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महिलाओं और बच्चों के लिए बेहतर सुविधाएं: आंगनवाड़ी केंद्रों के इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्र का जोर
देशभर में महिलाओं और बच्चों को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य एवं प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से केंद्र सरकार मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 (Mission Saksham Anganwadi and Poshan 2.0) के तहत आंगनवाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दे रही है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह एक केंद्र प्रायोजित योजना (Centrally Sponsored Scheme) है, जिसका क्रियान्वयन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रशासन के माध्यम से किया जाता है। केंद्र सरकार योजना के प्रभावी संचालन, आधारभूत सुविधाओं के विकास और लाभार्थियों तक सेवाओं की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्यों के साथ लगातार समन्वय बनाए हुए है।

राज्यों की जिम्मेदारी, केंद्र की सतत निगरानी
मंत्रालय ने बताया कि मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 का संचालन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के माध्यम से किया जाता है। आंगनवाड़ी केंद्रों में पोषण, स्वास्थ्य, प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (ECCE) सहित सभी सेवाओं का संचालन संबंधित राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों की जिम्मेदारी है। हालांकि, योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार लगातार राज्यों के साथ समन्वय स्थापित करती है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय समय-समय पर समीक्षा बैठकें, वीडियो कॉन्फ्रेंस और अन्य संवाद कार्यक्रम आयोजित करता है, जिनमें आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति, बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता और लाभार्थियों तक सेवाओं की पहुंच की विस्तृत समीक्षा की जाती है।
सरकार का कहना है कि इन नियमित बैठकों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आंगनवाड़ी केंद्र में सेवाओं का संचालन बाधित न हो और सभी पात्र लाभार्थियों को समय पर पोषण एवं अन्य सुविधाएं मिलती रहें।
आंगनवाड़ी केंद्रों के बुनियादी ढांचे पर विशेष फोकस
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि सरकार केवल पोषण कार्यक्रमों तक सीमित नहीं है, बल्कि आंगनवाड़ी केंद्रों के भौतिक ढांचे को भी बेहतर बनाने के लिए लगातार निवेश कर रही है। इसी उद्देश्य से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आंगनवाड़ी केंद्रों में मूलभूत सुविधाएं विकसित करने के लिए अलग से वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है।
सरकार का मानना है कि यदि आंगनवाड़ी केंद्रों में सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण उपलब्ध होगा तो महिलाओं और बच्चों की भागीदारी बढ़ेगी तथा पोषण और स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
पेयजल सुविधा के लिए 17 हजार रुपये की सहायता
मंत्रालय ने बताया कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को प्रति केंद्र 17,000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। इस राशि का उपयोग पेयजल उपलब्ध कराने से संबंधित आवश्यक बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए किया जाता है ताकि बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और अन्य लाभार्थियों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध हो सके।
शौचालय निर्माण के लिए 36 हजार रुपये का प्रावधान
स्वच्छता सुविधाओं को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में शौचालय निर्माण हेतु 36,000 रुपये की सहायता का प्रावधान किया है। सरकार का कहना है कि स्वच्छ और सुरक्षित शौचालय न केवल महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक हैं, बल्कि आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक उपयोगी और सुविधाजनक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
बेहतर सुविधाओं से मजबूत होगी प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार आंगनवाड़ी केंद्र केवल पोषण वितरण केंद्र नहीं हैं, बल्कि यहां प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा (Early Childhood Care and Education-ECCE) की गतिविधियां भी संचालित की जाती हैं। इसलिए बेहतर भवन, स्वच्छ पेयजल, शौचालय और अन्य आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होने से बच्चों के लिए सुरक्षित और अनुकूल शिक्षण वातावरण तैयार होगा। साथ ही गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं को भी बेहतर सेवाएं मिल सकेंगी।
पोषण ट्रैकर पर उपलब्ध है राज्यवार जानकारी
मंत्रालय ने बताया कि देशभर में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों की संख्या तथा उनके बुनियादी ढांचे से संबंधित राज्यवार जानकारी पोषण ट्रैकर (Poshan Tracker) के आधिकारिक डैशबोर्ड पर उपलब्ध कराई गई है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से राज्यों में आंगनवाड़ी केंद्रों की स्थिति, उपलब्ध सुविधाओं और योजना के क्रियान्वयन की निगरानी की जा रही है। इससे सरकार को आवश्यकता के अनुसार सुधारात्मक कदम उठाने में भी सहायता मिलती है।
केंद्र और राज्यों के संयुक्त प्रयास से मजबूत होगी व्यवस्था
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कहा कि मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 के तहत केंद्र सरकार और राज्य सरकारें मिलकर देशभर के आंगनवाड़ी केंद्रों को अधिक सक्षम, आधुनिक और लाभार्थी-केंद्रित बनाने की दिशा में कार्य कर रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि प्रत्येक आंगनवाड़ी केंद्र में आवश्यक बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों, जिससे महिलाओं, बच्चों और किशोरियों को गुणवत्तापूर्ण पोषण, स्वास्थ्य सेवाएं और प्रारंभिक शिक्षा एक ही स्थान पर बेहतर वातावरण में मिल सके। मंत्रालय का मानना है कि मजबूत आधारभूत ढांचा, नियमित निगरानी, राज्यों के साथ सतत समन्वय और वित्तीय सहायता के माध्यम से मिशन सक्षम आंगनवाड़ी एवं पोषण 2.0 देश में कुपोषण कम करने, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सुधारने और प्रारंभिक बाल विकास को मजबूत करने के राष्ट्रीय लक्ष्य को नई गति देगा।
