महिला स्वास्थ्य

IVF को लेकर फैली गलतफहमियों से रहें सावधान: क्या सिर्फ बांझपन का इलाज है IVF?

IVF को लेकर फैली गलतफहमियों से रहें सावधान: क्या सिर्फ बांझपन का इलाज है IVF?

आज भी IVF (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन) को लेकर समाज में कई तरह की भ्रांतियां मौजूद हैं। बहुत से लोग मानते हैं कि IVF केवल बांझपन (Infertility) का इलाज है या एक बार IVF असफल होने के बाद माता-पिता बनने की उम्मीद खत्म हो जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि ये धारणाएं पूरी तरह सही नहीं हैं। सही समय पर जांच, उचित उपचार और वैज्ञानिक जानकारी से कई दंपतियों का माता-पिता बनने का सपना साकार हो सकता है।

महिला स्वास्थ्य23 जुल. 2026 IST
BMC के स्तन कैंसर महाअभियान में 27,886 महिलाओं की जांच, शुरुआती पहचान से बचाई जा सकती हैं हजारों जानें।

BMC के स्तन कैंसर महाअभियान में 27,886 महिलाओं की जांच, शुरुआती पहचान से बचाई जा सकती हैं हजारों जानें।

बीएमसी ने मुंबई में 298 स्थानों पर आयोजित स्तन कैंसर महाअभियान के तहत 27,886 महिलाओं की स्क्रीनिंग की। इस उपलब्धि को एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी स्थान मिला। अभियान का उद्देश्य महिलाओं में स्तन कैंसर की शुरुआती पहचान कर समय पर इलाज सुनिश्चित करना है। संदिग्ध मामलों को टाटा मेमोरियल, केईएम और अन्य विशेषज्ञ अस्पतालों में रेफर किया जाएगा।

महिला स्वास्थ्य23 जुल. 2026 IST
मेकअप से स्किन तक, क्या आपके ब्यूटी प्रोडक्ट सुरक्षित हैं? FDA की जांच में उठे सवाल

मेकअप से स्किन तक, क्या आपके ब्यूटी प्रोडक्ट सुरक्षित हैं? FDA की जांच में उठे सवाल

ब्यूटी और स्किन केयर प्रोडक्ट्स का बढ़ता इस्तेमाल अब स्वास्थ्य सुरक्षा के लिहाज से भी चिंता का विषय बन गया है। बाजार में बिक रहे नकली कॉस्मेटिक्स, बिना लाइसेंस वाले उत्पाद और गलत लेबलिंग वाले प्रोडक्ट्स को लेकर महाराष्ट्र FDA ने निगरानी बढ़ा दी है। चेहरे, त्वचा और बालों पर सीधे इस्तेमाल होने वाले इन उत्पादों की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि खराब या नकली कॉस्मेटिक्स से स्किन एलर्जी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

महिला स्वास्थ्य20 जुल. 2026 IST
57% महिलाएं एनीमिया की चपेट में, सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत क्या है?

57% महिलाएं एनीमिया की चपेट में, सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत क्या है?

भारत में महिलाओं के स्वास्थ्य से जुड़ी सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक एनीमिया (खून की कमी) बनी हुई है। सरकार की ओर से आयरन-फोलिक एसिड (IFA) सप्लीमेंट, पोषण अभियान और एनीमिया मुक्त भारत जैसे कार्यक्रम चलाए जाने के बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं अब भी आयरन की कमी से प्रभावित हैं। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार देश में 15 से 49 वर्ष की करीब 57 प्रतिशत महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं, वहीं गर्भवती महिलाओं में भी यह समस्या गंभीर बनी हुई है।

महिला स्वास्थ्य20 जुल. 2026 IST
महिलाओं की आर्थिक ताकत से बच्चों के पोषण तक, महाराष्ट्र की योजनाओं का सच

महिलाओं की आर्थिक ताकत से बच्चों के पोषण तक, महाराष्ट्र की योजनाओं का सच

महाराष्ट्र महिला एवं बाल विकास विभाग (WCD) की ओर से महिलाओं और बच्चों के सामाजिक, आर्थिक और स्वास्थ्य विकास के लिए कई महत्वपूर्ण योजनाएं संचालित की जा रही हैं। मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना, मिशन शक्ति, मिशन पोषण 2.0, मिशन वात्सल्य और वन स्टॉप सेंटर जैसी योजनाओं के जरिए सरकार महिलाओं को आर्थिक सहायता, सुरक्षा सेवाएं, पोषण सुविधाएं और बच्चों को संरक्षण देने का प्रयास कर रही है।

महिला स्वास्थ्य20 जुल. 2026 IST
रजोनिवृत्ति (Menopause) पर तमिलनाडु की बड़ी पहल, महिलाओं के लिए बनेगी अलग सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति।

रजोनिवृत्ति (Menopause) पर तमिलनाडु की बड़ी पहल, महिलाओं के लिए बनेगी अलग सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति।

तमिलनाडु सरकार रजोनिवृत्ति (Menopause) से गुजर रही महिलाओं के लिए अलग सार्वजनिक स्वास्थ्य नीति बनाने की तैयारी कर रही है। सरकार इंडियन मेनोपॉज सोसाइटी और विशेषज्ञों से सलाह लेकर ऐसी व्यवस्था विकसित करना चाहती है, जिससे महिलाओं के स्वास्थ्य का दायरा प्रजनन स्वास्थ्य से आगे बढ़ाकर मध्यम आयु और रजोनिवृत्ति से जुड़ी समस्याओं तक विस्तारित किया जा सके।

महिला स्वास्थ्य19 जुल. 2026 IST
गोरेगाव में महिला पर गिरा सूखा पेड़, पीड़ित परिवार ने लगाया BMC पर लापरवाही का आरोप

गोरेगाव में महिला पर गिरा सूखा पेड़, पीड़ित परिवार ने लगाया BMC पर लापरवाही का आरोप

मुंबई के गोरेगाव पश्चिम में हनुमान नगर इलाके में बुधवार दोपहर करीब एक बजे छह महीने की एक गर्भवती महिला पर अचानक एक सूखा पेड़ गिर गया। इस हादसे में 26 वर्षीय महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे तुरंत कूपर अस्पताल के सर्जिकल आईसीयू (SICU) में भर्ती कराया गया है।

महिला स्वास्थ्य17 जुल. 2026 IST
इकलौते बेटे की मौत के बाद 52 वर्षीय महिला को मिली मातृत्व की उम्मीद, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने IVF की दी अनुमति

इकलौते बेटे की मौत के बाद 52 वर्षीय महिला को मिली मातृत्व की उम्मीद, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने IVF की दी अनुमति

हाईकोर्ट ने कहा- केवल उम्र IVF से इनकार का आधार नहीं हो सकती, मेडिकल फिटनेस और विशेषज्ञों की राय होगी निर्णायक

महिला स्वास्थ्य17 जुल. 2026 IST
कमाई नहीं तो माता-पिता देंगे खर्च! मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अविवाहित बेटी को मिलेगा भरण-पोषण

कमाई नहीं तो माता-पिता देंगे खर्च! मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, अविवाहित बेटी को मिलेगा भरण-पोषण

9 जुलाई 2026 के आदेश में न्यायमूर्ति द्वारका धीश बंसल ने कहा- यदि वयस्क अविवाहित बेटी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं है तो माता-पिता उसका भरण-पोषण करने के लिए कानूनी रूप से बाध्य हैं।

महिला स्वास्थ्य16 जुल. 2026 IST
बार-बार शारीरिक संबंध बनाना सहमति का सबूत नहीं, मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

बार-बार शारीरिक संबंध बनाना सहमति का सबूत नहीं, मद्रास हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने एक ऐतिहासिक फैसले में स्पष्ट किया है कि किसी महिला के साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनने मात्र से कानूनन यह नहीं माना जा सकता कि संबंध पूरी तरह उसकी स्वतंत्र और वैध सहमति से थे। अदालत ने धोखे, जबरदस्ती और ब्लैकमेल के दोषी टी. कासी उर्फ सूजी की उम्रकैद की सजा को बरकरार रखते हुए यह महत्वपूर्ण व्यवस्था दी है।

महिला स्वास्थ्य16 जुल. 2026 IST
जिंदगी और मौत की जंग: सड़क नहीं थी, तो अपनों ने चादर की डोली बनाकर बचाई गर्भवती महिला की जान

जिंदगी और मौत की जंग: सड़क नहीं थी, तो अपनों ने चादर की डोली बनाकर बचाई गर्भवती महिला की जान

महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले से सामने आई एक घटना ने आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खालापुर तालुका के ऊंबराने वाडी में प्रसव पीड़ा से जूझ रही एक गर्भवती महिला तक एम्बुलेंस सड़क के अभाव में नहीं पहुंच सकी। मजबूरी में ग्रामीणों ने चादर का अस्थायी झूला बनाया और महिला को कई किलोमीटर तक कंधों पर उठाकर जंगल और उफनते नालों को पार करते हुए अस्पताल पहुंचाया।

महिला स्वास्थ्य15 जुल. 2026 IST
'गोरी ब्यूटी क्रीम' के इस्तेमाल से बढ़ रहा है किडनी फेलियर !

'गोरी ब्यूटी क्रीम' के इस्तेमाल से बढ़ रहा है किडनी फेलियर !

महाराष्ट्र FDA ने पाकिस्तान निर्मित 'गोरी ब्यूटी क्रीम' (Goree Beauty Cream) सहित तीन स्किन-व्हाइटनिंग क्रीम्स पर प्रतिबंध लगा दिया है | लैब जांच में इन क्रीमों में मरकरी (पारा) की मात्रा तय सीमा से 752 गुना तक अधिक और लेड (सीसा) का खतरनाक स्तर पाया गया है |

महिला स्वास्थ्य14 जुल. 2026 IST
राजधानी में परिवार नियोजन को लेकर बढ़ी जागरूकता, महिलाओं की बढ़ी भागीदारी से जनसंख्या नियंत्रण को मिल रही मजबूती

राजधानी में परिवार नियोजन को लेकर बढ़ी जागरूकता, महिलाओं की बढ़ी भागीदारी से जनसंख्या नियंत्रण को मिल रही मजबूती

लखनऊ: परिवार नियोजन को लेकर महिलाओं में बढ़ती जागरूकता का सकारात्मक असर अब सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था के आंकड़ों में भी दिखाई देने लगा है। स्वास्थ्य विभाग और सरकारी अस्पतालों के आंकड़े बताते हैं कि दो बच्चों के बाद परिवार नियोजन अपनाने वाली महिलाओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। इससे न केवल छोटे परिवार की सोच को बल मिला है, बल्कि जनसंख्या वृद्धि की रफ्तार को नियंत्रित करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, वर्ष 2025-26 में सरकारी अस्पतालों में महिला नसबंदी और अन्य परिवार नियोजन सेवाओं का लाभ लेने वाली महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव लगातार चलाए जा रहे जागरूकता अभियानों, बेहतर परामर्श सेवाओं और सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं का परिणाम है।

महिला स्वास्थ्य13 जुल. 2026 IST