पर्यावरण

अगले 48 घंटे बेहद अहम: IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी

अगले 48 घंटे बेहद अहम: IMD ने कई राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान की चेतावनी दी

देश के कई हिस्सों में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने महाराष्ट्र, गुजरात, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटों के दौरान कई क्षेत्रों में लगातार मूसलाधार बारिश हो सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक, बिजली गिरने और 40 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

पर्यावरण27 जुल. 2026 IST
छत्रपति संभाजीनगर में तेल्या रोग के कहर से परेशान किसान ने 400 अनार के पेड़ों पर चलाया जेसीबी

छत्रपति संभाजीनगर में तेल्या रोग के कहर से परेशान किसान ने 400 अनार के पेड़ों पर चलाया जेसीबी

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर जिले के पैठन तालुका स्थित गेवराई मर्दा गांव में भारी आर्थिक नुकसान और भयंकर 'तेल्या' (जीवाणुजन्य करपा) बीमारी के प्रकोप के कारण बेबस होकर किसान ज्ञानदेव सांगले ने अपने 400 अनार के फलदार पेड़ों पर जेसीबी मशीन चलाकर पूरी बाग उखाड़ दी।

पर्यावरण27 जुल. 2026 IST
हिमालयी झील को बचाने की अनोखी पहल, त्सोमगो में पर्यटन शुल्क से हो रहा पर्यावरण संरक्षण

हिमालयी झील को बचाने की अनोखी पहल, त्सोमगो में पर्यटन शुल्क से हो रहा पर्यावरण संरक्षण

सिक्किम की प्रसिद्ध त्सोमगो झील बढ़ते पर्यटन और कचरे के दबाव के बावजूद सामुदायिक संरक्षण की एक प्रभावी मिसाल पेश कर रही है। स्थानीय समुदाय, प्रशासन और संरक्षण समितियां मिलकर कचरा संग्रहण, छंटाई, सफाई और पर्यावरण जागरूकता पर काम कर रही हैं। पर्यटकों से मिलने वाले संरक्षण शुल्क का उपयोग भी झील की सफाई और संरक्षण गतिविधियों में किया जाता है। हालांकि, बढ़ता पर्यटन और जलवायु परिवर्तन भविष्य में बड़ी चुनौतियां बन सकते हैं, इसलिए जिम्मेदार पर्यटन, बेहतर कचरा प्रबंधन और वैज्ञानिक निगरानी के साथ स्थानीय समुदाय की भागीदारी को मजबूत करना जरूरी है।

पर्यावरण27 जुल. 2026 IST
महाराष्ट्र में मानसून हुआ उग्र, मुंबई-ठाणे समेत पूरे राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी

महाराष्ट्र में मानसून हुआ उग्र, मुंबई-ठाणे समेत पूरे राज्य में भारी बारिश का अलर्ट जारी

अरब सागर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता और राजस्थान से बनी शीयर ज़ोन प्रणाली के चलते इस पूरे सप्ताह महाराष्ट्र में आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा।

पर्यावरण27 जुल. 2026 IST
शाहपुर में बादल फटने से बारिश का कहर, झरने में बहे पर्यटक; एक की मौत, एक लापता

शाहपुर में बादल फटने से बारिश का कहर, झरने में बहे पर्यटक; एक की मौत, एक लापता

महाराष्ट्र के ठाणे जिले के शाहपुर तालुका में रविवार को बादल फटने जैसी भारी बारिश के कारण चोंढे झरने में अचानक आई बाढ़ ने बड़ा हादसा कर दिया। कल्याण से घूमने आए पांच पर्यटक तेज बहाव में बह गए। इनमें से तीन लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि एक युवक की मौत हो गई और एक अन्य अब भी लापता है। प्रशासन, पुलिस और बचाव दल लगातार राहत एवं खोज अभियान चला रहे हैं। लोगों से मानसून के दौरान झरनों और नदी-नालों से दूर रहने की अपील की गई है।

पर्यावरण27 जुल. 2026 IST
Mining Water Crisis: दुनिया की 65.7% खनन इकाइयां जल जोखिम की चपेट में, भारत भी प्रभावित

Mining Water Crisis: दुनिया की 65.7% खनन इकाइयां जल जोखिम की चपेट में, भारत भी प्रभावित

दुनिया में स्वच्छ ऊर्जा और इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए जरूरी खनिजों की मांग तेजी से बढ़ रही है, लेकिन इन खनिजों के उत्पादन से जुड़ा खनन उद्योग खुद गंभीर जल संकट का सामना कर रहा है। इंटरनेशनल काउंसिल ऑन माइनिंग एंड मेटल्स (ICMM) की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया की करीब 65.7 प्रतिशत खनन और धातु उत्पादन सुविधाएं कम से कम एक महत्वपूर्ण जल जोखिम के संपर्क में हैं। 12,000 से अधिक खनन सुविधाओं के अध्ययन में जल तनाव, सूखा, बाढ़ और पानी की उपलब्धता में उतार-चढ़ाव को प्रमुख खतरे के रूप में सामने रखा गया है। रिपोर्ट में मध्य भारत को भी ऐसे क्षेत्रों में शामिल किया गया है जहां खनन गतिविधियां कई तरह के जल जोखिमों का सामना कर सकती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि पानी की कमी और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को नजरअंदाज किया गया तो इसका असर न केवल खनन उद्योग बल्कि वैश्विक स्वच्छ ऊर्जा संक्रमण और महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।

पर्यावरण27 जुल. 2026 IST
भारत के जंगलों सिर्फ पेड़ों की संख्या नहीं, इंसान और प्रकृति के बदलते रिश्ते की भी कहानी

भारत के जंगलों सिर्फ पेड़ों की संख्या नहीं, इंसान और प्रकृति के बदलते रिश्ते की भी कहानी

भारत के जंगलों की कहानी केवल वन क्षेत्र बढ़ने या घटने के आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रकृति, मानव समाज, आदिवासी समुदायों, आर्थिक विकास और बदलती पर्यावरणीय नीतियों के बीच लंबे रिश्ते को दर्शाती है। देश में वन और वृक्ष आवरण में वृद्धि के सकारात्मक संकेत जरूर हैं, लेकिन प्राकृतिक जंगलों की गुणवत्ता, जैव विविधता, वन्यजीवों के आवास, जल सुरक्षा और स्थानीय समुदायों के अधिकारों को भी समान महत्व देना जरूरी है। जलवायु परिवर्तन के दौर में भारत के लिए ऐसी वन नीति की जरूरत है जो संरक्षण, विकास और स्थानीय आजीविका के बीच संतुलन बनाए और केवल पेड़ लगाने के बजाय स्वस्थ प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र को प्राथमिकता दे।

पर्यावरण27 जुल. 2026 IST
हिमाचल में भारी बारिश और भूस्खलन का कहर, 13 लोगों की मौत; अब आपदा प्रबंधन पर नजर

हिमाचल में भारी बारिश और भूस्खलन का कहर, 13 लोगों की मौत; अब आपदा प्रबंधन पर नजर

हिमाचल प्रदेश में मानसून के दौरान भारी बारिश और भूस्खलन ने एक बार फिर राज्य में बढ़ते आपदा जोखिम को उजागर किया है। लाहौल-स्पीति के उदयपुर क्षेत्र में कधु नाला के पास पहाड़ी से गिरे मलबे और चट्टानों की चपेट में आने से 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हुए। यह हादसा ऐसे समय हुआ है जब हिमाचल में भारी बारिश के कारण सड़कें बंद होने, भूस्खलन और अचानक बाढ़ की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन से जुड़े मौसम के बदलते पैटर्न, कम समय में अत्यधिक बारिश, पहाड़ी ढलानों की अस्थिरता और संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ता निर्माण आपदा के जोखिम को और गंभीर बना सकते हैं। लगातार हो रही घटनाओं ने हिमाचल के विकास मॉडल, सड़क निर्माण और पहाड़ी क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे की योजना पर भी सवाल खड़े किए हैं। अब जरूरत केवल आपदा के बाद राहत और पुनर्निर्माण की नहीं, बल्कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की वैज्ञानिक पहचान, मजबूत पूर्व चेतावनी प्रणाली, सुरक्षित सड़क निर्माण और जलवायु-संवेदनशील विकास नीति अपनाने की है।

पर्यावरण27 जुल. 2026 IST
हैदराबाद का स्टार्टअप Goodeebag रीसाइक्लिंग को बना रहा आसान, घर से उठ रहा सूखा कचरा

हैदराबाद का स्टार्टअप Goodeebag रीसाइक्लिंग को बना रहा आसान, घर से उठ रहा सूखा कचरा

हैदराबाद का स्टार्टअप Goodeebag लोगों को घर से सूखा कचरा उठाने और उसे रीसाइक्लिंग तक पहुंचाने की सुविधा दे रहा है। ऐप के जरिए पिकअप बुक करने पर उपयोगकर्ताओं को रिवॉर्ड पॉइंट भी मिलते हैं। यह मॉडल स्रोत पर कचरा अलग करने को बढ़ावा देकर लैंडफिल पर दबाव कम करने, रीसाइक्लिंग बढ़ाने और लोगों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की आदत विकसित करने में मदद कर सकता है।

पर्यावरण24 जुल. 2026 IST
हिमाचल में चट्टान गिरने से गंभीर हादसा

हिमाचल में चट्टान गिरने से गंभीर हादसा

हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले में एक दर्दनाक हादसा हुआ, जहां पहाड़ से गिरे बड़े बोल्डरों ने एक टैक्सी को कुचल दिया। इस घटना में कम से कम 13 लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है। हादसा खराब मौसम और भूस्खलन के कारण हुआ, जिससे वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। प्रशासन और बचाव दल मौके पर राहत कार्य में जुटे हैं, जबकि मृतकों की आधिकारिक संख्या की पुष्टि अभी बाकी है।

पर्यावरण24 जुल. 2026 IST
मौसम की मार से कृषि क्षेत्र बेहाल, किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा पर बढ़ा खतरा

मौसम की मार से कृषि क्षेत्र बेहाल, किसानों की आय और खाद्य सुरक्षा पर बढ़ा खतरा

भारत में बाढ़, अत्यधिक बारिश, सूखा, चक्रवात और गर्मी जैसी हाइड्रो-मौसम विज्ञान संबंधी आपदाओं का कृषि क्षेत्र पर असर लगातार बढ़ रहा है। संसद में सामने आए सरकारी आंकड़े बताते हैं कि अलग-अलग वर्षों में लाखों हेक्टेयर कृषि भूमि ऐसी आपदाओं से प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर किसानों की आय, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और खाद्य सुरक्षा पर पड़ता है। बदलते जलवायु पैटर्न के बीच भारत को अब केवल आपदा के बाद मुआवजा देने के बजाय पहले से तैयारी पर जोर देना होगा। बेहतर मौसम पूर्वानुमान, शुरुआती चेतावनी, जलवायु-सहिष्णु फसलें, फसल विविधीकरण, जल संरक्षण, मजबूत फसल बीमा और तकनीक आधारित नुकसान आकलन किसानों को भविष्य के मौसमीय जोखिमों से बचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

पर्यावरण24 जुल. 2026 IST
E20 लक्ष्य हासिल करने के बाद अब क्या? इथेनॉल के लिए स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स मजबूत करने की जरूरत

E20 लक्ष्य हासिल करने के बाद अब क्या? इथेनॉल के लिए स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स मजबूत करने की जरूरत

भारत ने पेट्रोल में 20 प्रतिशत इथेनॉल मिश्रण यानी E20 का लक्ष्य हासिल कर लिया है, लेकिन अब इथेनॉल मिशन के सामने सबसे बड़ी चुनौती उत्पादन बढ़ाने के बजाय मजबूत सप्लाई चेन और इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने की है। डिस्टिलरी से तेल कंपनियों के डिपो और पेट्रोल पंप तक इथेनॉल पहुंचाने के लिए पर्याप्त स्टोरेज, परिवहन, ब्लेंडिंग सुविधाओं और गुणवत्ता नियंत्रण की जरूरत होगी। साथ ही गन्ने के साथ मक्का जैसे वैकल्पिक फीडस्टॉक को बढ़ावा देने, किसानों के लिए स्थिर बाजार सुनिश्चित करने और जल सुरक्षा व खाद्य सुरक्षा के बीच संतुलन बनाने की भी आवश्यकता है। मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और स्थिर नीति के साथ इथेनॉल भारत की ऊर्जा सुरक्षा, कच्चे तेल के आयात में कमी, विदेशी मुद्रा बचत और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

पर्यावरण24 जुल. 2026 IST
BMC के HMIS पर खर्च हुए 100 करोड़, अब नए सॉफ्टवेयर से अस्पतालों को डिजिटल बनाने की तैयारी।

BMC के HMIS पर खर्च हुए 100 करोड़, अब नए सॉफ्टवेयर से अस्पतालों को डिजिटल बनाने की तैयारी।

मुंबई: BMC के अस्पतालों में हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) को लेकर एक बार फिर सवाल उठ रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, करीब नौ वर्षों में इस सिस्टम पर लगभग 100 करोड़ रुपये खर्च किए गए, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद अब इसे नए सिरे से लागू करने की कोशिश की जा रही है। HMIS का उद्देश्य मरीजों के रिकॉर्ड, अपॉइंटमेंट, जांच रिपोर्ट, बेड प्रबंधन और अस्पताल प्रशासन को डिजिटल और एकीकृत बनाना है। यदि नया सिस्टम प्रभावी तरीके से लागू होता है, तो मरीजों को तेज सेवाएं, डिजिटल मेडिकल रिकॉर्ड और बेहतर बेड उपलब्धता जैसी सुविधाएं मिल सकती हैं। साथ ही BMC अस्पतालों में संसाधनों और स्वास्थ्य सेवाओं का प्रबंधन भी अधिक कुशल हो सकता है। हालांकि, नई व्यवस्था की सफलता के लिए पुराने सिस्टम की कमियों की समीक्षा, डेटा सुरक्षा, कर्मचारियों का प्रशिक्षण, पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी होगी।

पर्यावरण24 जुल. 2026 IST
गन्ने की खेती ने पकड़ी रफ्तार, पर सूखा और घटता भूजल बना बड़ा खतरा

गन्ने की खेती ने पकड़ी रफ्तार, पर सूखा और घटता भूजल बना बड़ा खतरा

महाराष्ट्र और कर्नाटक के अर्ध-शुष्क इलाकों में पिछले दो दशकों के दौरान गन्ने की उत्पादकता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। बेहतर सिंचाई, उन्नत किस्मों और कृषि तकनीकों ने उत्पादन बढ़ाने में मदद की है, लेकिन जलवायु परिवर्तन, सूखा, बढ़ता तापमान और भूजल पर दबाव इस प्रगति की स्थिरता पर सवाल खड़े कर रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार भविष्य में गन्ने की खेती की सफलता केवल अधिक उत्पादन से नहीं, बल्कि कम पानी में बेहतर उपज, ड्रिप सिंचाई, जल संरक्षण और जलवायु-स्मार्ट कृषि तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल से तय होगी। महाराष्ट्र और कर्नाटक के लिए स्थानीय जल उपलब्धता के आधार पर फसल योजना और जल प्रबंधन को प्राथमिकता देना जरूरी है।

पर्यावरण24 जुल. 2026 IST
अगले 48 घंटे भारी! IMD ने कई राज्यों के लिए जारी की बारिश की चेतावनी

अगले 48 घंटे भारी! IMD ने कई राज्यों के लिए जारी की बारिश की चेतावनी

भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में अगले 24–48 घंटों के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान और अन्य राज्यों के लिए रेड एवं ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

पर्यावरण24 जुल. 2026 IST
वायु प्रदूषण से बढ़ सकता है बच्चों में मस्तिष्क कैंसर का खतरा, क्या कहती है नई रिसर्च!

वायु प्रदूषण से बढ़ सकता है बच्चों में मस्तिष्क कैंसर का खतरा, क्या कहती है नई रिसर्च!

महानगरों में बढ़ते वायु प्रदूषण को लेकर नई रिसर्च ने चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के अनुसार डीजल, पेट्रोल और कोयले के धुएं से निकलने वाले पीएम2.5, नाइट्रोजन डाइऑक्साइड (NO₂) और पॉलीसाइक्लिक एरोमैटिक हाइड्रोकार्बन (PAHs) जैसे प्रदूषकों के लंबे समय तक संपर्क में रहने से बच्चों में मस्तिष्क कैंसर सहित गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी तक यह संबंध पूरी तरह निर्णायक रूप से सिद्ध नहीं हुआ है, लेकिन उपलब्ध शोध सतर्क रहने की आवश्यकता बताते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि स्वच्छ हवा, प्रदूषण नियंत्रण और बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रभावी नीतियां भविष्य में गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

पर्यावरण23 जुल. 2026 IST
भूजल, नदियां और तालाबो की सुरक्षा पर NGT सख्त, जारी किये कई अहम् दिशा-निर्देश ।

भूजल, नदियां और तालाबो की सुरक्षा पर NGT सख्त, जारी किये कई अहम् दिशा-निर्देश ।

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़े तीन अहम मामलों में सख्त रुख अपनाते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। दिल्ली में अनियंत्रित भूजल दोहन पर एनजीटी ने दिल्ली जल बोर्ड की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए और बिना निगरानी भूजल निकाल रहे होटल व गेस्ट हाउसों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने का आदेश दिया। वहीं मध्य प्रदेश में नर्मदा नदी में हजारों लीटर दूध अर्पित किए जाने के मामले में न्यायाधिकरण ने धार्मिक आस्था और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर देते हुए बड़े आयोजनों में प्रदूषण रोकने के लिए प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए। इसके अलावा अशोकनगर के तालाब में सीवेज प्रदूषण और अतिक्रमण के मामले में अतिक्रमण हटाने, सीवेज प्रबंधन और जलाशय संरक्षण के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। एनजीटी के इन आदेशों से स्पष्ट संदेश है कि जल संसाधनों का संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और प्राकृतिक संपत्तियों की सुरक्षा सरकार, प्रशासन और आम नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।

पर्यावरण23 जुल. 2026 IST
ई-रिक्शा बदल रहे हैं भारत की सवारी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मिला नया इंजन।

ई-रिक्शा बदल रहे हैं भारत की सवारी, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को मिला नया इंजन।

डाउन टू अर्थ के विश्लेषण के अनुसार भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की सबसे तेज वृद्धि ई-रिक्शा क्षेत्र में हो रही है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, दिल्ली और कई अन्य राज्यों में ई-रिक्शा अंतिम मील कनेक्टिविटी, रोजगार और प्रदूषण नियंत्रण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि चार्जिंग अवसंरचना, बैटरी प्रबंधन और सुरक्षा मानकों जैसी चुनौतियां अभी भी मौजूद हैं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि ई-रिक्शा भारत की स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था की सबसे मजबूत कड़ी बनकर उभरे हैं।

पर्यावरण22 जुल. 2026 IST
क्या कचरा जलाने से खत्म होगा भारत का वेस्ट संकट? विशेषज्ञों ने उठाए बड़े सवाल

क्या कचरा जलाने से खत्म होगा भारत का वेस्ट संकट? विशेषज्ञों ने उठाए बड़े सवाल

भारत में बढ़ते कचरा संकट के बीच वेस्ट-टू-एनर्जी संयंत्रों को समाधान के रूप में देखा जा रहा है, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि बिना कचरे के पृथक्करण के उसे जलाना दीर्घकालिक समाधान नहीं है। उनका मानना है कि भारत को पहले स्रोत स्तर पर कचरे का पृथक्करण, रिसाइक्लिंग और कम्पोस्टिंग को प्राथमिकता देनी चाहिए और केवल अवशिष्ट कचरे का वैज्ञानिक तरीके से उपयोग करना चाहिए। यही मॉडल पर्यावरण संरक्षण, सार्वजनिक स्वास्थ्य और टिकाऊ कचरा प्रबंधन के लिए सबसे प्रभावी माना जा रहा है।

पर्यावरण22 जुल. 2026 IST
जंगल-जमीन बचाने की लड़ाई, 'चिता आंदोलन' पर प्रशासन की कार्रवाई।

जंगल-जमीन बचाने की लड़ाई, 'चिता आंदोलन' पर प्रशासन की कार्रवाई।

मध्य प्रदेश के छतरपुर में केन-बेतवा लिंक परियोजना के विरोध में चल रहे 'चिता आंदोलन' को पुलिस और प्रशासन ने समाप्त करा दिया। प्रदर्शनकारी उचित मुआवजा, पुनर्वास और पर्यावरणीय प्रभावों को लेकर विरोध कर रहे हैं, जबकि प्रशासन का कहना है कि उन्हें सुरक्षा कारणों से हटाया गया। यह विवाद देश की सबसे बड़ी नदी जोड़ो परियोजनाओं में विकास और विस्थापन के बीच संतुलन की चुनौती को एक बार फिर सामने लाता है।

पर्यावरण22 जुल. 2026 IST
बीएमसी का दावा या छलावा: कागजों पर सुधरी सड़कें, जमीन पर गड्ढों का राज।

बीएमसी का दावा या छलावा: कागजों पर सुधरी सड़कें, जमीन पर गड्ढों का राज।

मुंबई में मानसून के दौरान सड़कों की बदहाली और गड्ढों की समस्या फिर से गंभीर रूप में सामने आई है। बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने शहर की 2050 किलोमीटर लंबी सड़कों में से 1700 किलोमीटर सड़कों का कॉंक्रीटीकरण पूरा करने का दावा किया है और शेष कार्य मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। हालांकि नवभारत टाइम्स की धरातली पड़ताल में कुर्ला ईस्ट, एलबीएस रोड, सीएसएमटी और फोर्ट जैसे व्यस्त और महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सड़कों पर भारी गड्ढे दिखे। बीएमसी के पॉटहोल फिक्स पोर्टल के अनुसार 3,114 गड्ढों की शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 3,018 गड्ढों को भरने का दावा बीएमसी ने किया है। गड्ढों की मरम्मत के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है।

पर्यावरण21 जुल. 2026 IST
मानसून के बावजूद नहीं भर पाए देश के बांध: खरीफ सीजन के बीच जलाशयों में पानी पिछले साल से कम, खेती और पेयजल पर बढ़ा संकट।

मानसून के बावजूद नहीं भर पाए देश के बांध: खरीफ सीजन के बीच जलाशयों में पानी पिछले साल से कम, खेती और पेयजल पर बढ़ा संकट।

केंद्रीय जल आयोग की ताजा रिपोर्ट के अनुसार 16 जुलाई 2026 तक देश के 166 प्रमुख जलाशयों में जल भंडारण कुल क्षमता का केवल 34.46 प्रतिशत है, जो पिछले वर्ष की तुलना में काफी कम है। पश्चिम बंगाल, तेलंगाना, बिहार और कर्नाटक सहित कई राज्यों में जलाशयों का स्तर सामान्य से नीचे है। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल भंडारण में जल्द सुधार नहीं हुआ तो खरीफ फसलों, पेयजल आपूर्ति और जलविद्युत उत्पादन पर असर पड़ सकता है। यह रिपोर्ट देश में जल संरक्षण और वैज्ञानिक जल प्रबंधन की आवश्यकता को फिर से रेखांकित करती है।

पर्यावरण20 जुल. 2026 IST
दिल्ली: परिवेश भवन में बनेगी सीपीसीबी की आधुनिक इमारत, सुरक्षा और तकनीकी पात्रता के नए नियम लागू।

दिल्ली: परिवेश भवन में बनेगी सीपीसीबी की आधुनिक इमारत, सुरक्षा और तकनीकी पात्रता के नए नियम लागू।

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के दिल्ली स्थित परिवेश भवन परिसर में नई बहुमंजिला इमारत के निर्माण हेतु पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा एक महत्वपूर्ण शुद्धिपत्र (Corrigendum) जारी किया गया है। इस संशोधन के जरिए निर्माण कार्य की तकनीकी पात्रता और अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) मानकों को अपग्रेड किया गया है।

पर्यावरण20 जुल. 2026 IST
रीसाइक्लिंग लक्ष्य पूरा नहीं तो भारी जुर्माना: कंपनियों पर ₹7,900 प्रति टन तक पेनल्टी।

रीसाइक्लिंग लक्ष्य पूरा नहीं तो भारी जुर्माना: कंपनियों पर ₹7,900 प्रति टन तक पेनल्टी।

भारत सरकार और केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट और EPR (Extended Producer Responsibility) नियमों को सख्ती से लागू करना शुरू कर दिया है। रीसाइक्लिंग लक्ष्य पूरा न करने वाली कंपनियों पर ₹2,900 से ₹7,900 प्रति टन तक का भारी जुर्माना लगाया जा रहा है। फर्जी EPR सर्टिफिकेट खरीदने, रजिस्ट्रेशन न कराने और समय पर रिटर्न फाइल न करने वाली कंपनियों पर भी कार्रवाई तेज हो गई है। साथ ही, 2026 से प्लास्टिक की अलग-अलग श्रेणियों के लिए रीसाइक्लिंग लक्ष्य बढ़ाए जाएंगे। महाराष्ट्र के डोंबिवली MIDC में केमिकल, पैकेजिंग और टेक्सटाइल यूनिट्स पर विशेष कार्रवाई की जा रही है, जहां कई इकाइयों को नोटिस, सस्पेंशन और बिजली-पानी कटौती जैसे कड़े कदम उठाए गए हैं।

पर्यावरण20 जुल. 2026 IST
काकीनाडा का ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट: स्वच्छ ऊर्जा की बड़ी छलांग या हजारों मछुआरों के भविष्य पर संकट?

काकीनाडा का ग्रीन हाइड्रोजन प्लांट: स्वच्छ ऊर्जा की बड़ी छलांग या हजारों मछुआरों के भविष्य पर संकट?

आंध्र प्रदेश के काकीनाडा में शुरू हुई ग्रीन हाइड्रोजन और ग्रीन अमोनिया परियोजना भारत की स्वच्छ ऊर्जा और ग्रीन फ्यूल निर्यात रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है। इस परियोजना से भारत को वैश्विक ग्रीन हाइड्रोजन बाजार में मजबूत पहचान मिलने, रोजगार सृजन, विदेशी निवेश और कार्बन उत्सर्जन में कमी जैसे बड़े लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, स्थानीय मछुआरा समुदायों ने आशंका जताई है कि समुद्री जल के विलवणीकरण (डीसैलिनेशन), अत्यधिक खारे पानी (ब्राइन) के संभावित निस्तारण और औद्योगिक गतिविधियों से समुद्री पारिस्थितिकी प्रभावित हो सकती है, जिससे मछलियों की संख्या घटने और हजारों परिवारों की आजीविका पर असर पड़ने का खतरा है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की स्वच्छ ऊर्जा महत्वाकांक्षा को सफल बनाने के लिए पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक निगरानी और स्थानीय समुदायों के हितों के बीच संतुलन बनाना बेहद आवश्यक होगा।

पर्यावरण20 जुल. 2026 IST
हरित बदलापुर की दिशा में ऐतिहासिक पहल, पर्यावरण संरक्षण के लिए नगर परिषद ने कृषि विश्वविद्यालय से किया समझौता

हरित बदलापुर की दिशा में ऐतिहासिक पहल, पर्यावरण संरक्षण के लिए नगर परिषद ने कृषि विश्वविद्यालय से किया समझौता

बदलापुर को पर्यावरण-अनुकूल, स्वच्छ और टिकाऊ शहर बनाने की दिशा में कुलगांव-बदलापुर नगर परिषद ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। नगर परिषद ने डॉ. बाळासाहेब सावंत कोंकण कृषि विद्यापीठ के साथ सामंजस्य करार (MoU) किया है। इस समझौते के तहत शहर के वैज्ञानिक हरित विकास, प्रदूषण नियंत्रण, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को कम करने के लिए आगामी दस वर्षों का व्यापक विकास खाका तैयार किया जाएगा।

पर्यावरण20 जुल. 2026 IST
तेलंगाना में अल नीनो का कहर: 40% कम बारिश से फसलों पर संकट, रेवंत सरकार ने केंद्र से मांगी विशेष सहायता।

तेलंगाना में अल नीनो का कहर: 40% कम बारिश से फसलों पर संकट, रेवंत सरकार ने केंद्र से मांगी विशेष सहायता।

अल नीनो (El Niño) के प्रभाव के कारण तेलंगाना में इस साल (2026) मानसून के दौरान 40% कम बारिश दर्ज की गई है। इस गंभीर सूखे जैसी स्थिति (Drought-like situation) से निपटने के लिए मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में राज्य कैबिनेट ने एक आपातकालीन बैठक की। सरकार ने केंद्र सरकार से तत्काल वित्तीय सहायता (Central Assistance) की मांग करने और जमीनी नुकसान का आकलन करने के लिए एक विशेष केंद्रीय टीम भेजने का अनुरोध करने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही राज्य सरकार ने पेयजल, बिजली और कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों के लिए 'वानकलम (शीतकालीन) आकस्मिक कार्य योजना' लागू कर दी है।

पर्यावरण19 जुल. 2026 IST
डोंबिवली से पंढरपुर तक निकली साइकिल वारी, प्रदूषण मुक्त जीवन का दिया संदेश

डोंबिवली से पंढरपुर तक निकली साइकिल वारी, प्रदूषण मुक्त जीवन का दिया संदेश

आषाढ़ी वारी के अवसर पर डोंबिवली के 'एक्स्ट्रीम सायकलप्रेमी' समूह के 31 साइकिल चालकों ने डोंबिवली से पंढरपुर तक की साइकिल वारी सफलतापूर्वक पूरी की। 11 वर्ष के बच्चे से लेकर 68 वर्ष के वरिष्ठ नागरिक तक इस अभियान में शामिल हुए। लगभग 10 दिनों तक चले इस सफर के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, प्रदूषण मुक्त जीवनशैली, ईंधन बचत और साइकिल संस्कृति को बढ़ावा देने का संदेश लोगों तक पहुंचाया गया।

पर्यावरण19 जुल. 2026 IST
चेंबूर हादसे से हिला प्रशासन: अब 29 लाख पेड़ों का होगा डिजिटल एक्स-रे

चेंबूर हादसे से हिला प्रशासन: अब 29 लाख पेड़ों का होगा डिजिटल एक्स-रे

मुंबई महानगरपालिका ने शहर में लगातार हो रही पेड़ गिरने की दुखद घटनाओं और मासूमों की जान जाने के बाद एक बड़ा और सुधारात्मक कदम उठाया है। मुंबई में अतिरिक्त नगर आयुक्त अविनाश ढाकने की अध्यक्षता में हुई उच्च स्तरीय बैठक में महानगर के सभी 29 लाख पेड़ों का व्यापक हेल्थ चेकअप यानी स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आधिकारिक निर्णय लिया गया है।

पर्यावरण18 जुल. 2026 IST
वायु प्रदूषण के दीर्घकालिक संपर्क से हो सकता है डिमेंशिया, WHO की नई गाइडलाइंस में बड़ी चेतावनी।

वायु प्रदूषण के दीर्घकालिक संपर्क से हो सकता है डिमेंशिया, WHO की नई गाइडलाइंस में बड़ी चेतावनी।

नया जोखिम कारक: WHO ने वर्ष 2019 के बाद पहली बार डिमेंशिया रोकथाम गाइडलाइंस में बड़ा संशोधन करते हुए वायु प्रदूषण को मस्तिष्क स्वास्थ्य के लिए एक बड़े खतरे के रूप में शामिल किया है। रोकथाम की उम्मीद: रिपोर्ट के अनुसार, यदि उच्च रक्तचाप, मधुमेह, धूम्रपान और वायु प्रदूषण जैसे 14 दैनिक व पर्यावरणीय कारकों को समय रहते नियंत्रित किया जाए, तो डिमेंशिया के 45% मामलों को रोका या टाला जा सकता है। सप्लीमेंट्स पर रोक: बिना किसी डॉक्टरी जांच या शरीर में कमी (Deficiency) के, डिमेंशिया से बचने के लिए ओमेगा-3 या विटामिन सप्लीमेंट्स के नियमित सेवन को WHO ने गैर-जरूरी बताया है।

पर्यावरण17 जुल. 2026 IST