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TV के 'संस्कारी' एक्टर पर POCSO का आरोप l
टीवी एक्टर रोहित चंदेल POCSO केस में करीब दो महीने से हिरासत में हैं। अब उनके केस से जुड़े दस्तावेजों में दर्ज कुछ जानकारियों को लेकर सवाल उठे हैं। उनके वकील का दावा है कि रिकॉर्ड में पेशे और वैवाहिक स्थिति समेत कुछ विवरण गलत दर्ज किए गए, जिससे जमानत और काम से जुड़े मामलों पर असर पड़ा। मामला फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है।

टीवी इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना चुके एक्टर रोहित चंदेल इन दिनों गंभीर कानूनी मामले का सामना कर रहे हैं। उनके खिलाफ POCSO यानी Protection of Children from Sexual Offences Act के तहत मामला दर्ज है। रिपोर्टों के मुताबिक, घाटकोपर पुलिस ने उन्हें जुलाई 2026 में गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से वह करीब दो महीने से कानूनी हिरासत में हैं और उनकी जमानत को लेकर अदालत में प्रक्रिया चल रही है।रोहित चंदेल की गिरफ्तारी उस समय हुई, जब वह एक टीवी प्रोजेक्ट की शूटिंग से जुड़े हुए थे। मामले के सामने आने के बाद उनके काम और प्रोफेशनल करियर पर भी असर पड़ने की बात सामने आई है। हालांकि, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों पर अभी अदालत का अंतिम फैसला नहीं आया है।
दस्तावेजों में दर्ज जानकारी पर विवाद
मामले में अब एक अलग विवाद रोहित चंदेल से जुड़े आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज जानकारी को लेकर सामने आया है। बचाव पक्ष की वकील सेविना बेदी सचर की ओर से दावा किया गया है कि कुछ रिकॉर्ड में रोहित का पेशा 'बिजनेसमैन' और वैवाहिक स्थिति 'मैरिड' दर्ज की गई है। बचाव पक्ष का कहना है कि रोहित खुद को अभिनेता बताते हैं और परिवार की ओर से भी उनकी वैवाहिक स्थिति को लेकर अलग जानकारी दी गई है। इसी तरह, रिकॉर्ड में धर्म से जुड़ी जानकारी को लेकर भी कथित विसंगति का मुद्दा उठाया गया है।परिवार का आरोप है कि इन जानकारियों को सही तरीके से दर्ज नहीं किया गया और इसका असर मामले की कानूनी प्रक्रिया पर पड़ा। बचाव पक्ष ने अदालत के सामने इन रिकॉर्ड से जुड़ी आपत्तियों को रखा है।
जमानत और करियर पर भी असर का दावा
रोहित के वकील का कहना है कि दस्तावेजों में कथित गलत जानकारी केवल रिकॉर्ड तक सीमित मामला नहीं है, बल्कि इसका असर उनकी जमानत और पेशेवर जीवन पर भी पड़ा। बचाव पक्ष के मुताबिक, एक अभिनेता के तौर पर काम करने वाले रोहित के लंबे समय तक हिरासत में रहने से उनके करियर और रोजगार के अवसर प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, इन दावों पर अंतिम स्थिति अदालत की कार्यवाही और संबंधित रिकॉर्ड से ही स्पष्ट होगी। दस्तावेजों में किसी जानकारी का गलत या अलग दर्ज होना अपने आप में POCSO मामले में लगाए गए मूल आरोपों को सही या गलत साबित नहीं करता।
मामले में आगे क्या होगा?
अब रोहित चंदेल की जमानत और मामले से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं पर अदालत में सुनवाई होनी है। बचाव पक्ष की ओर से रिकॉर्ड में कथित विसंगतियों को भी मुद्दा बनाया गया है। POCSO से जुड़े मामलों में अदालत आरोपों, उपलब्ध सबूतों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय करती है। इसलिए फिलहाल रोहित चंदेल के खिलाफ लगे आरोपों को आरोप के तौर पर ही देखा जाएगा, जब तक अदालत इस मामले में अंतिम फैसला नहीं सुनाती।मामले की अगली सुनवाई में जमानत और बचाव पक्ष की ओर से उठाए गए दस्तावेजी सवालों पर क्या रुख सामने आता है, इस पर सभी की नजर रहेगी।
