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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में गुलाबी पत्थरों की एंट्री से मथुरा में हलचल; 9 अगस्त की कारसेवा घोषणा के बाद प्रशासन अलर्ट

मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। श्री चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज द्वारा 9 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए कारसेवा की घोषणा के बाद प्रशासन सतर्क हो गया है। इसी बीच राजस्थान के भरतपुर जिले स्थित बंसी पहाड़पुर से करीब 5 हजार टन गुलाबी पत्थर मंगवाए जाने की खबर सामने आने से पुलिस और खुफिया विभाग सक्रिय हो गए हैं। प्रशासन ने आश्रम पहुंचकर स्थिति की जानकारी ली और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।

Priyanka Gaikwad07 अग. 2026, 05:27 PM IST
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श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में गुलाबी पत्थरों की एंट्री से मथुरा में हलचल; 9 अगस्त की कारसेवा घोषणा के बाद प्रशासन अलर्ट
मथुरा | उत्तर प्रदेश के मथुरा में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले को लेकर एक बार फिर चर्चाएं तेज हो गई हैं। श्री चित्रगुप्त पीठ के पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने अयोध्या राम मंदिर आंदोलन की तर्ज पर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति के लिए 9 अगस्त को कारसेवा का ऐलान किया है। इस घोषणा के बाद राजस्थान के बंसी पहाड़पुर से गुलाबी पत्थर मंगवाए जाने की सूचना ने प्रशासनिक हलकों में हलचल बढ़ा दी है।

9 अगस्त को कारसेवा की घोषणा :  स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े धार्मिक अभियान के तहत कारसेवा, शिलापूजन और पत्थरों पर नक्काशी कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही है। बताया जा रहा है कि प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए बंसी पहाड़पुर के प्रसिद्ध गुलाबी पत्थरों की व्यवस्था की जा रही है। हालांकि, स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने स्पष्ट किया है कि यह कार्यक्रम किसी विवादित स्थल पर नहीं होगा, बल्कि श्री चित्रगुप्त पीठ आश्रम परिसर में ही आयोजित किया जाएगा।

गुलाबी पत्थरों की खबर के बाद प्रशासन सक्रिय : मथुरा में गुलाबी पत्थरों के पहुंचने की सूचना मिलते ही स्थानीय खुफिया विभाग (LIU) और पुलिस प्रशासन सक्रिय हो गया। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए आश्रम परिसर की निगरानी बढ़ा दी गई है। प्रशासनिक अधिकारियों ने आश्रम पहुंचकर स्वामी सच्चिदानंद महाराज से मुलाकात की और पूरे कार्यक्रम की जानकारी ली। अधिकारियों ने उन्हें बताया कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़ा मामला फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए ऐसा कोई कदम नहीं उठाया जाना चाहिए जिससे कानून-व्यवस्था प्रभावित हो।

स्वामी सच्चिदानंद ने दिया आश्वासन :  प्रशासन की अपील के बाद स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने कानून का पालन करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि 9 अगस्त का कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से आश्रम परिसर में ही आयोजित किया जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शिलापूजन और नक्काशी का कार्य किसी विवादित स्थान पर नहीं किया जाएगा।

बंसी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थर क्यों हैं खास? 
राजस्थान के भरतपुर जिले के बंसी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थर देशभर में अपनी मजबूती, सुंदरता और नक्काशी की गुणवत्ता के लिए प्रसिद्ध हैं।
इन पत्थरों का उपयोग ऐतिहासिक और धार्मिक निर्माण कार्यों में लंबे समय से किया जाता रहा है।
अयोध्या में बन रहे भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण में भी बंसी पहाड़पुर के गुलाबी पत्थरों का इस्तेमाल किया गया है।
इसी वजह से मथुरा में इन पत्थरों के आने की खबर ने धार्मिक और राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है।

पुलिस और प्रशासन की नजर :  फिलहाल मथुरा पुलिस, प्रशासन और खुफिया एजेंसियां पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं। किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई है। प्रशासन की कोशिश है कि मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण शहर में शांति और कानून-व्यवस्था बनी रहे।