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वाराणसी में बनेगा यूपी का पहला इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल, ₹200 करोड़ की योजना से बढ़ेगा नदी पर्यटन और व्यापार

उत्तर प्रदेश में नदी पर्यटन और जल परिवहन को नई रफ्तार देने की तैयारी है। वाराणसी में प्रदेश का पहला International Cruise Terminal विकसित करने की योजना सामने आई है। करीब 200 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली इस परियोजना के लिए सामनेघाट में लगभग 2 एकड़ यानी 8,094 वर्गमीटर जमीन प्रस्तावित है। परियोजना को Inland Waterways Authority of India (IWAI) के माध्यम से विकसित किया जाना है, जबकि जमीन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी वाराणसी नगर निगम की होगी।

Samant Dubey31 अग. 2026, 04:57 PM IST
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वाराणसी में बनेगा यूपी का पहला इंटरनेशनल क्रूज टर्मिनल, ₹200 करोड़ की योजना से बढ़ेगा नदी पर्यटन और व्यापार

           फिलहाल परियोजना Detailed Project Report (DPR) तैयार करने और भूमि संबंधी प्रक्रिया के चरण में है। इसलिए अभी इसे प्रस्तावित परियोजना के रूप में ही देखा जाना चाहिए। अंतिम लागत, निर्माण की समयसीमा और अन्य तकनीकी विवरण DPR तथा आवश्यक मंजूरियों के बाद स्पष्ट होंगे।

सामनेघाट में तैयार होगा आधुनिक क्रूज टर्मिनल

प्रस्तावित International Cruise Terminal के लिए वाराणसी के सामनेघाट इलाके को चुना गया है। करीब दो एकड़ क्षेत्र में विकसित होने वाले इस टर्मिनल को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार करने की योजना है। टर्मिनल में एक साथ करीब 10 हजार यात्रियों को संभालने की क्षमता प्रस्तावित है। इसका उद्देश्य वाराणसी आने वाले देशी-विदेशी पर्यटकों को गंगा के रास्ते बेहतर और आधुनिक यात्री सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

परियोजना से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक जमीन से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा। इसके लिए DPR तैयार की जा रही है।

टर्मिनल में मिलेंगी International स्तर की सुविधाएं

प्रस्तावित टर्मिनल में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए कई आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित करने की योजना है।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • Immigration Counter
  • Customs Counter
  • Security Check सुविधा
  • Door Frame Metal Detector
  • Baggage Scanner
  • CCTV Surveillance
  • Public Address System
  • Passenger Lounge
  • Baggage Trolley
  • Electric Buggy
  • Mobile Charging Point
  • Cafeteria
  • Commercial और Duty-Free Shopping Space
  • Parking Facility
  • Prepaid Taxi सुविधा
  • दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष सुविधाएं

इन सुविधाओं के जरिए अंतरराष्ट्रीय क्रूज यात्रियों के लिए एक व्यवस्थित terminal experience तैयार करने की कोशिश होगी।

गंगा के National Waterway-1 से जुड़ेगा नया Terminal

वाराणसी पहले से ही गंगा के National Waterway-1 (NW-1) पर महत्वपूर्ण Inland Water Transport केंद्र है। National Waterway-1 गंगा नदी के जरिए उत्तर भारत को हल्दिया और बंगाल की खाड़ी की दिशा में जोड़ता है। उत्तर प्रदेश में करीब 425 किलोमीटर नौगम्य जलमार्ग का इस्तेमाल जल परिवहन के लिए किया जा सकता है। वाराणसी में पहले से Multimodal Terminal जैसी महत्वपूर्ण जल परिवहन सुविधाएं मौजूद हैं। ऐसे में नया International Cruise Terminal वाराणसी के मौजूदा जल परिवहन ढांचे को पर्यटन और अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवाओं से जोड़ने की दिशा में एक और कदम माना जा रहा है।

सिर्फ Tourism नहीं, व्यापार को भी मिलेगा फायदा

इस परियोजना का फोकस केवल Cruise Tourism तक सीमित नहीं है। गंगा के जलमार्ग के जरिए यात्री परिवहन के साथ व्यापार और माल ढुलाई को भी बढ़ावा देने की संभावनाएं हैं। National Waterway-1 के विकास का उद्देश्य देश में Inland Water Transport को मजबूत करना है। जलमार्ग से भारी माल को अपेक्षाकृत कम लागत और ऊर्जा खपत के साथ लंबी दूरी तक ले जाने की संभावना होती है। वाराणसी में पहले से मौजूद Multimodal Terminal इसी व्यापक जल परिवहन नेटवर्क का हिस्सा है। इसलिए International Cruise Terminal बनने से वाराणसी की भूमिका River Tourism और Inland Water Transport Hub के रूप में और मजबूत हो सकती है।

वाराणसी में पहले से मौजूद है Multimodal Terminal

वाराणसी में गंगा आधारित जल परिवहन के लिए पहले से Multimodal Terminal मौजूद है। केंद्र सरकार के अनुसार इसे करीब ₹206 करोड़ की लागत से विकसित किया गया था और इसकी cargo handling capacity करीब 1.26 Million Tonnes Per Annum (MTPA) बताई गई थी। इस मौजूदा infrastructure के साथ नया Cruise Terminal बनने पर वाराणसी में passenger और cargo दोनों तरह के river transport ecosystem को बढ़ावा मिल सकता है।

देश में तेजी से बढ़ रहा Inland Water Transport

देशभर में Inland Water Transport को बढ़ावा देने के प्रयासों के बीच National Waterways की भूमिका लगातार बढ़ी है। भारत में 111 National Waterways अधिसूचित हैं, जिनकी कुल लंबाई करीब 20,187 किलोमीटर है। इनमें 32 National Waterways operational हैं। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक FY 2024-25 में National Waterways के जरिए cargo transportation करीब 145.84 million metric tonnes तक पहुंच गया। Economic Survey 2025-26 के अनुसार नवंबर 2025 तक 32 National Waterways operational थे। इनमें 15 पर cruise operations और 23 पर passenger services संचालित हो रही थीं। ऐसे माहौल में वाराणसी में International Cruise Terminal की योजना को गंगा आधारित passenger transport और tourism infrastructure के विस्तार के रूप में देखा जा सकता है।

यूपी में River Tourism को मिल सकता है नया Boost

वाराणसी दुनिया के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों में शामिल है। हर साल बड़ी संख्या में देश-विदेश से पर्यटक यहां आते हैं। गंगा के रास्ते Cruise Tourism को बढ़ावा मिलने से पर्यटकों के लिए एक नया travel experience तैयार हो सकता है। International terminal में Immigration और Customs जैसी सुविधाएं होने से विदेशी पर्यटकों के लिए नदी मार्ग से आने-जाने की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाया जा सकेगा। इससे Cruise operators, Hotels, Restaurants, Local Transport, Tour Operators, Tourist Guides और अन्य hospitality services से जुड़े कारोबार को भी अप्रत्यक्ष फायदा मिलने की संभावना है।

रोजगार बढ़ने की उम्मीद, लेकिन अभी आंकड़ा तय नहीं

क्रूज टर्मिनल के निर्माण और संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।

इसमें:

  • Cruise Operations
  • Hospitality
  • Tourism
  • Security
  • Housekeeping
  • Transport
  • Food Services
  • Taxi Services
  • Tour Guides
  • Local Businesses

जैसे क्षेत्रों में रोजगार बढ़ सकता है।

हालांकि, सरकार की ओर से अभी इस परियोजना से कितने रोजगार पैदा होंगे, इसका कोई निश्चित आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। इसलिए रोजगार की किसी अनुमानित संख्या को सरकारी आंकड़े के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।

कोच्चि के Cruise Terminal से तुलना

उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार वाराणसी के प्रस्तावित टर्मिनल का क्षेत्रफल करीब 8,094 वर्गमीटर होगा। इसकी तुलना कोच्चि के Sagarika Cruise Terminal से की गई है, जिसका क्षेत्रफल करीब 2,253 वर्गमीटर बताया गया है। क्षेत्रफल के लिहाज से प्रस्तावित वाराणसी टर्मिनल इससे करीब 3.6 गुना बड़ा हो सकता है। हालांकि केवल क्षेत्रफल के आधार पर दोनों टर्मिनलों की operational capacity की सीधी तुलना नहीं की जा सकती।

यूपी और केंद्र की बड़ी जल परिवहन योजना का हिस्सा

वाराणसी में नया International Cruise Terminal उत्तर प्रदेश में Inland Water Transport और River Tourism को बढ़ावा देने की व्यापक कोशिशों के बीच सामने आया है। उत्तर प्रदेश सरकार और IWAI के बीच पहले भी Inland Water Transport और River Tourism से जुड़ी परियोजनाओं पर काम करने के लिए समझौते हुए हैं। इन योजनाओं का उद्देश्य राज्य में नदियों के जरिए passenger transport, cargo movement और tourism infrastructure को मजबूत करना है। वाराणसी को इस पूरे नेटवर्क में महत्वपूर्ण hub के रूप में विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है।


फिलहाल परियोजना DPR और भूमि संबंधी प्रक्रियाओं में है। लेकिन करीब ₹200 करोड़ की यह योजना पूरी होने पर वाराणसी को उत्तर प्रदेश के प्रमुख International River Cruise और Inland Water Transport hubs में शामिल करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है।