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भारत-अफगानिस्तान व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार

भारत और अफगानिस्तान ने Trade, Commerce और Investment Relations को मजबूत करने के लिए अहम चर्चा की। संयुक्त कार्य समूह की बैठक में Trade Facilitation, Customs Cooperation, Visa Facilitation, Banking, Pharmaceuticals, Agriculture, Energy, Investment Promotion और Cargo Connectivity जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने व्यापार प्रक्रियाओं को आसान बनाने और कारोबारी संपर्क बढ़ाने के लिए आगे की कार्रवाई पर सहमति जताई।

Neha Sharma02 सित. 2026, 07:21 PM IST
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भारत-अफगानिस्तान व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार

नई दिल्ली: भारत और अफगानिस्तान ने द्विपक्षीय व्यापार, वाणिज्य और निवेश संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण चर्चा की है। दोनों देशों के बीच भारत-अफगानिस्तान संयुक्त कार्य समूह (Joint Working Group-JWG) on Trade, Commerce and Investment की बैठक 1 सितंबर 2026 को वर्चुअल माध्यम से हुई। इसमें दोनों पक्षों ने व्यापार को आसान बनाने, कारोबारी संपर्क बढ़ाने और निवेश के नए अवसर विकसित करने से जुड़े मुद्दों की समीक्षा की। यह जानकारी 2 सितंबर 2026 को प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) की ओर से जारी की गई।


व्यापार को आसान बनाने पर विशेष जोर

बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने द्विपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इसमें व्यापार सुविधा (Trade Facilitation) और सीमा शुल्क सहयोग (Customs Cooperation) को मजबूत करना प्रमुख विषय रहा। दोनों पक्षों ने इस बात पर जोर दिया कि सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को अधिक प्रभावी बनाने और संबंधित आंकड़ों के आदान-प्रदान को बेहतर करने से दोनों देशों के कारोबारियों के लिए व्यापार प्रक्रिया आसान हो सकती है। इसके लिए संस्थागत स्तर पर सहयोग बढ़ाने और आगे की कार्रवाई करने पर सहमति बनी।


अफगान व्यापारियों के लिए वीजा सुविधा पर चर्चा

बैठक में अफगान व्यापारियों के लिए वीजा सुविधा का मुद्दा भी उठाया गया। कारोबार और निवेश के लिए दोनों देशों के व्यवसायियों की आवाजाही आसान होना व्यापारिक संबंधों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। दोनों पक्षों ने कारोबारी संपर्क बढ़ाने के लिए आवश्यक प्रक्रियाओं पर चर्चा की और इस क्षेत्र में आगे सहयोग जारी रखने पर सहमति जताई।


बैंकिंग और वित्तीय सहयोग भी एजेंडे में

भारत और अफगानिस्तान के बीच व्यापार बढ़ाने के लिए बैंकिंग और वित्तीय सहयोग को भी महत्वपूर्ण क्षेत्र के रूप में सामने रखा गया। व्यापारिक लेनदेन को सुगम बनाने के लिए वित्तीय क्षेत्र में सहयोग और संबंधित व्यवस्थाओं को मजबूत करने की संभावनाओं पर विचार किया गया। इसके अलावा निवेश और व्यापार को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के कारोबारी समुदायों के बीच सीधे संपर्क यानी Business-to-Business (B2B) engagement को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया।


फार्मास्युटिकल और कृषि क्षेत्र पर फोकस

बैठक में दवाओं (Pharmaceuticals) और कृषि क्षेत्र (Agriculture) में व्यापार को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई। दोनों क्षेत्रों में नियामकीय सहयोग बेहतर करने पर सहमति बनी। फार्मास्युटिकल क्षेत्र में नियामकीय प्रक्रियाओं के बीच सहयोग और कृषि उत्पादों के व्यापार से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने की बात कही गई। इससे दोनों देशों के संबंधित उद्योगों के बीच व्यापारिक अवसर बढ़ने की संभावना है।


ऊर्जा और निवेश सहयोग पर भी चर्चा

भारत-अफगानिस्तान व्यापार वार्ता में Energy Cooperation और Investment Promotion भी प्रमुख मुद्दों में शामिल रहे। दोनों देशों ने निवेश को बढ़ावा देने और निजी क्षेत्र के बीच कारोबारी संपर्क मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। इसके साथ ही Tariff Concessions, यानी शुल्क संबंधी रियायतों और व्यापार को अधिक प्रतिस्पर्धी बनाने वाले उपायों पर भी विचार-विमर्श हुआ।


कार्गो कनेक्टिविटी और बंदरगाहों का मुद्दा महत्वपूर्ण

बैठक में Cargo Connectivity और Port-related Issues पर भी विस्तार से चर्चा हुई। अफगानिस्तान एक स्थल-रुद्ध देश है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक उसके माल की पहुंच के लिए क्षेत्रीय परिवहन और बंदरगाह कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण है। भारत और अफगानिस्तान ने बेहतर व्यापार संपर्क विकसित करने तथा माल ढुलाई से जुड़ी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की दिशा में आगे काम करने पर सहमति जताई।


आगे की कार्रवाई पर बनी सहमति

बैठक में केवल मुद्दों पर चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि दोनों पक्षों ने चिन्हित क्षेत्रों में Follow-up Actions आगे बढ़ाने पर भी सहमति जताई। इनमें बेहतर सीमा शुल्क और डेटा साझेदारी, फार्मास्युटिकल और कृषि क्षेत्रों में नियामकीय सहयोग, व्यापार कनेक्टिविटी में सुधार तथा निवेश एवं कारोबारी संपर्क को बढ़ावा देना शामिल है।


भारत-अफगानिस्तान व्यापार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह बैठक?

भारत और अफगानिस्तान के बीच ऐतिहासिक और आर्थिक संबंध लंबे समय से रहे हैं। ऐसे में व्यापार, निवेश और कनेक्टिविटी से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त कार्य समूह की बैठक दोनों देशों के आर्थिक संबंधों को संस्थागत रूप से आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इस बैठक का फोकस विशेष रूप से व्यापार प्रक्रिया आसान बनाने, कारोबारी आवाजाही, वित्तीय सहयोग, कृषि-दवा व्यापार, ऊर्जा, निवेश और परिवहन कनेक्टिविटी पर रहा। इससे संकेत मिलता है कि दोनों देश मौजूदा व्यापारिक संबंधों को मजबूत करने के साथ-साथ नए क्षेत्रों में आर्थिक सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं। बैठक का माहौल सौहार्दपूर्ण और रचनात्मक रहा। दोनों देशों ने Trade, Commerce and Investment ties को आगे मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई और चर्चा किए गए मुद्दों पर लगातार संपर्क बनाए रखने पर सहमति जताई।