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चंद्रचूड़ सिंह ने परिवार पर लगाया पुश्तैनी जमीन हड़पने का आरोप, 7 के खिलाफ FIR l
बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह ने उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ स्थित जलालपुर गांव की पुश्तैनी संपत्ति को लेकर अपनी बुआ गायत्री देवी, दो चचेरे भाइयों और चार अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। अभिनेता ने आरोप लगाया है कि 1997 में उनके दादा ठाकुर हरेंद्र पाल सिंह की कथित फर्जी वसीयत तैयार कर उनके दिवंगत पिता कैप्टन बलदेव सिंह को पैतृक संपत्ति के अधिकार से वंचित किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

पैसा और पुश्तैनी संपत्ति कई बार परिवारों के बीच लंबे विवाद की वजह बन जाती है। बॉलीवुड अभिनेता चंद्रचूड़ सिंह के परिवार में भी जमीन और जायदाद को लेकर ऐसा ही विवाद सामने आया है। मामला उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के जलालपुर गांव में स्थित उनके दादा ठाकुर हरेंद्र पाल सिंह की पुश्तैनी संपत्ति से जुड़ा है। चंद्रचूड़ सिंह ने इस मामले में अपनी बुआ गायत्री देवी, दो चचेरे भाइयों और चार अन्य लोगों के खिलाफ रोरावर थाने में FIR दर्ज कराई है। शिकायत में अभिनेता ने आरोप लगाया कि उनके दादा की वसीयत में कथित तौर पर फर्जीवाड़ा किया गया, ताकि उनके पिता कैप्टन बलदेव सिंह को पुश्तैनी संपत्ति में मिलने वाले अधिकार से वंचित किया जा सके।
अभिनेता के दादा ठाकुर हरेंद्र पाल सिंह जलालपुर गांव के बड़े जमीन मालिक बताए जाते हैं। चंद्रचूड़ सिंह का आरोप है कि 1997 में जब उनके दादा गंभीर रूप से बीमार थे और दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की स्थिति में नहीं थे, तब उनकी वसीयत तैयार की गई। शिकायत के मुताबिक, वसीयत पर उनके दादा के हस्ताक्षर कथित तौर पर कॉपी किए गए थे। चंद्रचूड़ ने आरोप लगाया है कि उनके चाचा गंगा सिंह और परिवार के कुछ अन्य सदस्यों ने इस कथित फर्जीवाड़े में भूमिका निभाई। उनका दावा है कि विवादित वसीयत के जरिए उनके पिता कैप्टन बलदेव सिंह को विरासत में मिलने वाले अधिकार से वंचित कर दिया गया। अभिनेता ने यह भी सवाल उठाया है कि वसीयत तैयार किए जाने के समय वहां कौन-कौन लोग मौजूद थे।
शिकायत में चंद्रचूड़ सिंह ने दावा किया कि जिस समय कथित तौर पर वसीयत तैयार की गई, उस समय उनके पिता अलीगढ़ में मौजूद नहीं थे। उन्होंने यह भी बताया कि उनके दूसरे चाचा पुनिया प्रताप सिंह की मृत्यु उनके दादा से पहले हो चुकी थी। अभिनेता के मुताबिक, विवादित वसीयत में शामिल कई कीमती संपत्तियों को बाद में दूसरे लोगों के नाम कर दिया गया या बेच दिया गया। रिपोर्टों के अनुसार, इस संपत्ति विवाद में परिवार की जमीन के साथ-साथ जलालपुर एस्टेट नाम की एक पुरानी हवेली भी शामिल है। चंद्रचूड़ के भाई अभिमन्यु सिंह ने भी आरोप लगाया है कि परिवार की जमीन और हवेली पर कब्जे के लिए फर्जी वसीयत का सहारा लिया गया। मामले में पुलिस ने संबंधित दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है।
चंद्रचूड़ सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि पुलिस को शिकायत के साथ कई दस्तावेज उपलब्ध कराए गए हैं। अब जांच के दौरान वसीयत, हस्ताक्षरों और संपत्तियों से जुड़े रिकॉर्ड की पड़ताल की जाएगी। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि वसीयत में वास्तव में किसी तरह की जालसाजी हुई थी या नहीं। दूसरी ओर, परिवार की तरफ से इस मामले में आरोपों को खारिज किया गया है। गायत्री देवी ने चंद्रचूड़ सिंह के आरोपों को गलत और निराधार बताया है। उन्होंने पहले यह भी कहा था कि विवादित वसीयत असली है और अभिनेता की ओर से उन्हें गलत तरीके से मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है।
चंद्रचूड़ सिंह ने इस विवाद को लेकर यह भी सवाल उठाया है कि पिछले कुछ वर्षों में पुश्तैनी संपत्ति के कुछ हिस्सों को किस आधार पर बेचा या दूसरे लोगों के नाम हस्तांतरित किया गया। उनका दावा है कि परिवार की बहुमूल्य संपत्तियों का एक बड़ा हिस्सा अब पहले की स्थिति में नहीं है। फिलहाल इस मामले में FIR दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और किसी भी पक्ष की कानूनी जिम्मेदारी जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी।
चंद्रचूड़ सिंह के फिल्मी करियर की बात करें तो वह ‘माचिस’, ‘क्या कहना’ और ‘जोश’ जैसी फिल्मों में नजर आ चुके हैं। उन्हें आखिरी बार अक्षय कुमार की फिल्म ‘कठपुतली’ में देखा गया था। इसके बाद वह हुमा कुरैशी के साथ फिल्म ‘बयान’ में दिखाई दिए, जिसका प्रदर्शन टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में भी हुआ था।
