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राजस्थान में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, स्कूल में घुसा पानी; 35 छात्रों का रेस्क्यू

राजस्थान में लगातार हो रही भारी बारिश से कई जिलों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। झालावाड़ में बारिश का पानी सरकारी स्कूल में घुसने से 35 छात्र और 8 स्टाफ सदस्य फंस गए, जिन्हें सिविल डिफेंस की टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला। वहीं भारी बारिश के चलते कानोता बांध ओवरफ्लो हो गया, जबकि कालीसिंध और छापी बांध से अतिरिक्त पानी की निकासी की गई। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।

Neha Sharma11 अग. 2026, 05:53 PM IST
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राजस्थान में मूसलाधार बारिश से बाढ़ जैसे हालात, स्कूल में घुसा पानी; 35 छात्रों का रेस्क्यू

जयपुर: राजस्थान में मानसून एक बार फिर बेहद सक्रिय हो गया है। प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। खासकर हाड़ौती क्षेत्र में बारिश ने हालात गंभीर कर दिए हैं। झालावाड़ समेत कई इलाकों में भारी जलभराव और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। लगातार बारिश के कारण बांधों और जलाशयों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसके चलते कुछ बांधों के गेट खोलने पड़े हैं।

इसी बीच झालावाड़ जिले से एक चिंताजनक लेकिन राहत भरी खबर सामने आई है। जिले के एक गांव में बारिश का पानी अचानक बढ़ने के बाद एक सरकारी उच्च प्राथमिक विद्यालय में पानी घुस गया। स्कूल भवन के भीतर पानी भरने से वहां मौजूद छात्र और स्टाफ फंस गए। सूचना मिलते ही सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची और करीब दो घंटे से अधिक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद 35 छात्रों और 8 स्टाफ सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।


स्कूल में अचानक घुसा पानी, मची अफरा-तफरी

मूसलाधार बारिश के बीच झालावाड़ के एक गांव में नाले का पानी अचानक बढ़ गया। तेज बहाव के कारण पानी स्कूल परिसर में पहुंच गया और देखते ही देखते स्कूल भवन भी जलभराव की चपेट में आ गया। उस समय स्कूल में छात्र और कर्मचारी मौजूद थे। पानी बढ़ने के बाद स्कूल में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए प्रशासन को तत्काल बचाव अभियान शुरू करना पड़ा। सिविल डिफेंस की टीम ने मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू शुरू किया। रिपोर्ट के मुताबिक, करीब दो घंटे से ज्यादा समय तक चले अभियान के बाद सभी 35 छात्रों और 8 स्टाफ सदस्यों को सुरक्षित निकाल लिया गया। घटना ने एक बार फिर भारी बारिश के दौरान स्कूलों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर ग्रामीण और निचले इलाकों में स्थित स्कूलों में अचानक बढ़ने वाले नाले और बरसाती पानी का खतरा काफी ज्यादा रहता है।


राजस्थान में बांधों का जलस्तर तेजी से बढ़ा

लगातार बारिश का असर राजस्थान के बांधों पर भी दिखाई दे रहा है। जयपुर के पास स्थित कानोता बांध के ओवरफ्लो होने की सूचना सामने आई है। वहीं झालावाड़ क्षेत्र में कालीसिंध और छापी बांधों में पानी की आवक बढ़ने के बाद उनके गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की गई।

बांधों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी को देखते हुए प्रशासन और जल संसाधन विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बांधों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में निचले इलाकों में अचानक जलस्तर बढ़ने का खतरा रहता है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।


हाड़ौती क्षेत्र में सबसे ज्यादा असर

राजस्थान के हाड़ौती क्षेत्र में इस समय बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिल रहा है। झालावाड़ में कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। कुछ स्थानों पर भारी बारिश के कारण गांवों और सड़कों पर पानी भर गया है। मौसम संबंधी रिपोर्टों के अनुसार झालावाड़ में कुछ इलाकों में बेहद भारी बारिश दर्ज की गई है। भारी बारिश के कारण प्रशासन को स्कूलों को बंद करने का फैसला भी लेना पड़ा है। झालावाड़ में सुरक्षा को देखते हुए मंगलवार को सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई। प्रशासन का उद्देश्य बच्चों को जलभराव, नदी-नालों के बढ़े जलस्तर और अचानक आने वाली बाढ़ जैसी परिस्थितियों से सुरक्षित रखना है।


कई इलाकों में सड़कें बनीं दरिया

राजस्थान में लगातार बारिश के कारण कई जगहों पर सड़कों पर पानी भर गया है। कुछ निचले इलाकों में घरों और दुकानों तक पानी पहुंचने की स्थिति बनी है। तेज बारिश के कारण नदियों और नालों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में सबसे बड़ा खतरा अचानक आने वाली फ्लैश फ्लड का होता है। पहाड़ी और जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश होने के बाद नालों और छोटी नदियों में अचानक पानी बढ़ सकता है। यही पानी कुछ ही समय में आसपास के गांवों और स्कूलों तक पहुंच सकता है।


प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी

बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए प्रशासन ने संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। राहत और बचाव दलों को अलर्ट पर रखा गया है। जहां जलभराव ज्यादा है, वहां लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी जा रही है। स्कूल में फंसे छात्रों के सफल रेस्क्यू ने यह जरूर दिखाया कि आपदा की स्थिति में समय पर सूचना मिलने और बचाव दल के तुरंत पहुंचने से बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकता है। लेकिन घटना यह सवाल भी छोड़ती है कि अत्यधिक बारिश के दौरान जलभराव की आशंका वाले इलाकों में स्कूलों को पहले से बंद करने या बच्चों की आवाजाही रोकने की व्यवस्था कितनी प्रभावी है।


अगले दिनों में भी बारिश का खतरा

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बीच राजस्थान के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक बारिश जारी रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में पहले से भरे बांधों और जलाशयों पर दबाव और बढ़ सकता है। खासकर कोटा, झालावाड़, बूंदी और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत है। बारिश के दौरान सबसे ज्यादा सावधानी नदी-नालों, बांधों के निचले हिस्सों और जलभराव वाले रास्तों पर जरूरी है। प्रशासन की ओर से भी लोगों से अपील की जा रही है कि वे पानी के तेज बहाव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें और बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें। फिलहाल सबसे बड़ी राहत यही है कि झालावाड़ के स्कूल में फंसे सभी छात्र और स्टाफ सदस्य सुरक्षित निकाल लिए गए हैं। हालांकि राजस्थान में लगातार बढ़ता जलस्तर और कई इलाकों में बने बाढ़ जैसे हालात यह संकेत दे रहे हैं कि आने वाले दिनों में प्रशासन के सामने राहत और बचाव की बड़ी चुनौती बनी रह सकती है।