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जंगल की आग से यूरोप परेशान, राहत और बचाव अभियान तेज

यूरोप में भीषण गर्मी, सूखे हालात और तेज हवाओं के कारण जंगल की आग ने गंभीर संकट पैदा कर दिया है। फ्रांस और स्पेन के कई इलाकों में लगी आग ने बड़े वन क्षेत्रों को नष्ट कर दिया है। हजारों दमकलकर्मी आग बुझाने में जुटे हैं, जबकि बड़ी संख्या में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। अधिकारियों ने इसे हाल के वर्षों की सबसे गंभीर प्राकृतिक आपदाओं में से एक बताया है। विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ता तापमान और जलवायु परिवर्तन ऐसी घटनाओं को और गंभीर बना रहे हैं।

Neha Sharma30 जुल. 2026, 07:17 PM IST
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जंगल की आग से यूरोप परेशान, राहत और बचाव अभियान तेज

पेरिस/मैड्रिड: यूरोप इस समय भीषण गर्मी और जंगल की आग के दोहरे संकट से जूझ रहा है। फ्रांस और स्पेन के कई हिस्सों में फैली विनाशकारी आग ने हजारों लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर कर दिया है। तेज हवाओं, सूखे जंगलों और रिकॉर्ड तापमान के कारण आग तेजी से फैल रही है, जिससे राहत और बचाव एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। फ्रांस के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों, खासकर गिरोंद (Gironde) क्षेत्र और बोर्डो के आसपास जंगल की आग ने भारी नुकसान पहुंचाया है। अधिकारियों के अनुसार, बड़े पैमाने पर वन क्षेत्र जल चुका है और प्रभावित इलाकों से लोगों को निकालकर सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है। 


फ्रांस में सबसे गंभीर स्थिति

फ्रांस में जंगल की आग ने देश के कई हिस्सों में आपात स्थिति जैसे हालात पैदा कर दिए हैं। गिरोंद क्षेत्र में लगी आग को बेहद खतरनाक बताया जा रहा है। दमकल विभाग ने आग बुझाने के लिए हजारों कर्मचारियों, सैन्य बलों और हवाई संसाधनों को तैनात किया है। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि बड़ी संख्या में लोगों को रातों-रात अपने घर खाली करने पड़े। कई परिवारों को अस्थायी राहत शिविरों में भेजा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जब तक आग पूरी तरह नियंत्रण में नहीं आ जाती, तब तक लोगों को वापस लौटने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कुछ क्षेत्रों में आग इतनी तेजी से बढ़ी कि स्थानीय प्रशासन को तत्काल निकासी अभियान चलाना पड़ा। पर्यावरण विशेषज्ञों के अनुसार, सूखे जंगल और लंबे समय से चल रही गर्मी ने आग को फैलने के लिए अनुकूल परिस्थितियां प्रदान कीं। 


स्पेन में भी जंगल की आग से हालात गंभीर

स्पेन भी इस समय बड़े पैमाने पर जंगल की आग से प्रभावित है। कई क्षेत्रों में आग को नियंत्रित करने के लिए आपात सेवाओं को लगाया गया है। कुछ इलाकों में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। स्पेन के कई हिस्सों में गर्मी की लहर और तेज हवाओं के कारण आग बुझाने के प्रयास मुश्किल हो रहे हैं। अधिकारियों ने कई क्षेत्रों में आपात तैयारियां बढ़ा दी हैं और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। कुछ प्रभावित इलाकों में वन्यजीवों को भी नुकसान पहुंचा है। जंगलों के जलने से प्राकृतिक आवास नष्ट हो रहे हैं, जिससे पर्यावरण पर लंबे समय तक असर पड़ने की आशंका है। 


जलवायु परिवर्तन बना बड़ी वजह

मौसम वैज्ञानिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों का कहना है कि यूरोप में बढ़ती गर्मी और लंबे समय तक रहने वाले सूखे की स्थिति जंगल की आग के खतरे को बढ़ा रही है। बढ़ते तापमान के कारण जंगलों में मौजूद सूखी वनस्पति आसानी से आग पकड़ लेती है और तेज हवाएं इसे तेजी से फैला देती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, जलवायु परिवर्तन के कारण भविष्य में ऐसी चरम मौसम घटनाओं की संख्या और तीव्रता बढ़ सकती है। यूरोप पहले भी कई बार हीटवेव और जंगल की आग जैसी घटनाओं का सामना कर चुका है। 


यूरोपीय संघ ने बढ़ाई मदद

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यूरोपीय संघ ने प्रभावित देशों की मदद के लिए आपात संसाधन उपलब्ध कराए हैं। कई देशों ने अतिरिक्त दमकल विमान, उपकरण और विशेषज्ञ टीमों की सहायता भेजी है।  यूरोपीय अधिकारियों ने कहा है कि बढ़ती प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए लंबे समय की रणनीति और जलवायु परिवर्तन पर प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।


पर्यावरण और अर्थव्यवस्था पर असर

जंगल की आग का असर केवल वन क्षेत्रों तक सीमित नहीं है। इससे पर्यटन, कृषि, स्थानीय अर्थव्यवस्था और वन्यजीवों पर भी गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। कई पर्यटक क्षेत्रों को खाली कराया गया है, जिससे स्थानीय व्यवसाय प्रभावित हुए हैं। वहीं, बड़े पैमाने पर जंगल नष्ट होने से जैव विविधता को नुकसान पहुंचने की चिंता बढ़ गई है।


प्रशासन की अपील

फ्रांस और स्पेन के प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को यात्रा से बचने, स्थानीय निर्देशों का पालन करने और आग से जुड़े किसी भी खतरे की तुरंत सूचना देने को कहा गया है। दमकल विभाग और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार आग पर नियंत्रण पाने की कोशिश कर रही हैं। हालांकि, मौसम की स्थिति को देखते हुए आने वाले दिन भी चुनौतीपूर्ण रहने की संभावना जताई जा रही है।