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भूकंप से हिला जापान, प्रशासन ने बढ़ाई आपात तैयारियां

जापान के क्यूशू द्वीप के कुमामोटो क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप के बाद प्रशासन ने सुनामी अलर्ट जारी किया। 7.1 तीव्रता के इस भूकंप से कई इलाकों में इमारतों, सड़कों और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। राहत एवं बचाव टीमें मलबे में फंसे लोगों की तलाश कर रही हैं और प्रभावित इलाकों में आपात सेवाएं सक्रिय कर दी गई हैं।

Neha Sharma30 जुल. 2026, 07:17 PM IST
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भूकंप से हिला जापान, प्रशासन ने बढ़ाई आपात तैयारियां

टोक्यो: जापान में मंगलवार को आए शक्तिशाली भूकंप ने कई इलाकों में दहशत पैदा कर दी। क्यूशू द्वीप के कुमामोटो प्रांत में आए इस भूकंप की तीव्रता 7.1 दर्ज की गई। तेज झटकों के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी (JMA) ने अरियाके सागर और यत्सुशिरो सागर के तटीय इलाकों के लिए सुनामी एडवाइजरी जारी की। प्रशासन ने लोगों से समुद्र तटों से दूर रहने और सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। जापान सरकार ने तुरंत आपात प्रतिक्रिया तंत्र सक्रिय कर दिया। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव और नुकसान का आकलन करने के लिए संबंधित मंत्रालयों और एजेंसियों को निर्देश दिए गए। 


भूकंप से भारी नुकसान, कई इलाकों में तबाही

भूकंप के तेज झटकों से कुमामोटो और आसपास के क्षेत्रों में कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। कुछ जगहों पर सड़कें टूट गईं, पुलों को नुकसान पहुंचा और बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ इमारतों के गिरने और आग लगने की घटनाएं भी सामने आईं। एक शॉपिंग मॉल क्षेत्र में हुए हादसे और औद्योगिक परिसर में नुकसान के बाद बचाव दल ने मलबे में फंसे लोगों को निकालने का अभियान शुरू किया। 


सुनामी अलर्ट के बाद तटीय इलाकों में सतर्कता

भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने समुद्री इलाकों में संभावित सुनामी को लेकर चेतावनी जारी की। अधिकारियों ने लोगों को समुद्र किनारे जाने से बचने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। बाद में स्थिति की समीक्षा के बाद सुनामी एडवाइजरी को हटाया गया, लेकिन प्रशासन ने लोगों को संभावित आफ्टरशॉक्स को देखते हुए सतर्क रहने को कहा। 


हजारों राहतकर्मी बचाव अभियान में जुटे

जापान सरकार और स्थानीय प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों के लिए बड़ी संख्या में कर्मियों को तैनात किया है। पुलिस, दमकल विभाग और सेल्फ डिफेंस फोर्स की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रही हैं। बचाव दल का मुख्य फोकस मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना, घायलों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सेवाएं बहाल करना है।


बिजली और पानी की सेवाएं प्रभावित

भूकंप के कारण कई क्षेत्रों में बिजली और पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई। भीषण गर्मी और उमस के बीच राहत शिविरों में रह रहे लोगों के लिए स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी सहायता केंद्र बनाए हैं।


जापान में लगातार आफ्टरशॉक का खतरा

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में आफ्टरशॉक यानी भूकंप के बाद आने वाले झटके महसूस किए जा सकते हैं। लोगों से अपील की गई है कि वे क्षतिग्रस्त इमारतों में प्रवेश न करें और आपात निर्देशों का पालन करें। जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। प्रशांत महासागर के "रिंग ऑफ फायर" क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां भूकंप और सुनामी का खतरा बना रहता है। 


प्रशासन की प्राथमिकता राहत और पुनर्निर्माण

जापानी सरकार ने कहा है कि फिलहाल सबसे बड़ी प्राथमिकता लोगों की जान बचाना, घायलों को इलाज उपलब्ध कराना और प्रभावित इलाकों में सामान्य स्थिति बहाल करना है।

राहत एजेंसियां लगातार नुकसान का आकलन कर रही हैं और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सहायता पहुंचाने का काम जारी है।