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दिल्ली के दरबार मार्ग मार्केट में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, कारोबार पर पड़ रहा असर

दिल्ली के गीता कॉलोनी स्थित दरबार मार्ग मार्केट के दुकानदारों ने सफाई व्यवस्था, अवैध पार्किंग, ट्रैफिक जाम, सार्वजनिक शौचालय की कमी और नशेड़ियों के जमावड़े जैसी समस्याओं को लेकर प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग की है। व्यापारियों का कहना है कि इन समस्याओं के कारण कारोबार प्रभावित हो रहा है और ग्राहकों को भी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।

Anshuman Mishra06 अग. 2026, 06:36 PM IST
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दिल्ली के दरबार मार्ग मार्केट में बुनियादी सुविधाओं का अभाव, कारोबार पर पड़ रहा असर

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के गीता कॉलोनी स्थित दरबार मार्ग मार्केट में व्यापारियों और स्थानीय दुकानदारों ने बाजार की बदहाल नागरिक सुविधाओं को लेकर गंभीर चिंता जताई है। दुकानदारों का कहना है कि नियमित सफाई न होने, अवैध पार्किंग, नशेड़ियों के जमावड़े, सार्वजनिक शौचालय के अभाव और लगातार लगने वाले ट्रैफिक जाम के कारण न केवल उनका कारोबार प्रभावित हो रहा है, बल्कि ग्राहकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। दुकानदारों का कहना है कि यह बाजार आसपास के कई रिहायशी इलाकों के लोगों की दैनिक जरूरतों का प्रमुख केंद्र है, लेकिन वर्षों से यहां मूलभूत सुविधाओं में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। उनका आरोप है कि कई बार संबंधित विभागों से शिकायत करने के बावजूद समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं निकाला गया।


सफाई व्यवस्था पर उठे सवाल

व्यापारियों के अनुसार बाजार में नियमित सफाई कर्मचारियों की कमी है, जिसके कारण सड़कों और गलियों में कूड़ा जमा रहता है। कई स्थानों पर नालियों की समय पर सफाई नहीं होने से गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी रहती है। बरसात के दौरान स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब जलभराव और कचरे के कारण बाजार में आवागमन प्रभावित होता है। दुकानदार नरेंद्र सिंह ने कहा कि बाजार में सफाई व्यवस्था को मजबूत करने की जरूरत है। उनके अनुसार यदि पर्याप्त सफाई कर्मचारी तैनात किए जाएं और प्रतिदिन कचरा उठाया जाए तो बाजार की स्थिति काफी बेहतर हो सकती है।


पार्किंग और ट्रैफिक बना बड़ी चुनौती

व्यापारियों का कहना है कि बाजार में व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा नहीं होने के कारण ग्राहक सड़क किनारे वाहन खड़े कर देते हैं। इससे सड़कें संकरी हो जाती हैं और दिनभर जाम की स्थिति बनी रहती है। कई दुकानदारों का कहना है कि अवैध पार्किंग पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ रही है। दुकानदार विनोद मदान का कहना है कि ट्रैफिक जाम के कारण कई ग्राहक बाजार आने से बचते हैं। उनका सुझाव है कि बाजार के लिए अलग ट्रैफिक प्लान बनाया जाए और अवैध पार्किंग पर नियमित कार्रवाई की जाए।


सार्वजनिक शौचालय का अभाव

बाजार में सार्वजनिक शौचालय नहीं होने से दुकानदारों, कर्मचारियों और ग्राहकों को परेशानी उठानी पड़ रही है। विशेष रूप से महिलाओं, बुजुर्गों और दूर-दराज से आने वाले ग्राहकों के लिए यह समस्या अधिक गंभीर बताई जा रही है।

दुकानदार सुनील मिश्रा ने कहा कि किसी भी बड़े बाजार में स्वच्छ और सुलभ सार्वजनिक शौचालय आवश्यक सुविधा होती है। इससे ग्राहकों का अनुभव बेहतर होता है और बाजार की छवि भी सुधरती है।


नशेड़ियों के जमावड़े से बढ़ी चिंता

व्यापारियों ने यह भी आरोप लगाया कि बाजार के कुछ हिस्सों में असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का जमावड़ा लगने लगा है। उनका कहना है कि इससे महिलाओं और परिवारों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा होती है और बाजार का माहौल प्रभावित होता है।

दुकानदार संदीप ने मांग की कि पुलिस नियमित गश्त बढ़ाए और ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करे ताकि बाजार का वातावरण सुरक्षित बनाया जा सके।


दुकानदारों की प्रमुख मांगें

• बाजार में प्रतिदिन नियमित सफाई और कचरा उठाने की व्यवस्था।
• पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मचारियों की तैनाती।
• सार्वजनिक शौचालय का निर्माण।
• अवैध पार्किंग हटाकर व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था विकसित करना।
• ट्रैफिक प्रबंधन के लिए विशेष योजना लागू करना।
• पुलिस गश्त बढ़ाकर असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों पर कार्रवाई।
• नालियों की नियमित सफाई और जलभराव की समस्या का समाधान।


यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?

स्थानीय बाजार किसी भी शहर की अर्थव्यवस्था की रीढ़ माने जाते हैं। यदि वहां सफाई, पार्किंग, सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं की कमी हो, तो इसका सीधा असर व्यापार, रोजगार और आम नागरिकों की सुविधा पर पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि अच्छी नागरिक सुविधाएं न केवल व्यापार बढ़ाती हैं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था, पर्यटन और निवेश के लिए भी सकारात्मक वातावरण तैयार करती हैं।

स्वच्छ भारत मिशन और शहरी विकास योजनाओं के तहत स्थानीय निकायों का उद्देश्य बाजारों में स्वच्छता, बेहतर यातायात और सार्वजनिक सुविधाओं का विस्तार करना है। ऐसे में दरबार मार्ग मार्केट जैसे मामलों का समय पर समाधान शहरी प्रशासन की प्राथमिकताओं का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।