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केतन हत्याकांड में नया खुलासा, लोहागढ़ बाद में चुना गया
पुणे ग्रामीण पुलिस के अनुसार, केतन अग्रवाल हत्याकांड में लोहागढ़ किला हत्या के लिए पहली पसंद नहीं था। जांच में दावा किया गया है कि आरोपियों ने कई सप्ताह तक योजना बनाई, अन्य स्थानों की रेकी की और बाद में लोहागढ़ को चुना। मामले की जांच जारी है और दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।

पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में हर दिन नए खुलासे हो रहे हैं। अब पुणे ग्रामीण पुलिस ने दावा किया है कि हत्या के लिए लोहागढ़ किला आरोपियों की पहली पसंद नहीं था। जांच के अनुसार, आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने से पहले कई अन्य स्थानों की रेकी की थी और कई सप्ताह तक पूरी साजिश की योजना बनाई थी।
पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी ने कथित तौर पर पहले लोनावला के टाइगर पॉइंट, विसापुर किला समेत अन्य स्थानों का निरीक्षण किया था। बाद में उन्होंने लोहागढ़ किले को वारदात के लिए चुना। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों ने इस दौरान शक से बचने के तरीकों पर भी काम किया और पूरी योजना को अंजाम देने की तैयारी की।
कई हफ्तों तक चली कथित साजिश
पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने कथित तौर पर कई सप्ताह तक हत्या की योजना बनाई। जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों ने अपराध को अंजाम देने से पहले कथित रूप से "रिहर्सल" भी की थी, ताकि योजना में कोई चूक न हो। हालांकि, इन दावों की पुष्टि अभी न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होनी बाकी है।
जांच में जुटी पुलिस
पुणे ग्रामीण पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल फोन रिकॉर्ड, लोकेशन डेटा और अन्य तकनीकी सबूतों की जांच कर रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े हर पहलू की गहन जांच की जा रही है ताकि पूरी साजिश का खुलासा हो सके।
न्यायिक हिरासत में आरोपी
इस मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपी फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं। अदालत में सुनवाई के दौरान पुलिस ने जांच जारी रहने की बात कही है और नए साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया चल रही है।
केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में सामने आए नए खुलासों ने मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस का दावा है कि यह घटना अचानक नहीं, बल्कि पहले से बनाई गई कथित साजिश का हिस्सा थी। हालांकि, पुलिस के सभी आरोप अभी जांच के अधीन हैं और अंतिम निर्णय अदालत के फैसले के बाद ही होगा।
