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पूर्वांचल में बारिश का कहर: वाराणसी से गोरखपुर तक जलभराव, मकान ढहे और बांधों के फाटक खोले गए

पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। वाराणसी, मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली, आजमगढ़, भदोही, गाजीपुर, मऊ, बलिया और गोरखपुर समेत कई जिलों में बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। कहीं जलभराव तो कहीं मकान गिरने और बिजली से जुड़े हादसे सामने आए हैं। मिर्जापुर और सोनभद्र में जलाशयों का जलस्तर बढ़ने के बाद पानी की निकासी के लिए गेट खोले गए। वहीं गोरखपुर-बस्ती मंडल में भी भारी बारिश का अलर्ट जारी है और अगले कुछ दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।

Samant Dubey26 अग. 2026, 01:50 PM IST
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पूर्वांचल में बारिश का कहर: वाराणसी से गोरखपुर तक जलभराव, मकान ढहे और बांधों के फाटक खोले गए

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 25 से 27 अगस्त के बीच बारिश की गतिविधियां तेज रहने का अनुमान पहले ही जताया गया था। 26 अगस्त को मौसम विभाग के पूर्वानुमान में गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, बस्ती, संत कबीर नगर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी दी गई। मौसम की इस सक्रियता का असर अब जमीन पर भी दिखाई दे रहा है। वाराणसी और आसपास के जिलों में भारी बारिश के कारण जलभराव और हादसे हुए हैं, जबकि मिर्जापुर और सोनभद्र में लगातार बारिश से जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।

वाराणसी में बारिश से जनजीवन प्रभावित

वाराणसी में पिछले 24 घंटे के दौरान करीब 130 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। भारी बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलभराव हुआ। बीएचयू परिसर और अस्पताल के आसपास भी पानी जमा होने की सूचना सामने आई। बारिश के दौरान बिजली से जुड़े हादसों और दीवार गिरने की घटनाओं में जनहानि की रिपोर्ट भी सामने आई है। शहर में कई स्थानों पर पेड़ गिरने से आवागमन और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। वाराणसी में बारिश का असर ग्रामीण क्षेत्रों में भी दिखाई दिया, जहां बिजली गिरने और जलभराव की घटनाओं ने लोगों की परेशानी बढ़ाई।

मिर्जापुर में मकान गिरे, जरगो जलाशय के गेट खोले

मिर्जापुर में लगातार बारिश के कारण कई कच्चे मकानों को नुकसान पहुंचा। मड़िहान क्षेत्र में तीन कच्चे मकान गिरने की सूचना है। राहत की बात यह रही कि इन घटनाओं में किसी की जान जाने की जानकारी नहीं है। बारिश के कारण जरगो जलाशय का जलस्तर बढ़ने पर तीन गेट खोलकर पानी की निकासी की गई। जलाशय के आसपास प्रशासन और संबंधित विभागों की निगरानी बढ़ाई गई है।

सोनभद्र में बढ़ा बांधों का जलस्तर

सोनभद्र में भी भारी बारिश के कारण जलाशयों और नदियों का जलस्तर बढ़ गया। जिले में पिछले 24 घंटे में औसतन करीब 83 मिलीमीटर बारिश दर्ज होने की जानकारी है।जलस्तर बढ़ने के बाद नगवां बांध के चार गेट खोले गए। अधिकारियों की ओर से पानी की निकासी को नियंत्रित रखने और जलस्तर पर नजर रखने की प्रक्रिया जारी है।

आजमगढ़ और भदोही में भी जलभराव

आजमगढ़ में करीब 93.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में पानी जमा होने की समस्या सामने आई। नालियों के चोक होने से कुछ स्थानों पर जलनिकासी प्रभावित रही। भदोही में करीब 88 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। हाईवे की सर्विस लेन, कॉलोनियों और कई सार्वजनिक स्थानों पर जलभराव से लोगों को परेशानी हुई।

गाजीपुर में बारिश से मकान गिरा

गाजीपुर के दुल्लहपुर क्षेत्र में भारी बारिश के कारण एक मकान गिरने की घटना सामने आई। हादसे में घर में मौजूद दो लोगों के घायल होने की जानकारी है। बारिश के दौरान बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई। कुछ गांवों में बिजली लाइन में खराबी आने से लोगों को लंबे समय तक परेशानी का सामना करना पड़ा।

गोरखपुर में भी भारी बारिश का अलर्ट

पूर्वांचल की इस बारिश में गोरखपुर क्षेत्र को भी शामिल करना जरूरी है। 26 अगस्त के मौसम पूर्वानुमान में गोरखपुर के साथ देवरिया, कुशीनगर, बस्ती और संत कबीर नगर में बारिश की चेतावनी दी गई है। गोरखपुर के लिए उपलब्ध मौसम अपडेट में 26 अगस्त को बारिश और गरज-चमक की स्थिति दर्ज की गई है। स्थानीय पूर्वानुमान में 27 अगस्त को भी बारिश जारी रहने की संभावना है। गोरखपुर में फिलहाल उपलब्ध विश्वसनीय रिपोर्टों में वाराणसी जैसी बड़े स्तर की जनहानि की पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए इस जिले के बारे में खबर में “भारी बारिश और अलर्ट” तक सीमित रहना तथ्यात्मक रूप से ज्यादा सुरक्षित है। क्षेत्र में लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय जलनिकासी की समस्या बढ़ सकती है। गोरखपुर के खजनी क्षेत्र में 24 अगस्त को पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने के कारण सड़क पर पानी भरने और घरों तक पानी की समस्या की शिकायत भी सरकारी जल जीवन मिशन पोर्टल पर दर्ज हुई थी, हालांकि इसे सीधे 26 अगस्त की बारिश से जोड़ना उचित नहीं होगा।

देवरिया और कुशीनगर पर भी नजर

गोरखपुर के आसपास के देवरिया और कुशीनगर जिलों को भी 26 अगस्त के भारी बारिश वाले जिलों की सूची में रखा गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार इन क्षेत्रों में भी बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं। इससे गोरखपुर-बस्ती मंडल के निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है।

बलिया में बाढ़ और कटान का संकट

पूर्वांचल के पूर्वी हिस्से में बलिया में बारिश के साथ-साथ बाढ़ और कटान की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। मंगलवार की रिपोर्टों में बलिया में प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए जाने की जानकारी सामने आई है। इससे साफ है कि पूर्वांचल में बारिश का असर सिर्फ शहरी जलभराव तक सीमित नहीं है, बल्कि नदी किनारे रहने वाले इलाकों में बाढ़ का खतरा भी बना हुआ है।

मऊ और जौनपुर में भी बारिश का असर

मऊ और जौनपुर समेत पूर्वांचल के कई जिलों में बारिश के कारण निचले इलाकों में पानी भरने और सामान्य जनजीवन प्रभावित होने की स्थिति बनी हुई है। 26 अगस्त के पूर्वानुमान में जौनपुर, मऊ, आजमगढ़, बलिया, गाजीपुर, वाराणसी और चंदौली सहित कई जिलों में बारिश की चेतावनी दी गई थी।

अगले 24-48 घंटे अहम

मौसम विभाग के अनुसार 26 अगस्त को उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना बनी हुई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश की गतिविधि जारी रहने का अनुमान है। गोरखपुर के स्थानीय पूर्वानुमान में भी 27 अगस्त को बारिश की संभावना बनी हुई है। इसके बाद 28 और 29 अगस्त को गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बताई गई है।

पूर्वांचल में प्रशासन के सामने बढ़ी चुनौती

लगातार बारिश ने पूर्वांचल के कई जिलों में प्रशासन और स्थानीय निकायों के सामने जलनिकासी, सड़क यातायात और बांधों के जलस्तर की निगरानी की चुनौती बढ़ा दी है।

वाराणसी में जनहानि, मिर्जापुर में मकान गिरने, सोनभद्र में बांधों के गेट खुलने और गोरखपुर-बस्ती मंडल में भारी बारिश के अलर्ट ने पूरे पूर्वांचल में मौसम की गंभीर स्थिति को सामने ला दिया है। फिलहाल अगले 24 से 48 घंटे महत्वपूर्ण हैं। खासकर नदी, नाले, बांध और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों और मौसम संबंधी चेतावनियों पर नजर रखने की जरूरत है।