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केडीएमसी के विकास को ₹2.55 करोड़ मंजूर l

महाराष्ट्र सरकार ने कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) क्षेत्र में नागरिकों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 2 करोड़ 55 लाख रुपये की मंजूरी प्रदान की है। यह राशि "महानगरपालिका क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए विशेष प्रावधान" योजना के तहत स्वीकृत की गई है। इस निधि से शहर के विभिन्न वार्डों में सीसी सड़क निर्माण, सड़कों का कंक्रीटीकरण, नालियां, फुटपाथ, वरिष्ठ नागरिक विरंगुला केंद्र और अन्य सार्वजनिक विकास कार्य किए जाएंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी कार्य ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से गुणवत्ता मानकों का पालन करते हुए समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे, ताकि नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित आधारभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके।

Kashish Rai07 अग. 2026, 05:23 PM IST
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केडीएमसी के विकास को ₹2.55 करोड़ मंजूर l
महाराष्ट्र शासन के नगर विकास विभाग ने कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका (केडीएमसी) क्षेत्र के विकास को नई गति देने के लिए 2 करोड़ 55 लाख रुपये की वित्तीय मंजूरी प्रदान की है। यह मंजूरी वर्ष 2025-26 के अंतर्गत "महानगरपालिका क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए विशेष प्रावधान" योजना के तहत दी गई है। सरकार का उद्देश्य शहर के विभिन्न हिस्सों में बुनियादी नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना, अधोसंरचना का विस्तार करना और नागरिकों को बेहतर जीवन स्तर उपलब्ध कराना है। इस योजना के अंतर्गत स्वीकृत राशि पूरी तरह राज्य सरकार द्वारा वहन की जाएगी तथा परियोजनाओं का क्रियान्वयन कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका के माध्यम से किया जाएगा। 

मंजूर निधि से शहर के कई वार्डों में सीसी सड़क निर्माण, पुरानी सड़कों का कंक्रीटीकरण, नालियों और फुटपाथों का निर्माण, सार्वजनिक मार्गों का विकास, वरिष्ठ नागरिकों के लिए विरंगुला (मनोरंजन) केंद्र का निर्माण तथा अन्य आवश्यक नागरिक सुविधाओं से जुड़े कार्य किए जाएंगे। योजना के अंतर्गत विवेक ज्योत सोसायटी, मंगल कलश कॉम्प्लेक्स, सुनील नगर, तुकाराम नगर, दत्तनगर, विष्णुनगर तथा अन्य क्षेत्रों में सड़क, नाली और सार्वजनिक सुविधाओं के विकास संबंधी अनेक कार्यों को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं से शहर के अनेक इलाकों में लंबे समय से लंबित विकास कार्यों को गति मिलने की उम्मीद है। 

सरकार ने इस योजना के क्रियान्वयन के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश भी जारी किए हैं। सभी विकास कार्य केवल ई-टेंडर प्रणाली के माध्यम से ही कराए जाएंगे तथा प्रत्येक परियोजना को तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृति मिलने के बाद ही कार्य प्रारंभ किया जाएगा। जिला प्रशासन को यह सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है कि किसी भी परियोजना में अनियमितता न हो, एक ही कार्य पर दोबारा खर्च न किया जाए और सभी कार्य निर्धारित लागत सीमा के भीतर ही पूरे किए जाएं। यदि ई-टेंडर प्रक्रिया के बाद परियोजना की लागत कम होती है तो बची हुई राशि शासन को वापस जमा करनी होगी, जबकि लागत बढ़ने की स्थिति में अतिरिक्त अनुदान उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। 

शासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी विकास कार्य केवल सार्वजनिक उपयोग के लिए होंगे और किसी भी निजी परियोजना पर इस निधि का उपयोग नहीं किया जा सकेगा। संबंधित अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि प्रस्तावित कार्य शहर के विकास आराखड़े और विकास नियंत्रण नियमों के अनुरूप हों। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि जिन क्षेत्रों में जलापूर्ति या सीवरेज परियोजनाएं चल रही हैं, वहां सड़क निर्माण ऐसे समय पर किया जाए जिससे बाद में दोबारा खुदाई की आवश्यकता न पड़े और सरकारी धन का अपव्यय रोका जा सके। 

निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए शासन ने कई निगरानी संबंधी प्रावधान भी तय किए हैं। प्रत्येक परियोजना के शुरू होने से पहले और पूरा होने के बाद स्थल के फोटोग्राफ सुरक्षित रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा कार्यों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराया जाएगा और उपयोगिता प्रमाणपत्र संबंधित विभागों को निर्धारित प्रारूप में प्रस्तुत करना होगा। जिला प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि वित्तीय नियमों का पूर्ण पालन हो तथा सार्वजनिक धन का उपयोग केवल स्वीकृत कार्यों पर ही किया जाए। 

इस निर्णय से कल्याण-डोंबिवली महानगरपालिका क्षेत्र के हजारों नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है। बेहतर सड़कें, मजबूत जल निकासी व्यवस्था, सुरक्षित फुटपाथ और सार्वजनिक सुविधाओं के विस्तार से लोगों की दैनिक समस्याओं में कमी आएगी। साथ ही शहर के तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए यह योजना भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप अधोसंरचना को मजबूत करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। विकास कार्यों के समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन से नागरिकों को बेहतर यातायात, स्वच्छ वातावरण और अधिक सुविधाजनक शहरी जीवन उपलब्ध कराने की दिशा में यह मंजूरी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।