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गानसम्राज्ञी लता मंगेशकर पुरस्कार की जिम्मेदारी दिग्गज गायकों के कंधों पर; महाराष्ट्र सरकार ने नई चयन समिति का किया गठन
महाराष्ट्र सरकार ने गानसम्राज्ञी लता मंगेशकर पुरस्कार के चयन के लिए नई समिति का पुनर्गठन किया है। संस्कृति कार्य मंत्री की अध्यक्षता वाली इस समिति में अनुराधा पौडवाल, उदित नारायण, कुमार सानू, सोनू निगम, सुरेश वाडकर और कमलेश भडकमकर जैसे संगीत जगत के दिग्गजों को शामिल किया गया है। समिति का कार्यकाल तीन वर्ष का होगा।
Priyanka Gaikwad07 अग. 2026, 07:45 PM IST

मुंबई : महाराष्ट्र सरकार ने गानसम्राज्ञी लता मंगेशकर पुरस्कार के लिए नई चयन समिति के पुनर्गठन का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। संस्कृति कार्य विभाग ने 7 अगस्त 2026 को इस संबंध में शासनादेश (GR) जारी किया। इसके साथ ही राज्य के सबसे प्रतिष्ठित संगीत सम्मानों में शामिल इस पुरस्कार के लिए अब नई समिति योग्य हस्तियों का चयन करेगी। गानसम्राज्ञी लता मंगेशकर के जन्मदिवस के अवसर पर उनके नाम से गायन और संगीत के क्षेत्र में आजीवन उल्लेखनीय एवं उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करने के उद्देश्य से महाराष्ट्र सरकार ने वर्ष 1993 में इस पुरस्कार की शुरुआत की थी। पिछले तीन दशकों से अधिक समय में इस पुरस्कार से अनेक वरिष्ठ गायक, संगीतकार, संगीत निर्देशक तथा भारतीय संगीत जगत की प्रतिष्ठित हस्तियों को सम्मानित किया जा चुका है। संगीत क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान को सम्मानित करने वाला यह महाराष्ट्र सरकार का अत्यंत प्रतिष्ठित पुरस्कार माना जाता है।
इसका उद्देश्य समिति के कार्यों में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और नियमों के अनुरूप प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। महाराष्ट्र सरकार के इस निर्णय से गानसम्राज्ञी लता मंगेशकर पुरस्कार की चयन प्रक्रिया को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद है। अनुभवी एवं प्रतिष्ठित संगीत हस्तियों की मौजूदगी से पुरस्कार चयन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष तथा गुणवत्तापूर्ण बनेगी। साथ ही, संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करने की परंपरा को और अधिक सशक्त बनाने में यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इससे पहले 22 नवंबर 2022 को गठित चयन समिति का कार्यकाल पूरा हो चुका था। इसके बाद संस्कृति कार्य संचालनालय ने नई समिति के गठन का प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा, जिस पर विचार करते हुए सरकार ने समिति के पुनर्गठन को मंजूरी दी। अब आगामी वर्षों में पुरस्कार विजेताओं का चयन यही नई समिति करेगी। शासनादेश के अनुसार राज्य के संस्कृति कार्य मंत्री समिति के अध्यक्ष होंगे। संस्कृति कार्य विभाग के सचिव तथा संस्कृति कार्य संचालनालय के निदेशक शासकीय सदस्य के रूप में समिति में शामिल रहेंगे। पुरस्कार चयन प्रक्रिया के प्रशासनिक समन्वय और अंतिम अनुशंसाओं की जिम्मेदारी इन्हीं सदस्यों पर होगी।
इसके अलावा संगीत जगत की कई प्रतिष्ठित हस्तियों को अशासकीय सदस्य के रूप में नियुक्त किया गया है। इनमें वरिष्ठ गायिका अनुराधा पौडवाल, संगीत विशेषज्ञ कमलेश भडकमकर, प्रसिद्ध पार्श्वगायक उदित नारायण, कुमार सानू, सोनू निगम तथा सुरेश वाडकर शामिल हैं। भारतीय संगीत जगत में दशकों से योगदान देने वाले इन दिग्गजों के अनुभव का लाभ पुरस्कार चयन प्रक्रिया को मिलेगा। नई गठित समिति शासनादेश की तिथि से तीन वर्ष अथवा सरकार के अगले आदेश तक, जो भी पहले होगा, कार्यरत रहेगी। समिति पुरस्कार के लिए प्राप्त प्रस्तावों का परीक्षण करेगी, पात्र व्यक्तियों का चयन करेगी और अपनी अंतिम अनुशंसा राज्य सरकार को सौंपेगी।
समिति के अशासकीय सदस्यों को वित्त विभाग के प्रचलित नियमों के अनुसार यात्रा भत्ता और बैठक भत्ता प्रदान किया जाएगा। समिति की बैठकों, प्रशासनिक कार्यों और अन्य खर्चों का वहन संस्कृति कार्य विभाग के स्वीकृत बजट से किया जाएगा। इसके अतिरिक्त समिति के वित्तीय एवं प्रशासनिक कार्यों के लिए संस्कृति कार्य संचालनालय के निदेशक को नियंत्रण अधिकारी तथा लेखाधिकारी को आहरण एवं संवितरण अधिकारी नियुक्त किया गया है।
इसका उद्देश्य समिति के कार्यों में पारदर्शिता, वित्तीय अनुशासन और नियमों के अनुरूप प्रक्रिया सुनिश्चित करना है। महाराष्ट्र सरकार के इस निर्णय से गानसम्राज्ञी लता मंगेशकर पुरस्कार की चयन प्रक्रिया को नई दिशा और मजबूती मिलने की उम्मीद है। अनुभवी एवं प्रतिष्ठित संगीत हस्तियों की मौजूदगी से पुरस्कार चयन प्रक्रिया और अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष तथा गुणवत्तापूर्ण बनेगी। साथ ही, संगीत के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले कलाकारों को सम्मानित करने की परंपरा को और अधिक सशक्त बनाने में यह निर्णय महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
