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५७ करोड़ के साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश; छह शातिर आरोपी गिरफ्तार, सोलापुर का सेटअप ध्वस्त

उल्हासनगर क्राइम ब्रांच ने देशभर के नागरिकों से ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर अपराधियों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से ३ लैपटॉप, २१ मोबाइल फोन, २३ सिम कार्ड, १५५ एटीएम कार्ड, १०५ बैंक पासबुक व चेकबुक तथा ९४ हजार ३५० रुपये नकद बरामद किए गए हैं। जांच में इस नेटवर्क से जुड़े ५७ करोड़ २५ लाख ४८ हजार २४८ रुपये के साइबर फ्रॉड के सुराग सामने आए हैं।

Priyanka Gaikwad19 अग. 2026, 10:01 AM IST
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५७ करोड़ के साइबर फ्रॉड का पर्दाफाश; छह शातिर आरोपी गिरफ्तार, सोलापुर का सेटअप ध्वस्त
उल्हासनगर  : ऑनलाइन बेटिंग-गेमिंग और विभिन्न प्रकार की साइबर धोखाधड़ी के लिए अपराधियों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले गिरोह के खिलाफ उल्हासनगर क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार कर सोलापुर जिले के मोहोळ में चल रहे साइबर फ्रॉड के सेटअप का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई से देशभर में नागरिकों के साथ होने वाली साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े आर्थिक नेटवर्क का खुलासा हुआ है। क्राइम ब्रांच के पुलिसकर्मी गणेश गाडे और सतीश सपकाळे को इस गिरोह के बारे में गुप्त जानकारी मिली थी। सूचना के आधार पर पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रखी और जाल बिछाया। जांच आगे बढ़ने पर इस गिरोह के तार सोलापुर जिले तक जुड़े होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस टीम ने मोहोळ में कार्रवाई करते हुए साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल किए जा रहे पूरे सेटअप को ध्वस्त कर दिया।

बड़ी मात्रा में डिजिटल और बैंकिंग सामग्री जब्त
छापेमारी के दौरान पुलिस को आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले। पुलिस ने ३ लैपटॉप, २१ मोबाइल फोन, २३ सिम कार्ड, १५५ एटीएम कार्ड, १०५ बैंक पासबुक और चेकबुक जब्त किए हैं। इसके अलावा ९४ हजार ३५० रुपये नकद भी बरामद किए गए हैं। इतनी बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, बैंक पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड मिलने से आरोपियों द्वारा बड़ी संख्या में बैंक खातों का इस्तेमाल किए जाने का संदेह है। जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच के जरिए पुलिस इन खातों और उनसे हुए वित्तीय लेन-देन का पता लगा रही है।

देशभर की १६ शिकायतों से कनेक्शन
पुलिस द्वारा जब्त किए गए बैंक खातों की प्राथमिक जांच में इन खातों से संबंधित देशभर के साइबर क्राइम पोर्टल पर १६ शिकायतें दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। महाराष्ट्र के अलावा पंजाब और ओडिशा में भी इन बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर अपराधों में किए जाने की बात जांच में सामने आई है। पुलिस के अनुसार, गिरोह द्वारा साइबर अपराधियों को बैंक खाते उपलब्ध कराए जाते थे। ऑनलाइन ठगी से हासिल रकम इन खातों में जमा किए जाने के बाद उसे अन्य खातों में ट्रांसफर किए जाने की आशंका है। ऐसे में पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है।

५७ करोड़ २५ लाख रुपये की धोखाधड़ी के सुराग
अब तक की जांच में इस नेटवर्क से जुड़े बैंक खातों और लेन-देन के जरिए ५७ करोड़ २५ लाख ४८ हजार २४८ रुपये की धोखाधड़ी के सुराग पुलिस को मिले हैं। इस रकम का इस्तेमाल ऑनलाइन बेटिंग-गेमिंग समेत अन्य साइबर अपराधों से जुड़े लेन-देन में किए जाने का संदेह है। इस मामले में विठ्ठलवाड़ी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जब्त किए गए मोबाइल फोन, लैपटॉप, सिम कार्ड और बैंकिंग दस्तावेजों की तकनीकी जांच कर रही है। जांच के दौरान ठगी का पूरा तरीका, पैसों का प्रवाह और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की जानकारी सामने आने की संभावना है।

वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में कार्रवाई
यह कार्रवाई सहपुलिस आयुक्त (क्राइम) डॉ. पंजाबराव उगले, उपायुक्त अमरासिंह जाधव और सहायक पुलिस आयुक्त (शोध-१) शेखर बागडे के मार्गदर्शन में की गई। वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजेश गजल, सहायक पुलिस निरीक्षक क्षीरसागर, पुलिस उपनिरीक्षक अशोक पवार, सहायक पुलिस उपनिरीक्षक बबन बांडे और उनकी टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। मामले की आगे की जांच वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक राजेश गजल कर रहे हैं।

क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई से फर्जी बैंक खातों के जरिए साइबर अपराधियों को आर्थिक लेन-देन की सुविधा उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। अब जब्त किए गए डिजिटल उपकरणों और बैंकिंग दस्तावेजों की जांच के आधार पर इस रैकेट से जुड़े अन्य लोगों और देशभर में किए गए संभावित साइबर अपराधों की जानकारी जुटाई जा रही है।