general

हथियार लाइसेंस घोटाला: अफजाल अंसारी पर FIR l

गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. यूपी पुलिस की जांच में हथियार लाइसेंस और उनसे जुड़े रिकॉर्ड में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आई है. इस मामले में गाजीपुर में 5 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें एक मामला अफजाल अंसारी के खिलाफ भी है. जांच में रिकॉर्ड गायब होने, फर्जी पते पर लाइसेंस जारी करने और अधिकारियों की मिलीभगत जैसी गंभीर अनियमितताएं उजागर हुई हैं.

Kashish Rai30 जुल. 2026, 07:17 PM IST
खबर शेयर करें:
हथियार लाइसेंस घोटाला: अफजाल अंसारी पर FIR l

उत्तर प्रदेश में बाहुबली नेता रहे दिवंगत मुख्तार अंसारी के परिवार और उनके करीबियों पर शिकंजा कसता जा रहा है. इसी कड़ी में गाजीपुर से सांसद अफजाल अंसारी एक बार फिर कानूनी कार्रवाई के दायरे में आ गए हैं. यूपी पुलिस ने हथियार लाइसेंस और उनसे जुड़े हथियारों की जांच के दौरान गंभीर अनियमितताएं पाए जाने के बाद गाजीपुर में कुल 5 FIR दर्ज की हैं, जिनमें एक मामला सीधे अफजाल अंसारी के खिलाफ दर्ज किया गया है. पुलिस महानिदेशक (DGP) मुख्यालय के अनुसार यह पूरी कार्रवाई यूपी स्पेशल टास्क फोर्स (STF) द्वारा जुटाई गई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई राज्य-स्तरीय जांच के बाद सामने आई है. जांच में मुख्तार अंसारी के परिवार, IS-191 गैंग के सदस्यों और उनके सहयोगियों को जारी हथियार लाइसेंस और उन लाइसेंसों के जरिए खरीदे गए हथियारों की पड़ताल की गई.


वाराणसी रेंज के पुलिस उप-महानिरीक्षक वैभव कृष्ण की निगरानी में हुई इस जांच में 43 लाइसेंस धारकों से जुड़े 80 से अधिक हथियारों का भौतिक सत्यापन किया गया. जांच के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि गाजीपुर जिलाधिकारी कार्यालय से हथियार लाइसेंस की मूल फाइलें और खरीद-बिक्री से जुड़े महत्वपूर्ण रिकॉर्ड गायब पाए गए. जांच एजेंसियों को यह भी संकेत मिले कि कुछ लाइसेंस धारकों और हथियार अनुभाग में तैनात अधिकारियों के बीच मिलीभगत थी. इसी मिलीभगत के चलते हथियारों की वास्तविक स्थिति और उनके संभावित दुरुपयोग को छिपाने के लिए रिकॉर्ड जानबूझकर गायब किए गए. इतना ही नहीं, एक मामले में आवेदक का असली पता छिपाकर फर्जी पते के आधार पर हथियार लाइसेंस हासिल करने का मामला भी सामने आया है.


अफजाल अंसारी के खिलाफ दर्ज ताजा FIR गाजीपुर के कोतवाली थाने में दर्ज की गई है. यह मामला अरुणाचल प्रदेश के अलोंग जिले से हथियार लाइसेंस लेने, राइफल की खरीद-बिक्री, उसके कथित दुरुपयोग और रिकॉर्ड गायब करने से जुड़ा है. इस मामले में पूर्व आर्म्स क्लर्क गौरी शंकर लाल और सुग्रीव तिवारी को भी आरोपी बनाया गया है. पुलिस ने इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आर्म्स एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है, जिनमें आपराधिक विश्वासघात, साजिश और धोखाधड़ी जैसी गंभीर धाराएं शामिल हैं.


पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए गाजीपुर के एडिशनल एसपी (सिटी) के नेतृत्व में एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) गठित की गई है. SIT को निर्देश दिए गए हैं कि वह आर्म्स सेक्शन से जुड़े सभी मौजूदा और पूर्व अधिकारियों की भूमिका की जांच करे और दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करे. पुलिस का कहना है कि यह जांच अभी जारी है और अगर आगे और गड़बड़ियां सामने आती हैं तो और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी. इस कार्रवाई से साफ है कि अंसारी परिवार और उनके नेटवर्क पर कानून का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है.