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लावणी के प्रदर्शन के लिए अब योग्यता प्रमाणपत्र अनिवार्य; अश्लीलता मिलने पर होगी कार्रवाई

महाराष्ट्र में लावणी, तमाशा और अन्य लोककला कार्यक्रमों की आड़ में होने वाले अश्लील और आपत्तिजनक प्रदर्शनों पर अब राज्य के रंगभूमि प्रयोग परिनिरीक्षण मंडल की नजर रहेगी। लावणी या तमाशा कार्यक्रम आयोजित करने से पहले उसकी पटकथा, निवेदन और कार्यक्रम का संक्षिप्त विवरण मंडल के पास जमा कर पूर्व अनुमति लेना आयोजकों के लिए अनिवार्य किया गया है। कार्यक्रम में अश्लीलता या आपत्तिजनक सामग्री पाए जाने पर संबंधितों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

Priyanka Gaikwad19 अग. 2026, 10:01 AM IST
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लावणी के प्रदर्शन के लिए अब योग्यता प्रमाणपत्र अनिवार्य; अश्लीलता मिलने पर होगी कार्रवाई
मुंबई : महाराष्ट्र की समृद्ध लोककला परंपरा में लावणी का महत्वपूर्ण स्थान है। हालांकि पिछले कुछ समय से लावणी के नाम पर अश्लीलता परोसे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। खासकर कुछ जगहों पर ‘डीजे लावणी’ के नाम पर आपत्तिजनक गाने, हावभाव और प्रस्तुतियां किए जाने से पारंपरिक लावणी की सांस्कृतिक पहचान पर सवाल उठ रहे हैं। इसी पृष्ठभूमि में ऐसे कार्यक्रमों पर नियंत्रण के लिए राज्य के सांस्कृतिक कार्य विभाग और रंगभूमि प्रयोग परिनिरीक्षण मंडल की ओर से निर्देश जारी किए गए हैं। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के चित्रपट साहित्य, कला एवं सांस्कृतिक विभाग के अध्यक्ष बाबासाहेब पाटील ने इस संबंध में राज्य के सांस्कृतिक कार्य विभाग से शिकायत की थी।

उन्होंने महाराष्ट्र में लावणी, लोककला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के नाम पर होने वाली अश्लील डीजे लावणी तथा आपत्तिजनक कार्यक्रमों पर रोक लगाने की मांग की थी। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों पर नियंत्रण के लिए स्वतंत्र नियमावली और उचित प्रमाणपत्र व्यवस्था लागू करने की मांग भी की थी। इस मांग को गंभीरता से लेते हुए सांस्कृतिक कार्य विभाग और रंगभूमि प्रयोग परिनिरीक्षण मंडल की ओर से संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

कार्यक्रम से पहले अनुमति जरूरी
नए निर्देशों के अनुसार तमाशा, लावणी और अन्य संबंधित रंगमंचीय कार्यक्रम आयोजित करने वाले आयोजकों को कार्यक्रम की पटकथा, निवेदन और संक्षिप्त सारांश मंडल के पास जमा करना होगा। मंडल द्वारा कार्यक्रम की जांच के बाद उसके प्रदर्शन के लिए योग्यता प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा। ऐसे में आयोजकों के लिए पूर्व अनुमति लेना जरूरी होगा।

अश्लीलता मिलने पर कार्रवाई
कार्यक्रम के दौरान अश्लील नृत्य, आपत्तिजनक संवाद, गाने, हावभाव या अन्य आपत्तिजनक सामग्री पाए जाने पर आयोजकों और कार्यक्रम से जुड़े संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। यानी केवल कार्यक्रम के लिए अनुमति लेना ही पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि अनुमति के दौरान प्रस्तुत किए गए स्वरूप के अनुसार ही कार्यक्रम का मंचन करना होगा। इस संबंध में राज्य के रंगभूमि प्रयोग परिनिरीक्षण मंडल के सचिव सं. पु. खामकर ने राज्य के पुलिस महानिदेशक, पुलिस आयुक्तों और सभी जिला पुलिस निरीक्षकों को पत्र भेजा है।

संबंधित कार्यक्रमों पर नजर रखने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पुलिस प्रशासन को भी इस संबंध में सूचित किया गया है। लावणी महाराष्ट्र की लोकपरंपरा और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखने और लोककला के नाम पर अश्लीलता को बढ़ावा न मिलने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। आने वाले समय में लावणी, तमाशा और अन्य संबंधित सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित करने वाले आयोजकों के लिए इन नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा।