railway
सेंट्रल रेलवे के 12 कर्मचारियों को सेफ्टी अवॉर्ड, सतर्कता से टले कई हादसे l
मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने 11 अगस्त 2026 को सुरक्षित रेल संचालन में सतर्कता, कर्तव्यनिष्ठा और समय पर कार्रवाई के लिए सेंट्रल रेलवे के 12 कर्मचारियों को सेफ्टी अवॉर्ड से सम्मानित किया। इन कर्मचारियों ने अलग-अलग घटनाओं में रेल ट्रैक, कोच, इंजन और मालगाड़ियों में गंभीर तकनीकी खामियों को समय रहते पहचाना और जरूरी सूचना देकर संभावित हादसों को टालने में अहम भूमिका निभाई। पुरस्कार में मेडल, प्रशस्ति प्रमाणपत्र, उत्कृष्ट सुरक्षा कार्य का प्रशंसा-पत्र और नकद पुरस्कार शामिल था।

मध्य रेलवे ने सुरक्षित ट्रेन संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले अपने कर्मचारियों के योगदान को सम्मानित किया है। 11 अगस्त 2026 को आयोजित समारोह में मध्य रेलवे के महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने 12 कर्मचारियों को सेफ्टी अवॉर्ड प्रदान किए। कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान दिखाई गई सतर्कता, कर्तव्य के प्रति समर्पण और समय पर कार्रवाई के लिए सम्मानित किया गया। इन कर्मचारियों ने अलग-अलग मौकों पर रेलगाड़ियों और रेलवे ट्रैक में गंभीर खामियों को समय रहते पहचाना। किसी ने मालगाड़ी के वैगन में गर्म एक्सल देखा, तो किसी ने रेल फ्रैक्चर, कोच के टूटे हिस्से, ब्रेक वैन में आग और ट्रैक बकलिंग जैसी स्थिति की जानकारी समय पर दी। कुछ कर्मचारियों की तत्परता से यात्रियों को भी संभावित नुकसान से बचाया गया। प्रत्येक पुरस्कार में मेडल, प्रशस्ति प्रमाणपत्र, उत्कृष्ट सुरक्षा कार्य का प्रशंसा-पत्र और नकद पुरस्कार शामिल था।
मुंबई मंडल के 2 कर्मचारी
1. रत्नेश कुमार – डिप्टी स्टेशन मैनेजर, बदलापुर, मुंबई मंडल। 1 जुलाई 2026 को ड्यूटी के दौरान उन्होंने गुजर रही मालगाड़ी के एक वैगन में हॉट एक्सल देखा। उन्होंने तुरंत लाल हाथ का सिग्नल दिखाकर ट्रेन रुकवाई और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। समय पर कार्रवाई से संभावित हादसा टल गया।
2. स्वप्निल बंसिलाल गजभिए – फिट्टर, लोकमान्य तिलक टर्मिनस, मुंबई मंडल। 9 जुलाई 2026 को ट्रेन संख्या 11061 एलटीटी-जयनगर एक्सप्रेस के निरीक्षण के दौरान उन्होंने एक कोच के नकली पिन में दरार देखी और तुरंत अधिकारियों को जानकारी दी। इससे पहले भी उन्होंने ट्रेन संख्या 12546 एलटीटी-रक्सौल एक्सप्रेस में खराबी का पता लगाया था।
पुणे मंडल के 3 कर्मचारी
3. प्रीति अजय श्रीनिवास – लेडी आरपीएफ हेड कांस्टेबल, पुणे। 19 जुलाई 2026 को पुणे स्टेशन के अंब्रेला गेट के पास एक महिला के प्रसव पीड़ा में होने की सूचना मिलने पर वह तुरंत मौके पर पहुंचीं और महिला की सुरक्षित डिलीवरी कराने में मदद की। उनकी तत्परता से मां और बच्चे की जान बचाने में मदद मिली।
4. आशीष सुग्रीव वाघचौरे – सिग्नल असिस्टेंट, पुणे केबिन। 5 जुलाई 2026 को उन्होंने एक यात्री को चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश करते देखा। यात्री गिर गया, जिसके बाद आशीष तुरंत मौके पर पहुंचे और उसे सुरक्षित बाहर निकाला।
5. अमजद नसीर पठान – सीनियर टेक्नीशियन, साईनगर शिरडी। 26 जुलाई 2026 को रोलिंग-इन निरीक्षण के दौरान उन्होंने लोको संख्या 37445 के प्राइमरी सस्पेंशन स्प्रिंग को टूटी हालत में देखा। उन्होंने तुरंत अधिकारियों को सूचना दी, जिसके बाद आवश्यक कार्रवाई की गई।
भुसावल मंडल के 3 कर्मचारी
6. अरविंद कुमार साहा – ट्रैफिक इंस्पेक्टर, खंडवा। 22 जून 2026 को ट्रेन संख्या 15017 एलटीटी-गोरखपुर एक्सप्रेस से यात्रा के दौरान उन्हें बादगांव स्टेशन के आगे ट्रैक पर पेड़ की शाखाएं गिरी होने की जानकारी मिली। उन्होंने असिस्टेंट लोको पायलट की मदद से ट्रैक से शाखाएं हटाईं। इसके अलावा आबना ब्रिज पर अप लाइन में एक लोहे का खंभा खतरनाक तरीके से झुका हुआ मिला, जिसकी सूचना उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को दी।
7. कमलेश कुमार – असिस्टेंट लोको पायलट, भुसावल। 12 जुलाई 2026 को मालगाड़ी ड्यूटी के दौरान बीटीपीएस साइडिंग में प्रवेश करते समय उन्होंने रेल फ्रैक्चर देखा। उन्होंने तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन रोकी और अधिकारियों को सूचना दी।
8. राजेश रमेश पाटिल – टेक्नीशियन, आरओएच भुसावल। 1 जुलाई 2026 को जलगांव स्टेशन पर ट्रेन संख्या 11057 सीएसएमटी-अमृतसर एक्सप्रेस की ब्रेक वैन में आग देखी। उन्होंने तुरंत डीवी वाल्व रिलीज कर ब्रेक वैन को आइसोलेट किया और संबंधित अधिकारियों को सूचना दी। इससे संभावित बड़ी घटना को टालने में मदद मिली।
नागपुर मंडल के 3 कर्मचारी
9. रविकुमार राजेंद्र प्रसाद – सीनियर गुड्स ट्रेन मैनेजर, बल्लारशाह। 17 जून 2026 को आदिलाबाद स्टेशन पर मालगाड़ी के प्री-डिपार्चर निरीक्षण के दौरान उन्होंने ब्रेक वैन से पहले वाली ट्रॉली के साइड बेयरर यूनिट को टूटी हालत में देखा। उन्होंने तुरंत संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
10. बिच्या रामजी अजमेरा – इलेक्ट्रिकल सिग्नल मेंटेनर, बल्लारशाह। 10 जून 2026 को ट्रैक डाउन के बाद निरीक्षण के दौरान उन्होंने रेल फ्रैक्चर देखा और तुरंत अधिकारियों को सूचना दी। इसके बाद उस ट्रैक से गुजरने वाली ट्रेन संख्या 12577 दरभंगा-मैसूर एक्सप्रेस को समय रहते रोक दिया गया।
11. विशाल मांडवकर – पॉइंट्समैन, वरोरा। 24 जून 2026 को गुजर रही मालगाड़ी के साथ सिग्नल एक्सचेंज के दौरान उन्होंने एक वैगन में फ्लैट टायर जैसी आवाज सुनी। उन्होंने तुरंत सूचना दी। ट्रेन को चिकनी रोड पर रोककर जांच की गई, जिसमें टायर की स्थिति निर्धारित सीमा से अधिक खराब पाई गई।
सोलापुर मंडल का 1 कर्मचारी
12. दयाराम पाल – लोको पायलट गुड्स, कुर्डुवाड़ी। 12 जुलाई 2026 को ड्यूटी के दौरान उन्होंने मोड्लिम्ब-पंढरपुर सेक्शन में ट्रैक बकलिंग देखी। उन्होंने प्रभावित हिस्से से पहले ही ट्रेन रोक दी और तुरंत संबंधित अधिकारियों को जानकारी दी। उनकी सतर्कता से संभावित हादसा टल गया।
भूस्खलन के दौरान 11 कर्मचारियों को भी मिला विशेष सम्मान
इसी समारोह में महाप्रबंधक राजीव श्रीवास्तव ने मुंबई मंडल के 11 कर्मचारियों को विशेष सुरक्षा पुरस्कार भी प्रदान किए। इन कर्मचारियों ने 6 जुलाई को करजत-लोनावला घाट सेक्शन में भारी बारिश के कारण हुए भूस्खलन की समय पर सूचना दी थी। इसके बाद उन्होंने रेल ट्रैक की बहाली में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मध्य रेलवे के अनुसार, कर्मचारियों की सतर्कता और समय पर कार्रवाई का सीधा असर यात्रियों की सुरक्षा और सुरक्षित रेल संचालन पर पड़ा। महाप्रबंधक ने सभी पुरस्कार प्राप्त कर्मचारियों को बधाई देते हुए उनकी कर्तव्यनिष्ठा और सजगता की सराहना की। समारोह में अतिरिक्त महाप्रबंधक प्रतीक गोस्वामी, प्रधान मुख्य सुरक्षा अधिकारी चंद्र किशोर प्रसाद समेत मध्य रेलवे के अन्य प्रधान विभागाध्यक्ष और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
