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भिवंडी में प्रदूषण फैलाने वाली 2 बड़ी डाइंग कंपनियों पर मनपा का छापा, नालों में बहा रही थीं जहरीला केमिकल

भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका (BNMC) प्रशासन ने मनपा आयुक्त अनमोल सागर के नेतृत्व में बीते 48 घंटों में 2 बड़ी डाइंग कंपनियों—महाराष्ट्र डाइंग (बंजारपट्टी) और शंकर सिल्क मिल (नारपोली)—पर छापेमारी की। दोनों कंपनियों के अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र (ETP) में गंभीर गड़बड़ियां मिलीं। बिना ट्रीटमेंट किया गया विषैला और रासायनिक पानी सीधे मनपा की ड्रेनेज लाइन और नालों में बहाया जा रहा था।जांच व नमूने: जलापूर्ति विभाग ने रासायनिक पानी के नमूने लैब टेस्ट के लिए जब्त किए हैं। साथ ही कंपनियों के प्रॉपर्टी टैक्स, इंडस्ट्रियल लाइसेंस, पर्यावरण NOC और फायर सेफ्टी मानकों की जांच शुरू कर दी गई है।अधिकारियों का संदेश: जनसंपर्क अधिकारी श्रीकांत परदेशी के अनुसार, शहर के जल स्रोतों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली इकाइयों के खिलाफ यह अभियान जारी रहेगा और नियम तोड़ने वालों पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई होगी।

Khushi13 अग. 2026, 09:43 PM IST
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भिवंडी में प्रदूषण फैलाने वाली 2 बड़ी डाइंग कंपनियों पर मनपा का छापा, नालों में बहा रही थीं जहरीला केमिकल
भिवंडी निजामपुर शहर महानगरपालिका प्रशासन ने औद्योगिक प्रदूषण पर बड़ी कार्रवाई करते हुए बीते 48 घंटों में शहर की दो प्रमुख डाइंग कंपनियों महाराष्ट्र डाइंग और शंकर सिल्क मिल पर छापेमारी की है। मनपा आयुक्त अनमोल सागर के नेतृत्व में पहुंची अधिकारियों की टीम ने मौके पर बिना उपचारित किया गया विषैला केमिकल युक्त पानी सीधे सार्वजनिक नालों और सीवर लाइनों में बहाए जाने की गंभीर धांधली पकड़ी। कपड़ा उद्योग का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले भिवंडी में लागत बचाने के उद्देश्य से ईटीपी (अपशिष्ट जल उपचार संयंत्र) व्यवस्था को ताक पर रखकर जहरीले रसायनों को खुले नालों में छोड़ना स्थानीय जल स्रोतों और आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन चुका है। मनपा द्वारा की गई इस सीधी कार्रवाई से नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले डाइंग संचालकों में हड़कंप मच गया है तथा यह कदम शहर की पर्यावरणीय साख की सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

प्रशासनिक टीम ने पहली रेड बंजारपट्टी इलाके में स्थित महाराष्ट्र डाइंग कंपनी पर मारी। मनपा आयुक्त अनमोल सागर और पर्यावरण विभाग के उपायुक्त बालकृष्ण क्षीरसागर ने मौके पर पहुंचकर ईटीपी प्लांट का बारीक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कंपनी के मैनेजर सोहेल अंसारी उपस्थित थे। निरीक्षण में पाया गया कि कपड़ा रंगाई के बाद निकलने वाला विषैला रसायनयुक्त पानी बिना किसी प्राथमिक या द्वितीयक उपचार के सीधे मनपा की मुख्य ड्रेनेज लाइन में छोड़ा जा रहा था। इस दौरान जलापूर्ति विभाग के उप-अभियंता सरफराज अंसारी ने मौके पर पंचनामा तैयार कर पानी के सैंपल प्रयोगशाला जांच के लिए जब्त किए। इसके साथ ही कंपनी के संपत्ति कर, इंडस्ट्रियल लाइसेंस, पर्यावरण एनओसी और अग्निशमन सुरक्षा मानकों से संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच शुरू की गई।

दूसरी कार्रवाई नारपोली क्षेत्र के आगरा रोड पर स्थित शंकर सिल्क मिल डाइंग कंपनी पर हुई। यहां भी जांच दल को ईटीपी सिस्टम में भारी अनियमितताएं मिलीं। कंपनी द्वारा बिना ट्रीटमेंट का गंदा और रासायनिक पानी सीधे सार्वजनिक सीवरेज लाइन में डिस्चार्ज किया जा रहा था, जिससे आसपास के प्राकृतिक नालों, भूजल और नगर निगम की सीवर व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा था।

बयान एवं आधिकारिक पुष्टि (Quotes and Attribution) मामले की जानकारी देते हुए भिवंडी मनपा के जनसंपर्क अधिकारी श्रीकांत परदेशी ने बताया कि शहर के जल स्रोतों और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाली किसी भी औद्योगिक इकाई को बख्शा नहीं जाएगा। जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाली कंपनियों के ईटीपी की जांच का यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। नियम तोड़ने वाली इकाइयों पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम और मनपा नियमों के तहत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।