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मुंबई में डेंगू-मलेरिया का खतरा: बीएमसी ने जारी की चेतावनी
मुंबई में लगातार हो रही बारिश के बीच मच्छरजनित बीमारियों ने चिंता बढ़ा दी है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, जून से 14 जुलाई तक शहर में प्रतिदिन औसतन 21 मलेरिया और 10 डेंगू के नए मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से सतर्क रहने और मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए एहतियाती उपाय अपनाने की अपील की है।
Vindhya Dubey17 जुल. 2026, 09:47 AM IST

मुंबई में मानसून के साथ मलेरिया और डेंगू के मामलों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। BMC के सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, 1 जून से 14 जुलाई के बीच शहर में औसतन हर दिन 21 लोग मलेरिया और 10 लोग डेंगू से संक्रमित पाए गए। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लगातार बारिश, जलभराव और मच्छरों के बढ़ते प्रजनन के कारण संक्रमण तेजी से फैल रहा है।
हर साल मानसून मुंबई के लिए सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि मच्छरजनित बीमारियों की चुनौती भी लेकर आता है। इस वर्ष भी शुरुआती बारिश के साथ संक्रमण के मामलों में तेजी देखी गई है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते रोकथाम के उपाय नहीं किए गए तो आने वाले हफ्तों में डेंगू और मलेरिया के मामलों में और वृद्धि हो सकती है। ऐसे में प्रशासन के साथ-साथ आम नागरिकों की जिम्मेदारी भी बेहद महत्वपूर्ण हो जाती है।
BMC के आंकड़ों के मुताबिक, 1 जनवरी से 14 जुलाई 2026 तक मुंबई में मलेरिया के 3,681 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि डेंगू के 938 मरीज सामने आए हैं। इसी अवधि में लेप्टोस्पायरोसिस के 157, चिकनगुनिया के 31 और स्वाइन फ्लू (H1N1) के 113 मामले भी दर्ज किए गए हैं। पिछले वर्ष की तुलना में डेंगू और मलेरिया दोनों के मामलों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए BMC ने शहरभर में विशेष अभियान शुरू किया है। लाखों घरों का सर्वे किया गया, हजारों रक्त नमूनों की जांच की गई और मच्छरों के लार्वा को नष्ट करने के लिए व्यापक स्तर पर फॉगिंग और एंटी-लार्वा अभियान चलाया जा रहा है। निर्माण स्थलों, झुग्गी बस्तियों और जलभराव वाले क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, मानसून के दौरान मच्छरों के पनपने की सबसे बड़ी वजह खुले में जमा पानी है। इसलिए नागरिकों से अपील की गई है कि वे घरों की छत, कूलर, गमलों, पानी की टंकियों और अन्य स्थानों पर पानी जमा न होने दें। बुखार, सिरदर्द, बदन दर्द या कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच कराएं और स्वयं दवा लेने से बचें। BMC की कार्यकारी स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दक्षा शाह ने कहा, "मानसून के दौरान डेंगू और मलेरिया का खतरा बढ़ जाता है। नागरिक अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें। बुखार आने पर तुरंत जांच कराएं और डॉक्टर की सलाह के अनुसार उपचार लें।"
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा ने हाल ही में मानसून जनित बीमारियों की समीक्षा बैठक में कहा,"राज्यों को डेंगू, मलेरिया और अन्य मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए निगरानी, समय पर जांच और जन-जागरूकता अभियान को और मजबूत करना चाहिए, ताकि संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही नियंत्रित किया जा सके।"
स्वास्थ्य विभाग की सलाह
- घर और आसपास कहीं भी पानी जमा न होने दें।
- पानी की टंकियों और कंटेनरों को हमेशा ढककर रखें।
- मच्छररोधी क्रीम और पूरी बाजू के कपड़ों का इस्तेमाल करें।
- तेज बुखार या डेंगू के लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
- बिना चिकित्सकीय सलाह के दवा न लें।
