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पीयूष गोयल का आह्वान—‘मेक इन इंडिया’ को दुनिया का भरोसेमंद ब्रांड बनाएं l

केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय व्यापार महोत्सव के उद्घाटन समारोह में कहा कि भारत के कारोबारियों और उद्यमियों के लिए वैश्विक बाजारों में विस्तार के बड़े अवसर मौजूद हैं। उन्होंने ‘मेक इन इंडिया’ को केवल देश में उत्पादन तक सीमित न रखते हुए भारतीय उत्पादों और सेवाओं को दुनिया के बाजारों तक पहुंचाने की अपील की। गोयल ने कहा कि भारतीय उत्पादों की पहचान सिर्फ ‘मेड इन इंडिया’ के लेबल से नहीं, बल्कि बेहतर गुणवत्ता, शानदार डिजाइन, विश्वसनीयता और मजबूत ब्रांड से होनी चाहिए। उन्होंने नौ मुक्त व्यापार समझौतों से खुले नए बाजारों का लाभ उठाने, निर्यात बढ़ाने, डिजिटल कारोबार अपनाने और निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने रीसाइक्लिंग, पुन: उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी को अपनाने की जरूरत बताई।

Kashish Rai12 अग. 2026, 08:30 PM IST
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पीयूष गोयल का आह्वान—‘मेक इन इंडिया’ को दुनिया का भरोसेमंद ब्रांड बनाएं l

नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित भारतीय व्यापार महोत्सव के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारतीय उद्योग और कारोबार जगत से ‘लोकल से ग्लोबल’ की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है और भारतीय कारोबारियों, MSMEs, स्टार्टअप्स, किसानों, मछुआरों, श्रमिकों तथा उद्यमियों के सामने विकास के बड़े अवसर मौजूद हैं।


गोयल ने कहा कि भारत ने नौ मुक्त व्यापार समझौतों के माध्यम से भारतीय उद्योग और कारोबार के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों के रास्ते खोले हैं। इन समझौतों से भारतीय उत्पादों और सेवाओं को कई वैश्विक बाजारों में बेहतर पहुंच मिल रही है। उन्होंने कारोबारियों से इन अवसरों का पूरा लाभ उठाने और भारतीय उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने की अपील की। उनका कहना था कि अब भारतीय व्यवसायों को केवल सीमित घरेलू बाजारों तक खुद को सीमित रखने के बजाय दुनिया के बड़े बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ानी चाहिए।


भारत की आर्थिक क्षमता का उल्लेख करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश करीब 4 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था से आगे बढ़ते हुए 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में काम कर रहा है। उन्होंने इसे भारत के कारोबार और उद्योग के लिए बेहद बड़ा अवसर बताया। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी आर्थिक वृद्धि के लिए केवल सरकारी प्रयास पर्याप्त नहीं होंगे। देश के उद्योगपति, व्यापारी, MSMEs, स्टार्टअप्स, किसान, मछुआरे, श्रमिक और आम नागरिक सभी को मिलकर विकास की इस यात्रा में योगदान देना होगा।


पीयूष गोयल ने ‘मेक इन इंडिया’ को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत में बने उत्पादों को दुनिया में अपनी अलग पहचान बनानी होगी। केवल किसी उत्पाद पर ‘मेड इन इंडिया’ का लेबल लगा देना पर्याप्त नहीं है। भारतीय उत्पादों की गुणवत्ता, डिजाइन, तकनीक और भरोसेमंद ब्रांड वैल्यू ऐसी होनी चाहिए कि वैश्विक उपभोक्ता उन्हें सम्मान और विश्वास के साथ स्वीकार करें। उन्होंने भारतीय उद्योग से गुणवत्ता और डिजाइन के स्तर पर दुनिया के अग्रणी देशों के साथ प्रतिस्पर्धा करने का आह्वान किया।


मंत्री ने भारतीय उपभोक्ताओं की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यदि देश के नागरिक भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देंगे तो घरेलू बाजार में इनकी मांग बढ़ेगी। इससे उत्पादन बढ़ेगा, कारोबार का विस्तार होगा और कंपनियों को बड़े पैमाने पर उत्पादन का लाभ मिलेगा। उत्पादन बढ़ने से भारतीय उद्योग की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत होगी और वह अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अधिक प्रभावी ढंग से मुकाबला कर सकेगा।


निर्यात के मोर्चे पर भारत की प्रगति का उल्लेख करते हुए गोयल ने कहा कि देश का वस्तु और सेवा निर्यात लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने मौजूदा वर्ष में 1 ट्रिलियन डॉलर के निर्यात लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने की बात कही। अप्रैल से जुलाई के दौरान निर्यात में लगभग 15 प्रतिशत की वृद्धि का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह भारतीय उद्योग की वैश्विक बाजारों में बढ़ती क्षमता और मांग को दर्शाता है।

गोयल ने कारोबारियों से अपने व्यवसायों को डिजिटल बनाने और आधुनिक तकनीक को तेजी से अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी वैश्विक बाजार में डिजिटल तकनीक, बेहतर उत्पादन प्रणाली और अच्छी मैन्युफैक्चरिंग प्रथाएं कारोबार की सफलता के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने व्यापारियों से निष्पक्ष और पारदर्शी व्यापारिक व्यवहार अपनाने की भी अपील की, ताकि भारतीय कारोबार की विश्वसनीयता घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों में मजबूत हो।


जलवायु परिवर्तन की चुनौती के बीच उन्होंने टिकाऊ विकास पर भी जोर दिया। गोयल ने कारोबारियों और नागरिकों से रीसाइक्लिंग, पुन: उपयोग और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास के साथ पर्यावरण की सुरक्षा और प्राकृतिक संसाधनों का जिम्मेदार उपयोग भी जरूरी है। भारत की विकास यात्रा ऐसी होनी चाहिए जिसमें उत्पादन और आर्थिक प्रगति के साथ स्थिरता और पर्यावरण संरक्षण का भी ध्यान रखा जाए।


आत्मनिर्भर भारत की दिशा में किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए गोयल ने Digital India, Startup India और Stand-Up India जैसी पहलों तथा बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे के विकास को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि इन पहलों ने युवाओं, स्टार्टअप्स और कारोबारियों के लिए नए अवसर पैदा किए हैं। देश के युवा नई तकनीक, नए कौशल और नए विचारों के साथ उभरती चुनौतियों का समाधान देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।


उन्होंने कहा कि भारत के लोगों ने कई बार कठिन परिस्थितियों को अवसरों में बदलकर अपनी क्षमता साबित की है। किसान, मछुआरे, श्रमिक, MSMEs, स्टार्टअप्स और उद्यमी देश की आर्थिक ताकत के महत्वपूर्ण हिस्से हैं। इन सभी की सामूहिक मेहनत भारत को वैश्विक बाजार में और मजबूत स्थिति दिला सकती है। पीयूष गोयल ने कहा कि भारत की विकास यात्रा में सुधार, परिवर्तन और बेहतर प्रदर्शन लगातार जारी रहना चाहिए। उन्होंने कारोबारियों और उद्यमियों से अपनी क्षमता का पूरा इस्तेमाल करने तथा भारतीय उत्पादों और सेवाओं को दुनिया तक पहुंचाने की अपील की। उनका संदेश स्पष्ट है कि आने वाले समय में ‘मेक इन इंडिया’ केवल भारत में उत्पादन की पहचान नहीं, बल्कि वैश्विक गुणवत्ता, भरोसे और भारतीय क्षमता का प्रतीक बनना चाहिए।