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महाराष्ट्र की आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण तीर्थ; बदलापुर के मुलगांव स्थित श्री खंडोबा मंदिर की प्रेरणादायक गाथा

ठाणे जिले के बदलापुर के समीप मुलगांव की पहाड़ी पर स्थित श्री खंडोबा मंदिर महाराष्ट्र के प्राचीन और अत्यंत श्रद्धेय मंदिरों में से एक माना जाता है। भगवान शिव के मार्तंड भैरव स्वरूप श्री खंडोबा के दर्शन के लिए वर्षभर हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं। पहाड़ी की प्राकृतिक सुंदरता, शिवकालीन परंपरा, धार्मिक उत्सव और बारवी बांध का मनमोहक दृश्य इस मंदिर को धार्मिक पर्यटन का भी प्रमुख केंद्र बनाते हैं।

Priyanka Gaikwad05 अग. 2026, 04:52 PM IST
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महाराष्ट्र की आध्यात्मिक विरासत का महत्वपूर्ण तीर्थ; बदलापुर के मुलगांव स्थित श्री खंडोबा मंदिर की प्रेरणादायक गाथा
बदलापुर शहर से कुछ दूरी पर मुलगांव की हरी-भरी पहाड़ी पर स्थित श्री खंडोबा मंदिर श्रद्धा, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र माना जाता है। शांत वातावरण, घने जंगल और पहाड़ी की चोटी पर स्थित यह मंदिर हर आने वाले श्रद्धालु को आध्यात्मिक शांति का अनुभव कराता है। यह मंदिर केवल स्थानीय लोगों की आस्था का केंद्र नहीं है, बल्कि ठाणे, मुंबई, नवी मुंबई, कल्याण, डोंबिवली, अंबरनाथ, उल्हासनगर, भिवंडी, पालघर सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। महाराष्ट्र के अनेक समाजों के लिए श्री खंडोबा कुलदेवता के रूप में पूजे जाते हैं। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार भगवान शिव ने मार्तंड भैरव का रूप धारण कर मणि और मल्ल नामक दैत्यों का संहार किया था। इसी विजय की स्मृति में श्री खंडोबा की पूजा की जाती है। इसलिए श्री खंडोबा को शौर्य, पराक्रम, न्याय और अपने भक्तों के रक्षक के रूप में श्रद्धा से पूजा जाता है।

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स्थानीय मान्यताओं के अनुसार मुलगांव का यह मंदिर शिवकाल से जुड़ा हुआ माना जाता है। कई पीढ़ियों से यहां नियमित पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है और आज भी धार्मिक रीति-रिवाजों का पालन पूरे विधि-विधान से किया जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि यहां सच्चे मन से मांगी गई मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, इसलिए इसे मनोकामना पूर्ण करने वाले जागृत देवस्थान के रूप में भी जाना जाता है। मंदिर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को पहाड़ी पर बनी लगभग 450 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। अनेक भक्त नंगे पांव यह यात्रा पूरी करते हैं। सीढ़ियों के प्रत्येक पड़ाव पर प्रकृति की अद्भुत छटा देखने को मिलती है। विशेषकर वर्षा ऋतु में पूरा क्षेत्र हरियाली से ढक जाता है और पहाड़ी पर छाई धुंध श्रद्धालुओं और पर्यटकों को विशेष रूप से आकर्षित करती है।

श्रद्धालुओं की मान्यता है कि मंदिर तक जाने वाले मार्ग पर भगवान खंडोबा के चरणचिह्न तथा उनके घोड़े के खुरों के निशान आज भी मौजूद हैं। श्रद्धालु इन पवित्र चिह्नों के दर्शन कर आगे मंदिर की ओर बढ़ते हैं। इस कारण यह पूरा मार्ग अत्यंत पवित्र माना जाता है। मंदिर के गर्भगृह में श्री खंडोबा के साथ माता म्हालसा और माता बाणाई की प्रतिमाएं विराजमान हैं। श्रद्धालु हल्दी, भंडारा, नारियल, फूल और प्रसाद अर्पित कर पूजा-अर्चना करते हैं। मंदिर परिसर में "येलकोट येलकोट जय मल्हार" के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो उठता है। मंदिर की पहाड़ी से बारवी बांध, चारों ओर फैली हरियाली, बदलापुर शहर और सह्याद्रि पर्वतमाला का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का प्राकृतिक सौंदर्य अत्यंत मनमोहक होता है।
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यही कारण है कि यह स्थान धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों, ट्रेकर्स और फोटोग्राफरों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख केंद्र बन गया है।चंपाषष्ठी यहां का सबसे बड़ा धार्मिक उत्सव माना जाता है। इस अवसर पर हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंदिर परिसर में प्रातःकाल से अभिषेक, महाआरती, भजन-कीर्तन, पालखी यात्रा तथा महाप्रसाद का आयोजन किया जाता है। इसके अलावा शाकंभरी पूर्णिमा और माघ यात्रा के अवसर पर भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां एकत्रित होते हैं। इन अवसरों पर स्थानीय ग्रामवासी और मंदिर समिति द्वारा अनेक धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
मुलगांव का श्री खंडोबा मंदिर आस्था और पर्यावरण संरक्षण का सुंदर उदाहरण भी माना जाता है। मंदिर परिसर की स्वच्छता बनाए रखने के लिए स्थानीय ग्रामवासी और स्वयंसेवी संस्थाएं समय-समय पर स्वच्छता अभियान चलाती हैं। श्रद्धालुओं से प्लास्टिक का उपयोग न करने, परिसर को स्वच्छ रखने और धार्मिक स्थल की पवित्रता बनाए रखने की अपील की जाती है। बदलापुर रेलवे स्टेशन से सड़क मार्ग द्वारा मुलगांव तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। इसके बाद पहाड़ी पर बनी सीढ़ियों के माध्यम से मंदिर तक पहुंचा जाता है। वर्षा और शीत ऋतु यहां भ्रमण के लिए सबसे उपयुक्त समय माने जाते हैं।

हालांकि बरसात के दौरान सीढ़ियां फिसलन भरी हो जाती हैं, इसलिए श्रद्धालुओं को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। धार्मिक आस्था, शिवकालीन इतिहास, पौराणिक परंपरा, प्राकृतिक सौंदर्य और हजारों श्रद्धालुओं की अटूट श्रद्धा के कारण बदलापुर के मुलगांव स्थित श्री खंडोबा मंदिर महाराष्ट्र के प्रमुख आध्यात्मिक स्थलों में अपनी विशिष्ट पहचान बनाए हुए है। अध्यात्म, इतिहास और प्रकृति का अद्भुत संगम देखने के इच्छुक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए यह मंदिर एक अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करता है।