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महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: महिलाओं के लिए 23 साल पुरानी 'स्वयंसिद्धा' स्वसंरक्षण प्रशिक्षण योजना स्थायी रूप से बंद

विशेष संवाददाता, मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण देकर सशक्त बनाने के उद्देश्य से दो दशक पहले शुरू की गई "स्वयंसिद्धा महिला स्वसंरक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम" योजना को तत्काल प्रभाव से हमेशा के लिए बंद करने का फैसला लिया है। खेल विभाग द्वारा 3 सितंबर 2026 को जारी एक शासकीय आदेश (GR) के अनुसार, 20 जून 2003 को लागू किए गए मूल शासनादेश को औपचारिक रूप से निरस्त कर दिया गया है।

Vinod Tiwari03 सित. 2026, 06:10 PM IST
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महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: महिलाओं के लिए 23 साल पुरानी 'स्वयंसिद्धा' स्वसंरक्षण प्रशिक्षण योजना स्थायी रूप से बंद

राज्य के नियोजन विभाग (Planning Department) ने सभी विभागों के कामकाज और संचालित योजनाओं की उपयोगिता, प्रभावशीलता और लक्ष्य पूर्ति की समीक्षा 'जनरल प्लान रिव्यू' (GPR) के अंतर्गत की थी। इस समीक्षा के दौरान पाया गया कि कुछ योजनाएं समय के साथ कालबाह्य (अप्रासंगिक) हो चुकी हैं या उनके जैसे कार्य अन्य सरकारी एजेंसियां भी कर रही हैं। सालों से निष्प्रभावी: पिछले 4 से 5 वर्षों के दौरान इस योजना के लिए सरकार की ओर से न तो कोई बजट आवंटित किया गया था और न ही जमीनी स्तर पर इसका कोई क्रियान्वयन हो रहा था।


पुणे स्थित खेल एवं युवा सेवा सहसंचालक की ओर से मिले प्रस्ताव के आधार पर शासन ने यह अंतिम फैसला लिया। जारी आदेश के अनुसार, इस योजना से जुड़े लेखाशीर्ष (Head of Account – 2204) के अंतर्गत भविष्य में किसी भी प्रकार का बजटीय आवंटन या सहायक अनुदान (Grant-in-aid) जारी नहीं किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि यह योजना 'महाराष्ट्र राज्य खेल नीति, 2001' के तहत युवतियों और महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए शुरू की गई थी। सरकार के इस ताजा निर्णय के साथ ही 23 वर्ष पुरानी इस महत्वाकांक्षी योजना का अध्याय अब आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है।