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जयपुर में गड्ढे में डूबे भाई-बहन, दोनों की मौत l

जयपुर के जयसिंहपुरा खोर थाना क्षेत्र के सड़वा इलाके में बारिश के पानी से भरे निर्माणाधीन मकान के गड्ढे में डूबने से 11 वर्षीय बच्ची और उसके 7 वर्षीय भाई की मौत हो गई। दोनों बच्चे घर के पास खेलते हुए करीब पांच फीट गहरे गड्ढे में गिर गए थे। बच्चों के पिता लियाकत हुसैन ने घटनास्थल पर पानी में तैरती चप्पलें देखीं और लोगों की मदद से दोनों को बाहर निकाला। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजाम नहीं होने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

Kashish Rai29 अग. 2026, 04:02 PM IST
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जयपुर में गड्ढे में डूबे भाई-बहन, दोनों की मौत l
राजस्थान की राजधानी जयपुर में बारिश के बाद जमा हुआ पानी एक परिवार के लिए ऐसा दुख लेकर आया, जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी। जयसिंहपुरा खोर थाना क्षेत्र के सड़वा इलाके में निर्माणाधीन मकान की नींव के लिए खोदे गए गड्ढे में डूबने से दो मासूम भाई-बहन की मौत हो गई। मृतकों की पहचान 11 वर्षीय आलिया और 7 वर्षीय मोहम्मद अयान के रूप में हुई है। दोनों बच्चे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बरेली के रहने वाले लियाकत हुसैन के बच्चे थे। लियाकत जयपुर में मजदूरी का काम करते हैं और परिवार के साथ किराये के मकान में रहते हैं। परिवार में यही दो बच्चे थे।

बारिश के बाद गड्ढे में भरा पानी
बताया जा रहा है कि सड़वा इलाके में एक निर्माणाधीन मकान की नींव और कॉलम के लिए जेसीबी से गड्ढे खोदे गए थे। बुधवार को हुई तेज बारिश के बाद इनमें से एक गड्ढे में पानी भर गया। गड्ढा करीब पांच फीट गहरा था और बारिश के पानी में मिट्टी घुलने के कारण वहां दलदल जैसी स्थिति बन गई थी। गुरुवार को आलिया और अयान घर के पास खेलते-खेलते निर्माणाधीन मकान के पास पहुंच गए। खेलते समय दोनों बच्चे पानी से भरे गड्ढे में गिर गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, पानी और दलदल में फंसे रहने के कारण दोनों काफी देर तक बाहर नहीं निकल सके।

चप्पलें देखकर पिता को हुआ शक
हादसे के वक्त बच्चों के पिता लियाकत हुसैन काम पर जाने के लिए घर से निकले थे। घर से करीब 200 मीटर दूर उन्हें एक जगह लोगों की भीड़ दिखाई दी। वह भीड़ के पास पहुंचे तो उनकी नजर पानी में तैरती चप्पलों पर पड़ी। चप्पलें देखते ही उन्हें अनहोनी का अंदेशा हुआ। पिता ने घबराकर कहा कि ये चप्पलें उनके बच्चों की हैं। इसके बाद वह खुद पानी से भरे गड्ढे में उतर गए। आसपास मौजूद लोगों की मदद से दोनों बच्चों को पानी और कीचड़ से बाहर निकाला गया। परिवार और स्थानीय लोगों ने बच्चों को बचाने के लिए तत्काल प्रयास किया। उन्हें प्राथमिक मदद और CPR देने के बाद अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस के अनुसार, बच्चों के शवों का पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया।

सुरक्षा इंतजामों पर सवाल
स्थानीय लोगों का आरोप है कि रिहायशी इलाके के बीच निर्माणाधीन मकान के लिए गड्ढा खोदा गया था, लेकिन उसके आसपास पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं की गई थी। लोगों के मुताबिक, गड्ढे के चारों तरफ मजबूत बैरिकेडिंग या सुरक्षा घेरा नहीं था। बारिश के बाद जब गड्ढे में पानी भर गया, तब भी उसे खाली कराने या उसके आसपास चेतावनी लगाने की कोई प्रभावी व्यवस्था नहीं की गई। लोगों का कहना है कि यदि निर्माण स्थल को सुरक्षित तरीके से घेरा गया होता, तो बच्चों को वहां जाने से रोका जा सकता था। हालांकि, निर्माण स्थल की जिम्मेदारी और संभावित लापरवाही को लेकर पुलिस की जांच अभी जारी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि गड्ढा किसकी अनुमति और निगरानी में खोदा गया था और वहां सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।

परिवार में पसरा मातम
दोनों बच्चों की मौत की खबर घर पहुंचते ही मां रजिया बेसुध हो गईं। जिस घर में कुछ देर पहले तक बच्चों की आवाजें गूंज रही थीं, वहां अब मातम पसरा हुआ है। परिवार के दो ही बच्चों की एक साथ मौत ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया है। स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए थे। लोगों ने बच्चों को बचाने की कोशिश की और उन्हें अस्पताल पहुंचाने में मदद की, लेकिन दोनों की जान नहीं बचाई जा सकी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है और हादसे से जुड़े तथ्यों की जांच शुरू कर दी है। जांच में निर्माण स्थल की स्थिति, गड्ढे की गहराई, सुरक्षा व्यवस्था, बारिश के बाद पानी निकासी और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान शामिल किए जा रहे हैं। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह महज हादसा था या निर्माण स्थल पर सुरक्षा में लापरवाही भी हुई थी।