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दहेज में भैंस-बाइक नहीं मिली तो पत्नी की हत्या l

बिहार के पश्चिम चंपारण में दहेज हत्या के करीब छह साल पुराने मामले में अदालत ने आरोपी पति सुभाष यादव को उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोप था कि दहेज में भैंस और बाइक नहीं मिलने पर उसने 2020 में अपनी पत्नी रीना देवी की हत्या कर दी थी। अदालत ने हत्या के मामले में उम्रकैद के साथ ₹1 लाख जुर्माना और सबूत मिटाने के मामले में 7 साल की सजा व ₹25 हजार जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने मृतका के नाबालिग बच्चों के लिए बिहार सरकार से आर्थिक सहायता सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए हैं।

Kashish Rai21 अग. 2026, 09:59 AM IST
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दहेज में भैंस-बाइक नहीं मिली तो पत्नी की हत्या l

बिहार के पश्चिम चंपारण में दहेज हत्या के एक मामले में अदालत ने करीब छह साल बाद आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। बगहा शहर की अदालत ने सुभाष यादव को उसकी पत्नी रीना देवी की हत्या का दोषी माना है। मामला वर्ष 2020 का है। आरोप था कि दहेज में भैंस और बाइक नहीं मिलने को लेकर सुभाष यादव ने अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। मामले में रीना देवी की मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया था।

दहेज की मांग पूरी न होने का आरोप

परिजनों के आरोप के मुताबिक, शादी के बाद रीना को दहेज में भैंस और बाइक नहीं मिलने को लेकर परेशान किया जाता था। वर्ष 2020 में विवाद के बाद उसकी हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने जांच शुरू की और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की। जांच के दौरान पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच का हिस्सा बनाया और अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया।

सबूत मिटाने के मामले में भी सजा

अभियोजन पक्ष के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर सबूत मिटाने की कोशिश की। इसी आरोप में अदालत ने सुभाष यादव को अलग से 7 साल की सजा और ₹25 हजार का जुर्माना भी लगाया है। हत्या के मामले में अदालत ने उसे उम्रकैद और ₹1 लाख जुर्माने की सजा सुनाई है।

बच्चों के लिए आर्थिक मदद का आदेश

मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने रीना देवी और सुभाष यादव के नाबालिग बच्चों के भविष्य को भी ध्यान में रखा। कोर्ट ने बिहार सरकार को बच्चों की परवरिश में सहायता के लिए हर महीने ₹4,000 प्रति बच्चा देने का निर्देश दिया है। इसके अलावा बच्चों को डीएलसी पुनर्वास योजना का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों से मजबूत हुई जांच

पुलिस ने मामले की जांच के दौरान वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों का इस्तेमाल किया। इसके आधार पर जांच पूरी कर आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया गया। इसके बाद मंगलवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश मानवेंद्र मिश्रा की अदालत ने सुभाष यादव को हत्या का दोषी ठहराया और सजा सुनाई। करीब छह साल पुराने इस मामले में अदालत के फैसले के बाद मृतका के परिवार को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। कोर्ट के निर्देशों के तहत अब मृतका के बच्चों को आर्थिक सहायता और पुनर्वास योजना का लाभ दिलाने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।