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होमबायर्स धोखाधड़ी मामला: CBI ने बिल्डर कंपनी और इंडियाबुल्स से जुड़ी कंपनियों के खिलाफ दाखिल की 18वीं चार्जशीट
घर खरीदारों से बड़े पैमाने पर हुई धोखाधड़ी के मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक और बड़ी कार्रवाई की है। CBI ने पश्चिम बंगाल के राजारहाट स्थित एक हाउसिंग प्रोजेक्ट में फर्जीवाड़े को लेकर मेसर्स एमकेएचएस हाउसिंग एलएलपी, इंडियाबुल्स से जुड़ी कंपनियों और उनके निदेशकों व अधिकारियों के खिलाफ 18वीं चार्जशीट दाखिल कर दी है।

CBI ने यह चार्जशीट पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना स्थित सीबीआई (विशेष) कोर्ट-II, अलीपुर में पेश की है। इसमें मुख्य रूप से शामिल नाम:
- मेसर्स एमकेएचएस हाउसिंग एलएलपी (M/s. MKHS Housing LLP) और इसके डेजिग्नेटेड पार्टनर
- मेसर्स इंडियाबुल्स डिस्ट्रीब्यूशन सर्विसेज लिमिटेड (वर्तमान नाम: मेसर्स इंडियाबुल्स नेस्ट्स लिमिटेड) और इसके निदेशक/अधिकारी
- मेसर्स इंडियाबुल्स इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स लिमिटेड (वर्तमान नाम: मेसर्स इंडियाबुल्स अर्बन रेजिडेंसी लिमिटेड) और इसके निदेशक
साजिश रचकर निवेशकों से ठगी
CBI की जांच में सामने आया है कि आरोपी बिल्डर कंपनी और उसके निदेशकों ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (NBFC) के अधिकारियों के साथ मिलकर आपराधिक साजिश रची। इन्होंने झूठे वादों और भ्रामक बयानों के जरिए घर खरीदारों व निवेशकों को लुभाया और अवैध तरीकों से भारी वित्तीय लाभ उठाया।
जांच एजेंसी को इस मामले में पुख्ता सबूत मिले हैं, जिसके आधार पर भारतीय दंड संहिता (IPC) की आपराधिक साजिश (Criminal Conspiracy), दुष्प्रेरण (Abetment), धोखाधड़ी (Cheating) और आपराधिक विश्वासघात (Criminal Breach of Trust) से जुड़ी धाराओं के तहत आरोप पत्र दाखिल किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर 31 अन्य मामलों की जांच जारी
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद CBI देशभर में विभिन्न बिल्डर कंपनियों और वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों के खिलाफ फंड डायवर्जन और घर खरीदारों से धोखाधड़ी से जुड़े 31 अन्य मामलों की जांच कर रही है।
इससे पहले एजेंसी 17 मामलों में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, जिनमें रुद्र बिल्डवेल, जेपी इंफ्राटेक, लॉगिक्स सिटी डेवलपर्स, शुभकामना बिल्टेक, और ओजोन अर्बना इंफ्रा डेवलपर्स जैसी प्रमुख कंपनियां और उनके निदेशक शामिल हैं। CBI ने दोहराया है कि वह आर्थिक अपराधों, भ्रष्टाचार और आम नागरिकों के हितों को नुकसान पहुंचाने वाले मामलों में सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए प्रतिबद्ध है।
