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भारत की GDP ने पकड़ी रफ्तार, ग्रोथ 7.8%

भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बेहतर प्रदर्शन किया है। अप्रैल से जून 2026 के दौरान देश की GDP Growth 7.8% रही, जो RBI के 7% अनुमान से ज्यादा है। इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग, IT, रियल एस्टेट, फाइनेंस और निवेश जैसे क्षेत्रों में अच्छी बढ़त देखने को मिली। Real GVA Growth भी 8.2% रही। मजबूत घरेलू मांग और निवेश ने भी अर्थव्यवस्था को सहारा दिया। नए आंकड़ों से भारत की आर्थिक स्थिति मजबूत रहने का संकेत मिल रहा है।

Neha Sharma01 सित. 2026, 02:09 PM IST
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भारत की GDP ने पकड़ी रफ्तार, ग्रोथ 7.8%

नई दिल्ली: भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन किया है। अप्रैल से जून 2026 के दौरान देश की Real GDP Growth 7.8% रही। यह आंकड़ा RBI के करीब 7% के अनुमान से ज्यादा है। पिछले साल की समान तिमाही में संशोधित GDP ग्रोथ 6.9% रही थी। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, पहली तिमाही में Real GDP का आकार ₹81.36 लाख करोड़ रहा, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह ₹75.46 लाख करोड़ था। वहीं मौजूदा कीमतों पर Nominal GDP में 10.3% की वृद्धि दर्ज की गई।


GVA ग्रोथ 8.2% रही

अर्थव्यवस्था की कुल गतिविधियों को समझने के लिए देखे जाने वाले Real Gross Value Added (GVA) में भी मजबूत बढ़त हुई। पहली तिमाही में Real GVA 8.2% बढ़ा। यह दिखाता है कि उत्पादन और सेवाओं से जुड़े कई क्षेत्रों में गतिविधियां मजबूत बनी रहीं।


मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का अच्छा प्रदर्शन

GDP बढ़ने में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। अप्रैल-जून तिमाही में मैन्युफैक्चरिंग की ग्रोथ 9.2% रही। यह पिछले साल की समान अवधि के 8.3% से अधिक है। इसके अलावा Construction और दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों में भी गतिविधियां मजबूत रहीं। कुल मिलाकर Secondary Sector की ग्रोथ 8.6% रही।


IT, रियल एस्टेट और फाइनेंस सेक्टर में 12.1% की बढ़त

सर्विस सेक्टर ने भी अर्थव्यवस्था को मजबूत सहारा दिया। पहली तिमाही में Tertiary Sector यानी सेवा क्षेत्र की ग्रोथ 10% रही। इसमें Financial, Real Estate, IT और Professional Services से जुड़े क्षेत्र का प्रदर्शन खास रहा। इस समूह ने 12.1% की ग्रोथ दर्ज की। यही वजह है कि IT, रियल एस्टेट और वित्तीय सेवाओं को GDP की बढ़त के प्रमुख कारणों में माना जा रहा है।


कृषि क्षेत्र में भी बढ़त

कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों की ग्रोथ पहली तिमाही में 3.6% रही। इसके बावजूद Primary Sector की कुल ग्रोथ 2.9% रही। यानी कृषि क्षेत्र ने भी अर्थव्यवस्था की कुल वृद्धि में योगदान दिया।


निवेश में तेज बढ़ोतरी

GDP के आंकड़ों में निवेश से जुड़ी गतिविधियां भी मजबूत दिखाई दीं। Gross Fixed Capital Formation यानी मशीनरी, निर्माण और दूसरी स्थायी संपत्तियों में निवेश की ग्रोथ पहली तिमाही में करीब 11.9% रही। पिछले साल इसी अवधि में यह 5.8% थी। इससे संकेत मिलता है कि कंपनियों और सरकार की ओर से निवेश गतिविधियों ने आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में मदद की।


RBI के अनुमान से आगे निकली GDP

पहली तिमाही की 7.8% GDP Growth खास इसलिए है क्योंकि यह RBI के पहले लगाए गए 7% अनुमान से ज्यादा है। बाजार के कई अनुमानों की तुलना में भी यह आंकड़ा बेहतर रहा। हालांकि, पिछली तिमाही यानी जनवरी-मार्च 2026 में संशोधित GDP ग्रोथ 8.6% रही थी। इस लिहाज से तिमाही आधार पर वृद्धि की रफ्तार थोड़ी कम हुई है, लेकिन सालाना आधार पर अर्थव्यवस्था की गति मजबूत बनी हुई है।


वैश्विक चुनौतियों के बीच मजबूत प्रदर्शन

भारत की GDP ग्रोथ ऐसे समय आई है जब दुनिया की अर्थव्यवस्था कई चुनौतियों से गुजर रही है। ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव, सप्लाई से जुड़ी परेशानियां और भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था ने मजबूत प्रदर्शन किया है। कुल मिलाकर, पहली तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि मैन्युफैक्चरिंग, IT, रियल एस्टेट, वित्तीय सेवाओं और निवेश ने भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। हालांकि आगे तेल की कीमतों, वैश्विक हालात और मानसून जैसे कारणों पर नजर बनी रहेगी।