महिला पर गिरा सूखा पेड़, पीड़ित परिवार ने लगाया BMC पर लापरवाही का आरोप

मुंबई के गोरेगाव पश्चिम में हनुमान नगर इलाके में बुधवार दोपहर करीब एक बजे छह महीने की एक गर्भवती महिला पर अचानक एक सूखा पेड़ गिर गया। इस हादसे में 26 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तुरंत कूपर अस्पताल के सर्जिकल आईसीयू (SICU) में भर्ती कराया गया है।

महिला स्वास्थ्य17 जुल. 2026 IST
इकलौते बेटे की मौत के बाद 52 वर्षीय महिला को मिली मातृत्व की उम्मीद, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने IVF की दी अनुमति

इकलौते बेटे की मौत के बाद 52 वर्षीय महिला को मिली मातृत्व की उम्मीद, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने IVF की दी अनुमति

हाईकोर्ट ने कहा- केवल उम्र IVF से इनकार का आधार नहीं हो सकती, मेडिकल फिटनेस और विशेषज्ञों की राय होगी निर्णायक

महिला स्वास्थ्य17 जुल. 2026 IST
कमाई नहीं तो माता-पिता देंगे खर्च! मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अविवाहित बेटी को मिलेगा भरण-पोषण

कमाई नहीं तो माता-पिता देंगे खर्च! मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अविवाहित बेटी को मिलेगा भरण-पोषण

9 जुलाई 2026 के आदेश में न्यायमूर्ति द्वारका धीश बंसल ने कहा- यदि वयस्क अविवाहित बेटी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं है तो माता-पिता उसका भरण-पोषण करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य हैं।

महिला स्वास्थ्य16 जुल. 2026 IST
बार-बार शारीरिक संबंध बनाना सहमति का सबूत नहीं, मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

बार-बार शारीरिक संबंध बनाना सहमति का सबूत नहीं, मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने एक ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी महिला के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनने मात्र से कानूनन यह नहीं माना जा सकता कि संबंध पूरी तरह उसकी स्वतंत्र और वैध सहमति से थे। अदालत ने धोखे, जबरदस्ती और ब्लैकमेल के दोषी टी. कासी उर्फ सूजी की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखते हुए यह महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है।

महिला स्वास्थ्य16 जुल. 2026 IST
जिंदगी और मौत की जंग: सड़क नहीं थी, तो अपनों ने चादर की डोली बनाकर बचाई गर्भवती महिला की जान

जिंदगी और मौत की जंग: सड़क नहीं थी, तो अपनों ने चादर की डोली बनाकर बचाई गर्भवती महिला की जान

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले से सामने आई एक घटना ने आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खालापुर तालुका के ऊंबराने वाडी में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला तक एम्बुलेंस सड़क के अभाव में नहीं पहुंच सकी। मजबूरी में ग्रामीणों ने चादर का अस्थायी झूला बनाया और महिला को कई किलोमीटर तक कंधों पर उठाकर जंगल और उफनते नालों को पार करते हुए अस्पताल पहुंचाया।

महिला स्वास्थ्य15 जुल. 2026 IST
'गोरी ब्यूटी क्रीम' के इस्तेमाल से बढ़ रहा है किडनी फेलियर !

'गोरी ब्यूटी क्रीम' के इस्तेमाल से बढ़ रहा है किडनी फेलियर !

महाराष्ट्र FDA ने पाकिस्तान निर्मित 'गोरी ब्यूटी क्रीम' (Goree Beauty Cream) सहित तीन स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम्स पर प्रतिबंध लगा दिया है | लैब जांच में इन क्रीमों में मरकरी (पारा) की मात्रा तय सीमा से 752 गुना तक अधिक और लेड (सीसा) का खतरनाक स्तर पाया गया है |

महिला स्वास्थ्य14 जुल. 2026 IST
राजधानी में परिवार नियोजन को लेकर बढ़ी जागरूकता, महिलाओं की बढ़ी भागीदारी से जनसंख्या नियंत्रण को मिल रही मजबूती

राजधानी में परिवार नियोजन को लेकर बढ़ी जागरूकता, महिलाओं की बढ़ी भागीदारी से जनसंख्या नियंत्रण को मिल रही मजबूती

लखनऊ: परिवार नियोजन को लेकर महिलाओं में बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक असर अब सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। स्वास्थ्य विभाग और सरकारी अस्पतालों के आंकड़े बताते हैं कि दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन अपनाने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे न केवल छोटे परिवार की सोच को बल मिला है, बल्कि जनसंख्या वृद्धि की रफ्तार को नियंत्रित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में महिला नसबंदी और अन्य परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ लेने वाली महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों, बेहतर परामर्श सेवाओं और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं का परिणाम है।

महिला स्वास्थ्य13 जुल. 2026 IST