महिला-सुरक्षा
महिला विकास योजना को बड़ा फंड, 19.25 करोड़ रुपये मंजूर l
महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने वर्ष 2026-27 के लिए “नव तेजस्विनी – महाराष्ट्र ग्रामीण महिला उद्यम विकास कार्यक्रम” (Nav Tejaswini Maharashtra Rural Women Entrepreneurship Development Program) को लागू करने के लिए 19.25 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। यह योजना अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास निधि (International Fund for Agricultural Development - IFAD) के सहयोग से चलाई जा रही है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना, उन्हें स्वरोजगार के अवसर देना और उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।

महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) के महिला एवं बाल विकास विभाग (Women and Child Development Department) ने वर्ष 2026-27 के लिए एक महत्वपूर्ण फैसला लेते हुए “नव तेजस्विनी – महाराष्ट्र ग्रामीण महिला उद्यम विकास कार्यक्रम” (Nav Tejaswini Maharashtra Rural Women Entrepreneurship Development Program) के लिए 19.25 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दी है। यह योजना अंतरराष्ट्रीय कृषि विकास निधि (International Fund for Agricultural Development - IFAD) के सहयोग से संचालित की जा रही है, जिसमें IFAD का भी वित्तीय योगदान शामिल है।
इस योजना का उद्देश्य राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके तहत महिलाओं को कौशल विकास (Skill Development), व्यवसायिक प्रशिक्षण (Entrepreneurship Training) और वित्तीय सहायता (Financial Assistance) प्रदान की जाएगी, ताकि वे खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें और आत्मनिर्भर बन सकें। सरकार द्वारा स्वीकृत यह 19.25 करोड़ रुपये का फंड महिला आर्थिक विकास महामंडल (Maharashtra State Women Development Corporation) के माध्यम से वितरित किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि इस राशि का उपयोग केवल योजना के निर्धारित घटकों और गतिविधियों पर ही किया जाए। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे फंड के उपयोग पर कड़ी निगरानी रखें और समय-समय पर इसकी रिपोर्ट सरकार को प्रस्तुत करें।
इसके अलावा, वित्त विभाग (Finance Department) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार, इस योजना के तहत खर्च की जाने वाली राशि का पूरा लेखा-जोखा रखा जाएगा। फंड के उपयोग के लिए “वर्चुअल पर्सनल डिपॉजिट अकाउंट” (Virtual Personal Deposit Account - VPDA) प्रणाली लागू की जाएगी, ताकि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। सरकार ने यह भी निर्देश दिया है कि इस योजना के अंतर्गत खर्च की गई राशि का सही उपयोग हो और यह सुनिश्चित किया जाए कि लाभ सीधे लक्षित महिलाओं तक पहुंचे। इसके लिए जिला स्तर के अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है कि वे योजना के कार्यान्वयन (Implementation) की निगरानी करें और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकें।
यह योजना न केवल महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था (Rural Economy) को भी बढ़ावा देगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की योजनाएं महिलाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के साथ-साथ राज्य के समग्र विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। सरकार का यह कदम महिला सशक्तिकरण (Women Empowerment) की दिशा में एक मजबूत पहल माना जा रहा है, जिससे आने वाले समय में ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को नए अवसर मिलेंगे और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी
