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केरल में पत्नी के प्राइवेट वीडियो अपलोड करने वाला पति गिरफ्तार l
केरल के कोट्टियम में पुलिस ने 31 वर्षीय व्यक्ति को अपनी पत्नी के निजी वीडियो कथित तौर पर पोर्नोग्राफिक वेबसाइटों पर अपलोड करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने अपनी चार साल की बेटी की मौजूदगी में पत्नी के साथ आपत्तिजनक हरकत की और उसका वीडियो भी रिकॉर्ड किया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत अलग मामला दर्ज किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी पहले यूके में पत्नी और बेटी के साथ रहता था और बाद में परिवार के केरल लौटने के बाद भी कथित रूप से ऐसी गतिविधियां जारी रखीं।

केरल के कोल्लम जिले के कोट्टियम इलाके में एक 31 वर्षीय व्यक्ति की गिरफ्तारी के बाद गंभीर आरोपों का मामला सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पर अपनी पत्नी के अंतरंग वीडियो बिना अनुमति पोर्नोग्राफिक वेबसाइटों पर अपलोड करने का आरोप है। मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसने अपनी चार साल की बेटी की मौजूदगी में पत्नी के साथ आपत्तिजनक यौन व्यवहार किया और उसका वीडियो रिकॉर्ड कर ऑनलाइन अपलोड किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी मय्यानाड का रहने वाला है। वह पिछले करीब चार वर्षों से अपनी पत्नी और बेटी के साथ यूनाइटेड किंगडम में रह रहा था। बताया गया है कि दोनों ने शादी से पहले कुछ समय तक रिश्ते में रहने के बाद करीब छह वर्ष पहले विवाह किया था।
सहेलियों से मिली वीडियो की जानकारी
मामला तब सामने आया जब महिला की कुछ सहेलियों ने उसे बताया कि यूके में रहने के दौरान उसके निजी वीडियो पोर्न वेबसाइटों पर साझा किए गए हैं। यह जानकारी मिलने के बाद महिला ने कथित तौर पर अपने पति को ऐसा करने से चेतावनी दी।
इसके बाद महिला ने आरोपी का मोबाइल फोन जांचा। शिकायत के अनुसार, फोन में उसे एक ऐसा वीडियो मिला, जिसमें उसकी चार वर्षीय बेटी की मौजूदगी में आरोपी उसके साथ आपत्तिजनक यौन गतिविधि करता दिखाई दे रहा था। महिला का आरोप है कि इस वीडियो को भी रिकॉर्ड कर ऑनलाइन अपलोड किया गया था। वीडियो और अन्य डिजिटल सामग्री की जानकारी मिलने के बाद महिला ने पुलिस से संपर्क किया। जांच के दौरान पुलिस ने कथित वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को मामले से जुड़े संभावित सबूत के तौर पर देखा।
केरल लौटने के बाद भी जारी रही हरकत
परिवार के यूके से केरल लौटने के बाद आरोपी की कथित गतिविधियों को लेकर काउंसलिंग कराई गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी की तीन दिन तक काउंसलिंग हुई थी। हालांकि, शिकायतकर्ता के पक्ष का आरोप है कि काउंसलिंग के बाद भी आरोपी ने बच्चे की मौजूदगी से जुड़ा एक और वीडियो रिकॉर्ड किया। जब महिला ने इस बारे में अपने पति से सवाल किया, तो आरोपी ने कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की। मारपीट के बाद महिला को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसका बयान दर्ज किया और मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पॉक्सो एक्ट के तहत मामला
पुलिस ने वीडियो की जांच के बाद आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत अलग मामला दर्ज किया। जांच एजेंसियों ने यह कदम इसलिए उठाया क्योंकि मामले में नाबालिग बच्ची की मौजूदगी और उससे जुड़े वीडियो का आरोप सामने आया था। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वीडियो कब और कहां बनाए गए, उन्हें किन वेबसाइटों पर अपलोड किया गया और क्या आरोपी ने उन्हें किसी व्यक्ति या ऑनलाइन नेटवर्क को बेचा या साझा किया। पुलिस आरोपी के मोबाइल फोन, अन्य डिजिटल उपकरणों और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर सकती है। महिला और उसकी बेटी की पहचान कानूनी प्रावधानों के तहत गोपनीय रखी जा रही है। ऐसे मामलों में पीड़िता या नाबालिग की पहचान उजागर करना कानूनन प्रतिबंधित है।
आरोपी फरार हुआ, फिर गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, मामला दर्ज होने के बाद आरोपी कथित तौर पर छिप गया था। पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की और बाद में उसे ढूंढकर गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की जा रही है। जांच में पुलिस यह भी पता लगाएगी कि क्या आरोपी ने अपनी पत्नी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के निजी वीडियो बनाए या साझा किए थे। डिजिटल फोरेंसिक जांच से उसके फोन और ऑनलाइन खातों से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी मिलने की उम्मीद है।
वाइफ-स्वैपिंग का आरोप
शिकायतकर्ता की ओर से पक्ष रख रहे वकील प्रशांत वी. कुरुप ने आरोप लगाया कि आरोपी अपनी पत्नी पर ‘वाइफ-स्वैपिंग’ में शामिल होने के लिए भी दबाव डालता था। वकील के अनुसार, महिला ने इस तरह की किसी गतिविधि के लिए सहमति नहीं दी। वकील ने यह भी बताया कि आरोपी ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी नहीं की और बाद में अपनी पत्नी के साथ यूके चला गया था। उनका आरोप है कि काउंसलिंग के बावजूद आरोपी का कथित व्यवहार नहीं बदला और उसने ऐसी गतिविधियां जारी रखीं। वकील ने पुलिस पर महिला का बयान दर्ज करने और मामले की जांच में शुरुआती स्तर पर लापरवाही का आरोप भी लगाया। उनके अनुसार, केरल हाई कोर्ट का रुख करने का निर्णय लिए जाने के बाद पुलिस ने जांच में तेजी दिखाई और आरोपी को गिरफ्तार किया।
जांच जारी
पुलिस अब मामले में दर्ज सभी आरोपों, वीडियो की वास्तविकता और उसके ऑनलाइन प्रसार की जांच कर रही है। पोस्ट या वीडियो को आगे साझा करने वाले लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। अधिकारियों के अनुसार, निजी वीडियो को बिना सहमति रिकॉर्ड करना, अपलोड करना या साझा करना गंभीर अपराध है। मामले में पॉक्सो एक्ट के अलावा आईटी कानून और भारतीय न्याय संहिता की लागू धाराओं के तहत भी कार्रवाई की जा सकती है। हालांकि, अंतिम धाराएं और आरोप जांच तथा उपलब्ध डिजिटल एवं मेडिकल साक्ष्यों के आधार पर तय होंगे। फिलहाल आरोपी पुलिस की हिरासत में है और मामले की विस्तृत जांच जारी है।
