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महाराष्ट्र सरकार का फैसला: हाईवे निर्माण की भी होगी जांच
महाराष्ट्र सरकार ने PWD के तहत होने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। 23 जुलाई 2026 से लागू नए परिपत्र के अनुसार अब राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की भी नियमित गुणवत्ता जांच की जाएगी। पहले यह जांच केवल राज्य स्तरीय परियोजनाओं तक सीमित थी। यह कदम निर्माण कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुधार के उद्देश्य से उठाया गया है, खासकर हाईवे निर्माण को लेकर मिली शिकायतों के बाद।
Neha Sharma24 जुल. 2026, 09:07 PM IST

महाराष्ट्र सरकार ने सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) के अंतर्गत होने वाले निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। सरकार ने 23 जुलाई 2026 को जारी नए परिपत्र के अनुसार दक्षता व गुणनियंत्रण मंडल (Quality Control Board) के वार्षिक निरीक्षण मानकों में बदलाव किया है। अब राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) परियोजनाओं की भी नियमित गुणवत्ता जांच की जाएगी।
क्या है नया फैसला?
अब तक दक्षता व गुणनियंत्रण मंडल द्वारा मुख्य रूप से राज्य के अंतर्गत बनने वाली सड़कें, पुल, इमारतें, मरम्मत कार्य, जिला परिषद के कार्य, रोजगार गारंटी योजना और अन्य विकास परियोजनाओं की जांच की जाती थी। लेकिन राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण कार्य इस जांच प्रक्रिया में शामिल नहीं थे। नई व्यवस्था के तहत अब PWD द्वारा कराए जा रहे राष्ट्रीय राजमार्गों के निर्माण कार्यों का भी नियमित निरीक्षण और गुणवत्ता परीक्षण किया जाएगा।
क्यों लिया गया यह निर्णय?
सरकार के अनुसार, 20 मई 2026 को सार्वजनिक निर्माण मंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों से राष्ट्रीय राजमार्गों की गुणवत्ता को लेकर मिली शिकायतों पर चर्चा हुई। इसके बाद यह निर्णय लिया गया कि इन परियोजनाओं की भी स्वतंत्र गुणवत्ता जांच कराई जाए, ताकि निर्माण कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ सके।
पुराने नियम रहेंगे लागू
सरकार ने स्पष्ट किया है कि 19 अक्टूबर 2018 के शासन परिपत्र में दिए गए अन्य सभी निर्देश पहले की तरह लागू रहेंगे। नया परिपत्र केवल निरीक्षण के दायरे का विस्तार करता है।
कब से लागू होगा आदेश - यह परिपत्र जारी होने की तारीख 23 जुलाई 2026 से तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। आदेश महाराष्ट्र सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर भी प्रकाशित किया गया है।
इस फैसले का असर
- राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं की गुणवत्ता पर अधिक निगरानी होगी।
- निर्माण कार्यों में लापरवाही और अनियमितताओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।
- जनता को बेहतर और सुरक्षित सड़क अवसंरचना मिलने की उम्मीद है।
- सरकारी परियोजनाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
महाराष्ट्र सरकार का यह फैसला सार्वजनिक निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं को भी दक्षता व गुणनियंत्रण मंडल की निगरानी में लाने से निर्माण कार्यों की नियमित जांच होगी और गुणवत्ता से जुड़ी शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई संभव हो सकेगी। इससे सरकारी धन के बेहतर उपयोग के साथ-साथ लोगों को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ सड़क अवसंरचना उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
