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शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्य से अलग रखने की मांग : पांडेय गुट
लखनऊ में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ (पांडेय गुट) ने शिक्षकों को गैर शैक्षणिक कार्यों से पूरी तरह मुक्त रखने की मांग उठाई है, जिससे स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा सके।

शिक्षा पर असर: संघ का कहना है कि शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य कराए जाने के कारण स्कूलों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने में बाधा उत्पन्न हो रही है। नामांकन और छवि पर प्रभाव: इसके कारण एक ओर जहां विद्यालयों में नामांकन में कमी आ रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षकों के प्रति नकारात्मक संदेश भी जा रहा है।
मानसिक परेशानी: विभिन्न प्रकार के गैर शैक्षणिक कार्यों को करने की वजह से शिक्षक मानसिक तौर पर भी परेशान रहते हैं।
प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात: इस संबंध में उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ का एक प्रतिनिधिमंडल, प्रदेश अध्यक्ष सुशील कुमार पांडे के नेतृत्व में बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी, एससीईआरटी निदेशक गणेश कुमार और संयुक्त निदेशक डॉ. पवन सचान से मिला।
अन्य प्रमुख मांगें:
- शिक्षकों का उनकी इच्छा के अनुसार (ऐच्छिक) जिलों में तबादला किया जाए।
- वरिष्ठता के आधार पर ग्रामीण क्षेत्रों से नगर क्षेत्रों में तबादला हो।
- बढ़ती विभागीय सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए विद्यालयों में कंप्यूटर ऑपरेटर की नियुक्ति की जाए।
- वर्ष 2004 की विज्ञप्ति से तैनात शिक्षकों को पुरानी पेंशन दिए जाने पर भी जल्द से जल्द कार्रवाई की जाए।
