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मुंबई में बारिश और बीमारियों का दोतरफा वार
मुंबई में मानसून केवल राहत की फुहारें ही नहीं लाता, बल्कि अपने साथ कई चुनौतियां भी लेकर आता है। एक ओर मूसलाधार बारिश से जलभराव, ट्रैफिक जाम और जनजीवन प्रभावित होता है, तो दूसरी ओर मौसमी बीमारियां लोगों की परेशानी बढ़ा देती हैं। इस बार भी शहर में बारिश के साथ वायरल संक्रमण, श्वसन संबंधी बीमारियों और पेट के संक्रमण के मामलों में तेजी देखी जा रही है। ऐसे में मुंबईकरों के सामने बारिश और बीमारियों का दोतरफा संकट खड़ा हो गया है।

मानसून की दस्तक के साथ ही शहर के कई सरकारी और निजी अस्पतालों में वायरल फ्लू, इन्फ्लुएंजा, कोविड-19, वायरल डायरिया और अन्य श्वसन संक्रमण से पीड़ित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। डॉक्टरों का कहना है कि बारिश के मौसम में बढ़ी नमी, तापमान में उतार-चढ़ाव और दूषित भोजन एवं पानी के कारण संक्रमण तेजी से फैलता है। अस्पतालों के चिकित्सकों के अनुसार, पिछले कुछ सप्ताह में वायरल संक्रमण के मामलों में लगभग 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। खासकर बच्चों, बुजुर्गों और पहले से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों में संक्रमण का खतरा अधिक है। मरीजों में तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ, शरीर दर्द और कमजोरी जैसे लक्षण प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून के दौरान केवल श्वसन संक्रमण ही नहीं, बल्कि वायरल डायरिया और पेट से जुड़ी बीमारियों के मामलों में भी इजाफा होता है। दूषित पानी, बाहर का अस्वच्छ भोजन और खराब स्वच्छता इसके प्रमुख कारण माने जा रहे हैं। इसलिए लोगों को उबला या फ़िल्टर किया हुआ पानी पीने, ताज़ा और स्वच्छ भोजन करने तथा हाथों की नियमित सफाई रखने की सलाह दी जा रही है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि यदि बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दो से तीन दिन से अधिक समय तक बने रहें, तो इसे सामान्य वायरल बुखार समझकर नजरअंदाज न करें। समय पर जांच और चिकित्सकीय सलाह लेने से कोविड-19, इन्फ्लुएंजा, डेंगू या अन्य संक्रमण की सही पहचान कर समय रहते इलाज शुरू किया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, 60 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों, गर्भवती महिलाओं, मधुमेह, उच्च रक्तचाप, किडनी रोग, कैंसर या कमजोर प्रतिरक्षा क्षमता वाले मरीजों को डॉक्टर की सलाह पर फ्लू वैक्सीन लगवाने पर विचार करना चाहिए। इसके अलावा भीड़भाड़ वाली जगहों पर मास्क का उपयोग, स्वच्छ भोजन, सुरक्षित पेयजल और व्यक्तिगत स्वच्छता अपनाना मानसून के दौरान संक्रमण से बचाव के प्रभावी उपाय हैं।
बारिश मुंबई की पहचान है, लेकिन यही मौसम हर साल स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियां भी लेकर आता है। ऐसे में सतर्कता, समय पर जांच और आवश्यक सावधानियां अपनाकर ही इस दोतरफा वार से बचा जा सकता है। मानसून का आनंद तभी सुरक्षित है, जब बारिश के साथ स्वास्थ्य का भी पूरा ध्यान रखा जाए।
