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भारत-जर्मनी की पर्यावरण पर अहम बैठक, 1 सितंबर को कार्यक्रम

भारत और जर्मनी के बीच पर्यावरण और जलवायु को लेकर चौथा पर्यावरण फोरम 1 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में होगा। बैठक में पर्यावरण बचाने, Climate Change से निपटने और टिकाऊ विकास जैसे मुद्दों पर दोनों देशों के बीच चर्चा होगी।

Neha Sharma01 सित. 2026, 02:06 PM IST
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भारत-जर्मनी की पर्यावरण पर अहम बैठक, 1 सितंबर को कार्यक्रम

नई दिल्ली: भारत और जर्मनी के बीच पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन के क्षेत्र में सहयोग को आगे बढ़ाने के लिए चौथा भारत-जर्मनी पर्यावरण फोरम (Indo-German Environmental Forum) 1 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम की सह-अध्यक्षता भारत के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव और जर्मनी के पर्यावरण, जलवायु संरक्षण, प्रकृति संरक्षण एवं परमाणु सुरक्षा मंत्री कार्स्टन श्नाइडर करेंगे।


पर्यावरण और जलवायु पर होगी चर्चा

इस फोरम का मुख्य उद्देश्य भारत और जर्मनी के बीच पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन से जुड़े मुद्दों पर सहयोग को और मजबूत करना है। दोनों देशों के सरकारी प्रतिनिधियों के साथ अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञ और अन्य हितधारक भी चर्चा में शामिल होंगे। फोरम में पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन से निपटने के उपाय और टिकाऊ विकास जैसे विषयों पर विचार साझा किए जाएंगे। इसका मकसद दोनों देशों के अनुभव और तकनीकी जानकारी को साझा करके पर्यावरण से जुड़ी चुनौतियों के लिए बेहतर समाधान तलाशना है।


भारत-जर्मनी सहयोग को मिलेगी नई दिशा

भारत और जर्मनी के बीच पर्यावरण के क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग चल रहा है। ऐसे मंच दोनों देशों को अपनी नीतियों, योजनाओं और अनुभवों को साझा करने का अवसर देते हैं। चौथे पर्यावरण फोरम के जरिए दोनों देश पर्यावरण संरक्षण और जलवायु से जुड़े कामों में आपसी सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा करेंगे। साथ ही, अलग-अलग क्षेत्रों के लोगों को एक मंच पर लाकर व्यावहारिक समाधान तलाशने की कोशिश की जाएगी।


कई पक्षों की भागीदारी

फोरम की खास बात यह है कि इसमें केवल सरकारी स्तर पर बातचीत नहीं होगी, बल्कि बहु-पक्षीय चर्चा भी होगी। यानी पर्यावरण से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ और अन्य संबंधित पक्ष अपने विचार रख सकेंगे। इससे पर्यावरण और जलवायु से जुड़ी चुनौतियों को अलग-अलग नजरिए से समझने और बेहतर समाधान पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा।


जलवायु बदलाव से निपटने पर जोर

जलवायु परिवर्तन का असर दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई दे रहा है। ऐसे में भारत और जर्मनी जैसे देशों के बीच पर्यावरण से जुड़े सहयोग का महत्व बढ़ जाता है। फोरम में जलवायु बदलाव से निपटने, पर्यावरण की सुरक्षा और विकास के साथ पर्यावरण संतुलन बनाए रखने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। दोनों देश अपने अनुभव और बेहतर तरीकों को साझा करके भविष्य की पर्यावरणीय चुनौतियों से निपटने के रास्ते तलाशेंगे।


भारत-जर्मनी साझेदारी का अहम मंच

चौथा भारत-जर्मनी पर्यावरण फोरम दोनों देशों के बीच पर्यावरण और जलवायु सहयोग को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण मंच है। नई दिल्ली में होने वाली इस बैठक में उच्चस्तरीय प्रतिनिधियों के साथ विशेषज्ञों की भागीदारी से पर्यावरण से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होगी।