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राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और जवाबदेही बढ़ाने की जरूरत: पूर्व UGC चेयरमैन

NEET-UG और UGC-NET जैसी परीक्षाओं में सामने आई गड़बड़ियों के बीच NTA की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। पूर्व UGC चेयरमैन एम. जगदीश कुमार ने कहा कि NTA को खत्म करने के बजाय उसमें Structural Reforms किए जाने चाहिए। उन्होंने Technical Security, Internal Processes, Traceability और Accountability को मजबूत करने पर जोर दिया, ताकि देश की बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं में छात्रों का भरोसा कायम रह सके।

Neha Sharma23 अग. 2026, 12:33 PM IST
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राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में पारदर्शिता, जिम्मेदारी और जवाबदेही बढ़ाने की जरूरत: पूर्व UGC चेयरमैन

नई दिल्लीराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही गड़बड़ियों और परीक्षा सुरक्षा से जुड़े सवालों के बीच National Testing Agency (NTA) को लेकर बहस तेज है। इसी बीच पूर्व UGC चेयरमैन एम. जगदीश कुमार ने कहा है कि NTA को पूरी तरह खत्म करने या बदलने के बजाय उसमें Deep Structural Reforms किए जाने की जरूरत है। उनका कहना है कि समस्या सिर्फ किसी एक संस्था की नहीं, बल्कि पूरी End-to-End Examination Security System की है।


NTA को हटाना समाधान नहीं

एम. जगदीश कुमार ने PTI से बातचीत में कहा कि NTA को खत्म करने की बजाय इसकी संरचना और प्रक्रियाओं को मजबूत करना ज्यादा उपयोगी होगा। उनके मुताबिक NTA जिस बड़े पैमाने पर परीक्षाएं आयोजित करता है, उसमें परीक्षा सुरक्षा को केवल प्रश्नपत्र तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता। उन्होंने परीक्षा प्रक्रिया के हर चरण में Traceability, Accountability और Security सुनिश्चित करने की जरूरत बताई।


Paper Leak से लेकर Exam Errors तक उठे सवाल

पिछले कुछ समय में NTA से जुड़ी कई परीक्षाओं को लेकर सवाल उठे हैं। NEET-UG paper leak विवाद के बाद परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा और विश्वसनीयता पर देशभर में चर्चा हुई थी। इसके बाद UGC-NET परीक्षा में भी गड़बड़ियों और प्रश्नपत्रों से संबंधित शिकायतों के कारण NTA पर दबाव बढ़ा। अगस्त 2026 में UGC-NET के कुछ विषयों की परीक्षाओं को दोबारा आयोजित करने का फैसला भी सामने आया। इससे परीक्षा संचालन, Question Paper Setting और Quality Control की प्रक्रियाओं पर सवाल उठे।


तीन क्षेत्रों में सुधार की जरूरत

पूर्व UGC चेयरमैन के मुताबिक NTA को मजबूत करने के लिए मुख्य रूप से तीन क्षेत्रों पर ध्यान देना जरूरी है।

1. Technical Security मजबूत करना

परीक्षा से जुड़े डिजिटल सिस्टम, डेटा और प्रश्नपत्रों की सुरक्षा को और मजबूत करने की जरूरत है। इसके लिए आधुनिक तकनीक और लगातार Risk Assessment का इस्तेमाल किया जाना चाहिए।

2. Internal Processes में सुधार

प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने और परीक्षा के बाद डेटा प्रोसेसिंग तक हर स्तर पर स्पष्ट SOP और जवाबदेही जरूरी है। किस स्तर पर किस अधिकारी या एजेंसी की जिम्मेदारी है, इसकी स्पष्ट Traceability होनी चाहिए, ताकि किसी गड़बड़ी की स्थिति में जिम्मेदारी तय की जा सके।

3. Transparency और Accountability

परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के साथ-साथ संस्थागत जवाबदेही भी मजबूत करनी होगी। छात्रों को यह भरोसा होना चाहिए कि परीक्षा प्रक्रिया निष्पक्ष है और किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक गलती की स्थिति में प्रभावी सुधार की व्यवस्था मौजूद है।


NTA के बड़े पैमाने पर काम का भी जिक्र

जगदीश कुमार ने यह भी संकेत दिया कि NTA हर साल एक करोड़ से ज्यादा उम्मीदवारों से जुड़ी परीक्षाएं आयोजित करता है। ऐसे बड़े परीक्षा तंत्र में सुरक्षा को मजबूत करने के लिए केवल संस्था बदलना पर्याप्त नहीं होगा; पूरी प्रक्रिया को मजबूत करना जरूरी है।


अलग-अलग Testing Bodies के बीच Partnership Model

रिपोर्ट के मुताबिक परीक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए अलग-अलग testing organisations के बीच Partnership Model और Common Security Standards विकसित करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया है। इसका उद्देश्य अलग-अलग परीक्षाओं में सुरक्षा के समान मानक लागू करना और एक संस्था की कमजोरियों से पूरी परीक्षा व्यवस्था को प्रभावित होने से रोकना है।


सरकार पहले ही सुधारों पर कर चुकी है काम

NTA को लेकर केंद्र सरकार की ओर से पहले भी परीक्षा प्रणाली मजबूत करने के कदम उठाए गए हैं। NEET-UG विवाद के बाद परीक्षा व्यवस्था की समीक्षा और सुधार के लिए उच्चस्तरीय पहल की गई थी। सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों पर रोक लगाने के लिए कानून भी बनाया गया है। अगस्त 2026 में NTA से जुड़े प्रशासनिक बदलाव और UGC-NET से संबंधित सुधारों की खबरें भी सामने आई हैं। इन घटनाओं के बीच पूर्व UGC चेयरमैन की टिप्पणी परीक्षा प्रणाली में दीर्घकालिक सुधार की बहस को और महत्वपूर्ण बनाती है।


छात्रों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मुद्दा?

NEET, JEE और UGC-NET जैसी परीक्षाएं लाखों छात्रों के करियर से जुड़ी होती हैं। परीक्षा में एक छोटी प्रशासनिक या तकनीकी गलती भी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों को प्रभावित कर सकती है। इसलिए परीक्षा की Security, Accuracy, Transparency और Timely Resolution केवल प्रशासनिक मुद्दे नहीं हैं, बल्कि छात्रों के भविष्य से सीधे जुड़े विषय हैं।


आगे की चुनौती

NTA को खत्म करने या नई संस्था बनाने की बहस के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि परीक्षा प्रणाली को कैसे ज्यादा भरोसेमंद बनाया जाए। पूर्व UGC चेयरमैन का सुझाव इसी दिशा में है कि संस्था बदलने से पहले उसकी Technical Infrastructure, Internal Processes और Accountability Mechanism को मजबूत किया जाए।

पूर्व UGC चेयरमैन एम. जगदीश कुमार का संदेश स्पष्ट है—NTA को खत्म करना जरूरी नहीं, बल्कि उसे मजबूत और अधिक जवाबदेह बनाना जरूरी है। परीक्षा सुरक्षा को प्रश्नपत्र तक सीमित रखने के बजाय पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित करने, डिजिटल ट्रेसबिलिटी बढ़ाने और हर स्तर पर जिम्मेदारी तय करने से ही छात्रों का भरोसा वापस मजबूत किया जा सकता है।