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महाराष्ट्र में भर्ती परीक्षाओं का बदलेगा ढर्रा, पेपर लीक रोकने वी. राधा की अगुवाई में बनी उच्च स्तरीय समिति

महाराष्ट्र सरकार ने भर्ती परीक्षाओं को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए जीएडी (GAD) की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राधा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।समिति के सदस्य: इसमें DGP सदानंद दाते, IT सचिव वीरेंद्र सिंह, डॉ. एन. रामास्वामी और नासिक कमिश्नर प्रवीण गेडाम शामिल हैं, जो राज्य भर में छात्रों और विशेषज्ञों से संवाद कर नई नीति बनाएंगे। राज्य भर में 25,000 'सिक्योर क्लासरूम' तैयार किए जाएंगे और केंद्र सरकार का सख्त पेपर लीक रोधी कानून अगले 15 दिनों में लागू किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और कड़े निरीक्षण की सीधी जिम्मेदारी जिलाधिकारियों (DM), पुलिस आयुक्तों और SP की होगी।सरकार का रुख: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्पष्ट किया कि छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ और किसी भी प्रकार का पेपर लीक कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

Khushi13 अग. 2026, 09:43 PM IST
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महाराष्ट्र में भर्ती परीक्षाओं का बदलेगा ढर्रा, पेपर लीक रोकने वी. राधा की अगुवाई में बनी उच्च स्तरीय समिति
महाराष्ट्र सरकार ने सरकारी भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक और धांधली पर पूर्ण विराम लगाने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाते हुए सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) की अतिरिक्त मुख्य सचिव वी. राधा की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में आयोजित विशेष बैठक में राज्य भर में 25 हजार 'सिक्योर क्लासरूम' बनाने और केंद्र के कड़े पेपर लीक रोधी कानून को अगले 15 दिनों में लागू करने का फैसला लिया गया।राज्य में बार-बार सामने आने वाली भर्ती गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं से लाखों अभ्यर्थियों में भारी असंतोष व्याप्त था। इस फैसले का मुख्य उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाकर युवाओं का विश्वास बहाल करना और पूरे परीक्षा तंत्र को तकनीक-संचालित तथा सुरक्षित बनाना है,

जिससे अभ्यर्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद हो सके।मुख्यमंत्री आवास 'वर्षा' पर आयोजित इस समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और मुख्य सचिव राजेश अग्रवाल सहित वरिष्ठ प्रशासनिक व पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। वी. राधा की अध्यक्षता वाली इस समिति में राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) सदानंद दाते, सूचना प्रौद्योगिकी सचिव वीरेंद्र सिंह, पशुसंवर्धन सचिव डॉ. एन. रामास्वामी और नासिक के विभागीय आयुक्त प्रवीण गेडाम को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है।

यह समिति राज्य के सभी राजस्व मंडलों का दौरा करेगी और सीधे छात्रों, प्रतियोगी परीक्षा कोचिंग संस्थानों के संचालकों तथा शिक्षाविदों से संवाद कर उनके सुझावों के आधार पर एक समग्र नीतिगत रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी। इसके अतिरिक्त, राज्य भर के परीक्षा केंद्रों को तकनीक और सुरक्षा से लैस करते हुए कम से कम 25,000 'सिक्योर क्लासरूम' विकसित किए जाएंगे।

 परीक्षा केंद्रों की कड़ी सुरक्षा, निगरानी और समन्वय की सीधी जवाबदेही जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और पुलिस अधीक्षकों की होगी।बैठक के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कड़ा संदेश देते हुए कहा, "छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी प्रकार के पेपर लीक या अनियमितता को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। चूंकि केंद्र सरकार का नया कानून राज्य के मौजूदा कानून से अधिक सख्त है, इसलिए इसे राज्य में तुरंत लागू करने की प्रक्रिया पूरी की जाए।"वहीं उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा, "परीक्षा केंद्रों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था में जिला प्रशासन व पुलिस अधिकारियों का सीधा हस्तक्षेप अनिवार्य होना चाहिए ताकि किसी भी स्तर पर चूक की गुंजाइश न रहे।"