education

शिवनेरी किले के अनसुने रहस्य, जहां जन्मे थे छत्रपति शिवाजी महाराज

पुणे जिले के जुन्नर स्थित शिवनेरी किला केवल छत्रपति शिवाजी महाराज की जन्मस्थली ही नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के सबसे महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दुर्गों में से एक है। अपनी अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था, प्राकृतिक जलस्रोतों, प्राचीन स्थापत्य और समृद्ध इतिहास के कारण यह किला आज भी देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों और इतिहास प्रेमियों को आकर्षित करता है।

Priyanka Gaikwad27 जुल. 2026, 01:24 PM IST
खबर शेयर करें:
शिवनेरी किले के अनसुने रहस्य, जहां जन्मे थे छत्रपति शिवाजी महाराज
महाराष्ट्र के पुणे जिले के जुन्नर में सह्याद्री पर्वतमाला की ऊंची पहाड़ियों पर स्थित शिवनेरी किला भारतीय इतिहास का एक गौरवशाली प्रतीक माना जाता है। यह वही ऐतिहासिक स्थान है जहां 19 फरवरी 1630 को हिंदवी स्वराज्य के संस्थापक छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। किले का नाम यहां विराजमान शिवाई देवी के नाम पर रखा गया है। मान्यता है कि राजमाता जिजाबाई ने शिवाई देवी से वीर पुत्र की कामना की थी, जिसके बाद बालक का नाम 'शिवाजी' रखा गया। शिवनेरी किले की सबसे बड़ी विशेषता इसकी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था है। किले तक पहुंचने वाले मुख्य मार्ग पर सात विशाल और मजबूत दरवाजे बनाए गए हैं, जिनकी बनावट इस तरह की गई थी कि दुश्मन सेना आसानी से किले में प्रवेश न कर सके। कई स्थानों पर ऐसे झरोखे बनाए गए थे, जहां से सैनिक शत्रुओं पर नजर रखने के साथ उनकी गतिविधियों पर हमला भी कर सकते थे। किले का एक कम चर्चित मार्ग 'साखळी दरवाजा' भी है, जहां खड़ी चट्टानों पर लगी लोहे की जंजीरों के सहारे चढ़ाई करनी पड़ती है। इसे रणनीतिक दृष्टि से वैकल्पिक प्रवेश मार्ग माना जाता है।

किले के भीतर मौजूद 'गंगा' और 'यमुना' नाम के प्राकृतिक जलस्रोत तथा 'बदामी तलाव' इसकी उन्नत जल प्रबंधन व्यवस्था का उदाहरण हैं। माना जाता है कि लंबे समय तक घेराबंदी की स्थिति में भी इन जलस्रोतों के कारण किले में पानी की कमी नहीं होती थी। यही वजह है कि शिवनेरी को आत्मनिर्भर किलों में शामिल किया जाता है। इतिहासकारों के अनुसार शिवनेरी क्षेत्र का महत्व प्राचीन काल से रहा है। सातवाहन काल से लेकर यादव, बहमनी, निजामशाही और मराठा शासन तक विभिन्न राजवंशों ने इस किले का उपयोग और सुदृढ़ीकरण किया। इसलिए शिवनेरी केवल एक किला नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के सैन्य, सांस्कृतिक और स्थापत्य इतिहास का जीवंत साक्षी है।

आज शिवनेरी किला महाराष्ट्र के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। यहां शिवाई देवी मंदिर, शिवकुंज, राजमाता जिजाबाई और बाल शिवाजी महाराज की प्रतिमाएं तथा ऐतिहासिक अवशेष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करते हैं। हर वर्ष हजारों लोग इस ऐतिहासिक धरोहर का दर्शन करने और छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन से जुड़े गौरवशाली इतिहास को करीब से जानने के लिए यहां पहुंचते हैं।