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स्वप्ना बर्मन पर डोपिंग का शिकंजा, NADA ने किया प्रोविजनल सस्पेंड

एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता भारतीय हेप्टाथलीट स्वप्ना बर्मन को NADA ने प्रतिबंधित पदार्थ Boldenone के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद प्रोविजनल रूप से निलंबित कर दिया है। खास बात यह है कि बर्मन ने इसी महीने एथलेटिक्स से संन्यास लेने की घोषणा की थी। हालांकि, अभी यह अंतिम दोषसिद्धि नहीं है और उन्हें अपना पक्ष रखने तथा उपलब्ध एंटी-डोपिंग प्रक्रिया के तहत B Sample टेस्ट का विकल्प मिल सकता है।

Neha Sharma21 अग. 2026, 10:00 AM IST
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स्वप्ना बर्मन पर डोपिंग का शिकंजा, NADA ने किया प्रोविजनल सस्पेंड

नई दिल्ली, भारत की स्टार हेप्टाथलीट और 2018 एशियन गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता स्वप्ना बर्मन को राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (NADA) ने प्रतिबंधित पदार्थ के लिए पॉजिटिव पाए जाने के बाद अस्थायी रूप से निलंबित (Provisionally Suspended) कर दिया है। यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया है जब 29 वर्षीय बर्मन ने इसी महीने एथलेटिक्स से संन्यास लेने की घोषणा की थी।


क्या है पूरा मामला?

NADA की नवीनतम प्रोविजनल सस्पेंशन सूची में स्वप्ना बर्मन का नाम शामिल है। रिपोर्टों के मुताबिक, उनके नमूने में Boldenone नामक प्रतिबंधित anabolic-androgenic steroid पाया गया है। यह पदार्थ खेलों में प्रतिबंधित पदार्थों की श्रेणी में आता है। हालांकि, फिलहाल इसे अंतिम दोषसिद्धि नहीं माना जा सकता। बर्मन पर अभी प्रोविजनल सस्पेंशन लगा है और मामले में आगे की एंटी-डोपिंग प्रक्रिया पूरी होनी बाकी है। NADA से जुड़े एक सूत्र के अनुसार, बर्मन को सुनवाई का सामना करना होगा और वह B Sample की जांच का अनुरोध भी कर सकती हैं। यदि औपचारिक सुनवाई में उन पर डोपिंग उल्लंघन साबित होता है, तो आगे प्रतिबंध लगाया जा सकता है।


संन्यास लेने के बाद भी कार्रवाई क्यों?

स्वप्ना बर्मन ने जुलाई के अंत में एथलेटिक्स से संन्यास की घोषणा की थी। उन्होंने अपने लंबे करियर में बार-बार लगी चोटों का उल्लेख करते हुए कहा था कि उनका शरीर अब प्रतियोगिता के दबाव को पहले की तरह सहन नहीं कर पा रहा है। लेकिन संन्यास की घोषणा से किसी खिलाड़ी के खिलाफ पहले से मौजूद या सामने आए डोपिंग मामले की प्रक्रिया अपने-आप समाप्त नहीं होती। NADA के अनुसार, जांच और अनुशासनात्मक प्रक्रिया जारी रहेगी। अगर किसी खिलाड़ी को दोषी पाया जाता है, तो संबंधित प्रतिबंध लागू हो सकते हैं, भले ही उसने खेल से संन्यास की घोषणा कर दी हो।


स्वप्ना बर्मन का ऐतिहासिक करियर

स्वप्ना बर्मन ने भारतीय एथलेटिक्स में इतिहास रचा था। 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में उन्होंने महिला हेप्टाथलॉन में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास की पहली भारतीय हेप्टाथलीट बनने का गौरव हासिल किया, जिसने एशियन गेम्स में इस स्पर्धा का स्वर्ण जीता। उन्होंने इससे पहले 2017 एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भी हेप्टाथलॉन का स्वर्ण जीता था। वह 2016 रियो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व भी कर चुकी हैं। उनका करियर कई चुनौतियों से भरा रहा। चोटों के बावजूद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वापसी की और भारतीय एथलेटिक्स में अपनी अलग पहचान बनाई। जुलाई 2026 में संन्यास की घोषणा करते हुए उन्होंने अपने सफर को संघर्ष, चोटों और उपलब्धियों से भरा बताया था।


Boldenone क्या है?

Boldenone एक anabolic-androgenic steroid है, जिसका खेलों में उपयोग प्रतिबंधित है। एंटी-डोपिंग नियमों के तहत ऐसे पदार्थों का इस्तेमाल प्रदर्शन बढ़ाने के लिए किया जा सकता है, इसलिए इनके पाए जाने पर खिलाड़ी के खिलाफ जांच और अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाती है। रिपोर्ट के अनुसार, बर्मन के मामले में पदार्थ की पहचान उन्नत प्रयोगशाला विश्लेषण के जरिए की गई।


अब आगे क्या होगा?

अब इस मामले में सबसे महत्वपूर्ण चरण औपचारिक सुनवाई होगी। बर्मन को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलेगा और वह उपलब्ध एंटी-डोपिंग प्रक्रिया के तहत अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर सकती हैं, जिसमें B Sample की जांच का विकल्प भी शामिल है। इसलिए फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि स्वप्ना बर्मन अंतिम रूप से डोपिंग की दोषी साबित हो चुकी हैं। अभी मामला जांच और सुनवाई के चरण में है।


भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ा झटका

स्वप्ना बर्मन का नाम भारतीय एथलेटिक्स में बेहद प्रतिष्ठित रहा है। एशियन गेम्स में ऐतिहासिक स्वर्ण जीतने वाली खिलाड़ी के खिलाफ डोपिंग कार्रवाई निश्चित रूप से भारतीय खेल जगत के लिए गंभीर और संवेदनशील मामला है। हालांकि, अंतिम निष्कर्ष आने तक सभी पक्षों को प्रक्रिया पूरी होने का इंतजार करना होगा। फिलहाल NADA की कार्रवाई प्रोविजनल है, अंतिम प्रतिबंध या दोषसिद्धि नहीं।