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गोरखपुर में 15 वर्षीय छात्रा से दुष्कर्म का आरोप, कॉलेज प्रबंधक के बेटे पर POCSO में केस; ऑडियो वायरल करने का भी आरोप
गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के गोला थाना क्षेत्र में एक निजी गर्ल्स इंटर कॉलेज की 10वीं कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा ने कॉलेज प्रबंधक के बेटे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और POCSO Act की संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।

छात्रा का आरोप है कि आरोपी ने पढ़ाई में मदद करने, आगे की शिक्षा के लिए गोरखपुर शहर में व्यवस्था कराने और उसके खर्च उठाने का भरोसा दिया। इसके बाद कथित तौर पर उस पर दबाव बनाया गया। छात्रा ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उसे परीक्षा में फेल करने और बदनाम करने की धमकी दी जाती थी। मामला सामने आने के बाद कथित ऑडियो वायरल होने को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
केबिन में बुलाकर गलत काम करने का आरोप
मामला जिला मुख्यालय से करीब 55 किलोमीटर दूर गोला थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। पीड़िता के अनुसार, करीब चार महीने पहले कॉलेज में छुट्टी के बाद आरोपी ने उसे अपने केबिन में बुलाया था। छात्रा का दावा है कि उस समय आरोपी कमरे में अकेला था। शिकायत के मुताबिक, छात्रा के विरोध के बावजूद आरोपी ने उसके साथ जबरदस्ती की। छात्रा ने आरोप लगाया कि आरोपी ने उसे धमकी दी कि यदि उसने घटना के बारे में किसी को बताया तो उसे परीक्षा में फेल कर दिया जाएगा और बदनाम किया जाएगा। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही होगी।
पढ़ाई और खर्च उठाने का भरोसा देने का आरोप
छात्रा ने पुलिस को बताया कि आरोपी ने उसे आगे की पढ़ाई में मदद करने और गोरखपुर शहर में पढ़ाने का भरोसा दिया था। कथित तौर पर उसने रहने के लिए कमरा दिलाने और पढ़ाई का खर्च उठाने की बात भी कही थी। शिकायत के अनुसार, आरोपी ने छात्रा से कहा था कि वह उसके बाबा से बात कर लेगा। छात्रा का आरोप है कि इसी भरोसे और दबाव के बीच आरोपी लगातार उसके संपर्क में रहा।
मोबाइल नंबर लेकर लगातार संपर्क करने का दावा
पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने उसका मोबाइल नंबर लिया और इसके बाद उससे फोन पर बातचीत करता रहा। छात्रा का आरोप है कि आरोपी इस दौरान उस पर लगातार दबाव बनाता था। शिकायत के अनुसार, यह सिलसिला करीब चार महीने तक चलता रहा। पुलिस अब आरोपी और छात्रा के बीच हुए फोन संपर्क तथा अन्य उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच कर सकती है।
मिलने से इनकार करने पर गाली-गलौज और धमकी का आरोप
छात्रा ने पुलिस को बताया कि एक दिन आरोपी ने उसे दोबारा मिलने के लिए बुलाया, लेकिन उसने मिलने से इनकार कर दिया। आरोप है कि इससे नाराज होकर आरोपी ने फोन पर उसके साथ गाली-गलौज की और उसे बदनाम करने की धमकी दी। छात्रा के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर उससे कहा कि जब वह उसका पूरा खर्च उठा रहा है तो फिर मिलने में क्या परेशानी है। छात्रा ने इसके बावजूद मिलने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने छात्रा के साथ बातचीत का एक ऑडियो कथित तौर पर वायरल कर दिया। ऑडियो सामने आने के बाद छात्रा को मानसिक रूप से काफी परेशानी हुई।
ऑडियो वायरल होने के बाद परिवार को बताई पूरी बात
ऑडियो वायरल होने की जानकारी मिलने के बाद छात्रा ने अपनी छोटी बहन को पूरी बात बताई। छात्रा की बहन ने उसे समझाया और बाद में परिवार के अन्य सदस्यों को मामले की जानकारी दी। परिवार को पूरी घटना की जानकारी होने के बाद परिजन हैरान रह गए। इसके बाद छात्रा के बाबा शुक्रवार को उसे लेकर गोला थाने पहुंचे और पुलिस को लिखित शिकायत दी। परिवार की ओर से आरोप लगाया गया है कि आरोपी छात्रा को बार-बार परीक्षा में फेल करने की धमकी देता था। ऑडियो वायरल होने के बाद छात्रा गंभीर मानसिक तनाव में आ गई थी।
गांव में पहुंची जानकारी तो स्कूल पर जुटे लोग
ऑडियो सामने आने के बाद मामले की जानकारी गांव में भी फैल गई। इसके बाद कुछ ग्रामीण स्कूल पहुंचे और आरोपी को घेरकर हंगामा किया। स्थिति बिगड़ने के बाद आरोपी के वहां से फरार होने की बात सामने आई है। पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है और उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देने की बात कही गई है।
CO बोले- FIR दर्ज, गिरफ्तारी के लिए टीमें लगाई गईं
गोला के क्षेत्राधिकारी दरवेश कुमार ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगाई गई है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। सीओ के मुताबिक, पुलिस जल्द आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।
आरोपी की निजी जिंदगी से जुड़ी जानकारी भी सामने आई
मामले के सामने आने के बाद आरोपी की निजी जिंदगी से जुड़ी जानकारी भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि आरोपी की करीब डेढ़ साल पहले शादी हुई थी और उसकी करीब ढाई महीने की बच्ची है। हालांकि, इस जानकारी का मामले की कानूनी जांच से सीधा संबंध स्पष्ट नहीं है। पुलिस की कार्रवाई शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगी।
पुलिस जांच में इन बिंदुओं पर रहेगा फोकस
पुलिस जांच के दौरान छात्रा के बयान के साथ आरोपी और छात्रा के बीच हुए फोन संपर्क, कथित ऑडियो और उसके प्रसारित होने की परिस्थितियों की पड़ताल कर सकती है। इसके अलावा कॉलेज परिसर में घटनाक्रम से जुड़े लोगों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को भी जांच में शामिल किया जा सकता है।पुलिस यह भी जांच करेगी कि छात्रा द्वारा लगाए गए आरोपों के समर्थन में कौन-कौन से साक्ष्य उपलब्ध हैं और कथित ऑडियो से जुड़े तथ्य क्या हैं।
नाबालिग की पहचान सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित
मामले में पीड़िता 18 वर्ष से कम उम्र की है। इसलिए उसकी पहचान सार्वजनिक करना कानूनन प्रतिबंधित है। खबर में उसका नाम, फोटो, पता, गांव, स्कूल या परिवार से जुड़ी ऐसी कोई जानकारी नहीं दी जानी चाहिए जिससे उसकी पहचान उजागर हो सके।
आरोपी अभी केवल आरोपों का सामना कर रहा है
पुलिस ने छात्रा की शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज की है और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। फिलहाल आरोपी पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के जरिए होनी बाकी है। किसी भी व्यक्ति को अदालत द्वारा दोषी ठहराए जाने तक कानूनन आरोपी के रूप में ही संबोधित किया जाना चाहिए। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच, साक्ष्यों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
क्या है POCSO Act?
POCSO यानी Protection of Children from Sexual Offences Act, 2012 बच्चों को यौन अपराधों से सुरक्षा देने वाला विशेष कानून है। यह कानून 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों से संबंधित मामलों में विशेष कानूनी संरक्षण और प्रक्रिया का प्रावधान करता है।
इस मामले में नाबालिग छात्रा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने POCSO Act के तहत कार्रवाई शुरू की है।
