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सस्ते आईफोन और फर्नीचर का लालच देकर देशभर में ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, उल्हासनगर से 5 साइबर ठग गिरफ्तार

ठाणे / उल्हासनगर: इंस्टाग्राम (Instagram) पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर बेहद सस्ते दामों में आईफोन (iPhone), ब्रांडेड मोबाइल और फर्नीचर बेचने के नाम पर देशभर के लोगों से लाखों रुपये ठगने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का ठाणे पुलिस की उल्हासनगर क्राइम ब्रांच (यूनिट-4) ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने उल्हासनगर इलाके में छापेमारी कर गिरोह के 5 सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। प्राथमिक जांच में सामने आया है कि इस गिरोह के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल (National Cyber Crime Portal) पर देशभर से 75 शिकायतें दर्ज हैं और ठगी के लिए आरोपियों ने 114 बैंक खातों का इस्तेमाल किया था।

Vinod Tiwari09 सित. 2026, 07:36 PM IST
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सस्ते आईफोन और फर्नीचर का लालच देकर देशभर में ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, उल्हासनगर से 5 साइबर ठग गिरफ्तार

फर्जी इंस्टाग्राम आईडी से देशभर में फैलाया था जाल

क्राइम ब्रांच के अनुसार, आरोपी इंस्टाग्राम पर '360 Mobiles', 'Jayesh Mobiles', 'Dhaval Mobiles', 'Devamobiles', 'Nikhilmobiles', 'Nileshmoblies', 'Vivekcommunication' और 'modern_mobiles' जैसे नामों से फर्जी अकाउंट्स बनाते थे। इन पेजों के जरिए वे राजस्थान, असम, मेघालय, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, मिजोरम, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और छत्तीसगढ़ समेत देशभर के विभिन्न राज्यों के नागरिकों को बेहद कम कीमत में आईफोन, अन्य कंपनियों के स्मार्टफोन और फर्नीचर बेचने का लालच देते थे।

पैकिंग का फर्जी वीडियो और बारकोड भेजकर करते थे ठगी

पुलिस जांच में आरोपियों की कार्यप्रणाली (Modus Operandi) का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है:

 * आरोपी आकर्षक विज्ञापनों के जरिए ग्राहकों को अपनी ओर खींचते थे और चैट के जरिए उनका भरोसा जीतते थे।

 * जब ग्राहक ऑर्डर दे देते थे, तो आरोपी पार्सल पैकिंग का फर्जी वीडियो और नकली बारकोड तैयार करते थे।

 * पार्सल पर वह फर्जी बारकोड चिपकाकर व्हाट्सएप पर वीडियो या फोटो भेज देते थे ताकि ग्राहक को लगे कि उनका सामान कूरियर से भेज दिया गया है।

 * इसके बाद ग्राहकों से अलग-अलग बैंक खातों में ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे।

 * जैसे ही पैसे खाते में आते, आरोपी ग्राहकों से संपर्क पूरी तरह तोड़ लेते थे और कभी कोई सामान नहीं भेजते थे।

गुप्त सूचना पर क्राइम ब्रांच की छापेमारी

उल्हासनगर क्राइम ब्रांच यूनिट-4 के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजेश गज्जल को अपने गुप्त मुखबिर से पुख्ता जानकारी मिली थी कि देशभर में साइबर ठगी करने वाला यह गिरोह उल्हासनगर परिसर में छिपा हुआ है। सूचना के आधार पर वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में विशेष टीमें बनाई गईं और उल्हासनगर में छापेमारी कर 5 आरोपियों को धर दबोचा गया। पकड़े गए आरोपियों के पास से 1 लाख 20 हजार रुपये मूल्य के मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

BNS और IT एक्ट के तहत मामला दर्ज

इस मामले में उल्हासनगर पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4), 318(5), 3(5) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) कानून की धारा 66(C), 66(D) के तहत अपराध संख्या 0299/2026 दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार, प्राथमिक जांच में पता चला है कि इस गिरोह द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों और ईमेल आईडी से जुड़ी 75 शिकायतें राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर पहले से दर्ज हैं। आरोपियों ने अवैध लेन-देन के लिए 114 विभिन्न बैंक खातों का उपयोग किया था।

पुलिस की नागरिकों से अपील

अदालत ने सभी 5 गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में भेज दिया है। मामले में शामिल अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है। ठाणे पुलिस ने अपील की है कि यदि इंस्टाग्राम पर ऐसे विज्ञापनों के झांसे में आकर किसी अन्य नागरिक के साथ भी आर्थिक ठगी हुई है, तो वे तुरंत क्राइम ब्रांच, घटक-4, उल्हासनगर से संपर्क करें।