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बनासकांठा में विवाहित महिला के धर्म परिवर्तन और दुष्कर्म का आरोप, एक आरोपी गिरफ्तार l
गुजरात के बनासकांठा जिले के धानेरा तालुका में एक विवाहित महिला ने चार लोगों के खिलाफ धर्म परिवर्तन, दुष्कर्म, मारपीट, धमकी और ब्लैकमेलिंग की शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि अख्तरशा फकीर ने पहले उसके साथ संबंध बनाए और बाद में मौलवी की मौजूदगी में उसका धर्म परिवर्तन कराकर नाम फिजा रख दिया। महिला ने आरोप लगाया कि गर्भवती होने के बावजूद उसकी इच्छा के खिलाफ कई बार शारीरिक संबंध बनाए गए और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बाकी आरोपों की जांच जारी है।

गुजरात के बनासकांठा जिले से धर्म परिवर्तन, दुष्कर्म और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोपों का मामला सामने आया है। धानेरा तालुका के पेगिया गांव की एक विवाहित महिला ने चार लोगों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। महिला ने आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसकी इच्छा के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए, उसके साथ मारपीट की, जान से मारने की धमकी दी और निजी पलों के वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया। शिकायत के अनुसार, अख्तरशा फकीर नाम के व्यक्ति ने पहले महिला से संबंध बनाए। महिला का आरोप है कि बाद में उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया गया। इसके बाद पेगिया गांव में एक मौलवी की मौजूदगी में कलमा पढ़वाकर उसका दोबारा धर्म परिवर्तन कराया गया और उसका नाम फिजा रख दिया गया।
महिला ने आरोप लगाया है कि अख्तरशा फकीर के अलावा तीन अन्य लोगों ने भी अलग-अलग समय पर उसकी इच्छा के खिलाफ उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता का कहना है कि गर्भवती होने के दौरान भी आरोपी उसके साथ जबरन संबंध बनाते थे। विरोध करने या ऐसा करने से मना करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और उसे जान से मारने की धमकी दी जाती थी। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके निजी पलों के वीडियो बना रखे थे। इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे डराया और दबाव में रखा जाता था। महिला के अनुसार, ब्लैकमेलिंग के कारण वह लंबे समय तक मानसिक तनाव में रही और आरोपियों के खिलाफ खुलकर शिकायत करने से डरती रही।
शिकायत में महिला ने बताया कि उसकी दोनों बेटियों का भी धर्म परिवर्तन कराने का दबाव बनाया गया। महिला का आरोप है कि उस पर बेटियों को भी उसी धार्मिक पहचान को अपनाने के लिए मजबूर करने की कोशिश की गई। पुलिस अब इस आरोप की भी जांच कर रही है कि धर्म परिवर्तन किस परिस्थिति में कराया गया और इसमें किन लोगों की भूमिका थी। महिला के मुताबिक, 21 जुलाई को उसके साथ मारपीट की गई। आरोप है कि मारपीट के बाद उसके कपड़े घर के बाहर फेंक दिए गए और उसे घर से निकाल दिया गया। इसके बाद वह मदद के लिए पुलिस स्टेशन पहुंची। बाद में उसने सखी वन स्टॉप सेंटर में भी संपर्क किया, जहां महिलाओं को संकट की स्थिति में सहायता दी जाती है।
पीड़िता ने पुलिस को यह भी बताया कि वह पहले इसी मामले में शिकायत दर्ज करा चुकी है। शिकायत के अनुसार, पिछली कार्रवाई के दौरान कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। बाद में समझौते और हाईकोर्ट के आदेश के बाद आरोपी जेल से बाहर आ गए। अब महिला ने दोबारा चारों आरोपियों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है और मामले में निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की है। डीएसपी सीएल सोलंकी ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर चार आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए सभी आरोपों की जांच कर रही है और अन्य आरोपियों की भूमिका का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
जांच के दौरान पुलिस महिला के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, कथित धमकियों से जुड़े मोबाइल संदेश, कॉल रिकॉर्ड और वीडियो से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर सकती है। पुलिस यह भी जांच करेगी कि धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया में किन लोगों की मौजूदगी थी और क्या महिला पर किसी तरह का दबाव या जबरदस्ती डाली गई थी। मामले में दुष्कर्म, जबरन धर्म परिवर्तन, मारपीट, आपराधिक धमकी और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, फिलहाल ये सभी आरोप शिकायतकर्ता महिला के बयान पर आधारित हैं। आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच, मेडिकल साक्ष्यों, डिजिटल सबूतों और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जा रही है। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ की जा रही है और अन्य आरोपियों की तलाश तथा उनकी भूमिका की जांच जारी है। महिला और उसकी बेटियों की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं पर भी प्रशासन की नजर है।
