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आंध्र प्रदेश में Literacy Rate में बड़ा सुधार
आंध्र प्रदेश की Literacy Rate 2024 के 72.6% से बढ़कर 2026 में 82.1% हो गई है। ‘अक्षर आंध्र’ अभियान के तहत करीब 25 लाख लोगों को साक्षर बनाया गया है और सरकार ने सितंबर 2027 तक 100% साक्षरता का लक्ष्य रखा है।

अमरावती, आंध्र प्रदेश : आंध्र प्रदेश में साक्षरता के मोर्चे पर बड़ी प्रगति सामने आई है। राज्य की Literacy Rate 2024 में 72.6% थी, जो 2026 में बढ़कर 82.1% हो गई है। राज्य के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के मुताबिक, ‘अक्षर आंध्र’ कार्यक्रम के तहत करीब 25 लाख लोगों को साक्षर बनाया गया है।
2027 तक 100% साक्षरता का लक्ष्य
राज्य सरकार ने अब सितंबर 2027 तक आंध्र प्रदेश को 100% साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों ने इसके लिए चरणबद्ध योजना तैयार की है। इसके तहत मार्च 2027 तक 25 लाख और सितंबर 2027 तक 27 लाख लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यानी अगले चरण में कुल 52 लाख लोगों तक साक्षरता अभियान पहुंचाने की योजना है।
‘अक्षर आंध्र’ कार्यक्रम से मिली रफ्तार
सरकार के अनुसार, ‘अक्षर आंध्र’ कार्यक्रम ने राज्य की साक्षरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इस अभियान में 11 सरकारी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। सरकार का जोर उन लोगों तक पहुंचने पर है, जो औपचारिक शिक्षा व्यवस्था से बाहर रह गए हैं और अभी पढ़ने-लिखने में सक्षम नहीं हैं। मंत्री नारा लोकेश ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि अभियान को जमीनी स्तर तक और मजबूत किया जाए। इसके लिए विधायकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी अभियान से जोड़ने पर जोर दिया गया है।
राष्ट्रीय औसत से ऊपर पहुंचा आंध्र प्रदेश
82.1% की Literacy Rate के साथ आंध्र प्रदेश अब 80.9% के राष्ट्रीय औसत से ऊपर पहुंच गया है। 2024 में राज्य की साक्षरता दर 72.6% थी। यानी करीब दो वर्षों में इसमें 9.5 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। राज्य सरकार इस बढ़ोतरी को शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण बदलाव के तौर पर देख रही है। हालांकि, 100% साक्षरता का लक्ष्य हासिल करने के लिए अभी बड़ी आबादी तक पहुंचना बाकी है।
1.64 लाख से ज्यादा बच्चे स्कूल से बाहर
साक्षरता अभियान के साथ-साथ सरकार स्कूल जाने की उम्र के बच्चों को शिक्षा व्यवस्था से जोड़ने पर भी काम कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश में 1,64,821 स्कूल जाने की उम्र के बच्चे अभी औपचारिक शिक्षा व्यवस्था से बाहर हैं। इनमें से करीब 33,000 बच्चों का इस साल स्कूलों में दाखिला कराया जा चुका है। सरकार ने बाकी बच्चों की पहचान कर उन्हें भी स्कूल से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। स्कूलों को छात्रों की उपस्थिति पर भी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। लगातार तीन दिन अनुपस्थित रहने वाले विद्यार्थियों के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें स्कूल भेजने के लिए समझाने को कहा गया है।
अब 100% Literacy पर फोकस
आंध्र प्रदेश सरकार का अगला बड़ा लक्ष्य 100% Literacy हासिल करना है। इसके लिए वयस्कों को साक्षर बनाने के साथ-साथ स्कूल से बाहर बच्चों को शिक्षा से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। सरकार की योजना के मुताबिक, मार्च 2027 तक 25 लाख और सितंबर 2027 तक 27 लाख लोगों को साक्षर बनाने के बाद राज्य को पूर्ण साक्षरता के लक्ष्य के करीब ले जाने की कोशिश की जाएगी। अगर यह लक्ष्य तय समयसीमा में हासिल होता है, तो आंध्र प्रदेश की Literacy Rate में पिछले कुछ वर्षों में हुई तेज बढ़ोतरी के बाद यह शिक्षा क्षेत्र में एक और बड़ा कदम माना जाएगा।
