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महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: आदिवासी हॉस्टलों में बंद होगी DBT प्रणाली, छात्रों को फिर मिलेगी 'मेस' की सुविधा

मुंबई: महाराष्ट्र सरकार ने आदिवासी विकास विभाग के अंतर्गत आने वाले सरकारी हॉस्टलों में रहने वाले अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्र-छात्राओं के हित में बड़ा निर्णय लिया है। राज्य के 'ए', 'बी' और 'सी' वर्ग के नगर निगमों, संभागीय शहरों और जिला स्तर के सरकारी हॉस्टलों में भोजन के लिए दी जा रही डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) प्रणाली को बंद कर दिया गया है। अब छात्रों को तालुका स्तर के हॉस्टलों की तर्ज पर हॉस्टल परिसर में ही सीधे तैयार भोजन यानी 'मेस' की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

Vinod Tiwari30 अग. 2026, 06:21 PM IST
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महाराष्ट्र सरकार का बड़ा फैसला: आदिवासी हॉस्टलों में बंद होगी DBT प्रणाली, छात्रों को फिर मिलेगी 'मेस' की सुविधा

छात्रों के आंदोलन के बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर फैसला

महाराष्ट्र के आदिवासी विकास विभाग द्वारा 29 अगस्त 2026 को जारी सरकारी निर्णय (GR) के अनुसार, हॉस्टल में रहने वाले छात्र लंबे समय से भोजन के लिए दी जा रही डीबीटी (नकद राशि) को रद्द कर मेस शुरू करने की मांग कर रहे थे। छात्रों के विभिन्न मुद्दों को लेकर चल रहे आंदोलन में यह एक प्रमुख मांग थी। 29 अगस्त 2026 को छात्र प्रतिनिधियों के साथ हुई विस्तृत चर्चा के बाद, मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए निर्देशों के आधार पर सरकार ने मेस सुविधा बहाल करने का फैसला किया।

2018 में शुरू की गई थी डीबीटी व्यवस्था

उल्लेखनीय है कि आदिवासी विकास विभाग के तहत राज्य में 490 सरकारी हॉस्टल कार्यरत हैं। 5 अप्रैल 2018 के सरकारी आदेश के तहत नगर निगम, संभागीय और जिला स्तर के हॉस्टलों में छात्रों को अपनी पसंद और सुविधा के अनुसार भोजन की व्यवस्था करने के लिए आर्थिक सहायता के रूप में भोजन का पैसा सीधे उनके बैंक खाते में (DBT के माध्यम से) भेजा जा रहा था। हालांकि, छात्रों को इससे आ रही व्यावहारिक दिक्कतों के चलते अब इसे वापस मेस प्रणाली में बदला जा रहा है।

3 महीने में टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के आदेश

शासन निर्णय के तहत, तालुका और ग्रामीण स्तर के हॉस्टलों की तर्ज पर भोजन ठेका (मेस कांट्रैक्ट) देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। संबंधित अपर आयुक्तों (Additional Commissioners) को अगले 3 महीने के भीतर टेंडर व भोजन ठेके की सभी आवश्यक प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि डीबीटी बंद होने और मेस के पूरी तरह से शुरू होने के बीच की समय अवधि में छात्रों के भोजन को लेकर कोई भी असुविधा नहीं होनी चाहिए और इस संबंध में कोई शिकायत न आए, इसके लिए विभाग को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।