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हिंगोली के स्कूलों की बदहाली देखकर अभिजीत दीपके नाराज; छात्राओं ने सीधे सामने रखीं समस्याओं की लंबी सूची

कॉक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके इन दिनों हिंगोली जिले के दौरे पर हैं। उन्होंने अपने पैतृक गांव से ही स्कूलों की बदहाल स्थिति का जायजा लेना शुरू किया है। स्थानीय स्कूल के दौरे के दौरान छात्राओं ने स्कूल की टूटी खिड़कियां, गंदे शौचालय, पानी की कमी, कंप्यूटर सुविधाओं का अभाव, खराब सीसीटीवी कैमरे और बेंच की कमी जैसी कई गंभीर समस्याएं दीपके के सामने रखीं। बेंच उपलब्ध नहीं होने के कारण कई विद्यार्थियों को जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। स्कूल की स्थिति का प्रत्यक्ष निरीक्षण करने के बाद दीपके ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और इन समस्याओं को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने की बात कही है।

Priyanka Gaikwad19 अग. 2026, 10:01 AM IST
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हिंगोली के स्कूलों की बदहाली देखकर अभिजीत दीपके नाराज; छात्राओं ने सीधे सामने रखीं समस्याओं की लंबी सूची
हिंगोली : कॉक्रोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके इन दिनों हिंगोली जिले के दौरे पर हैं। हिंगोली उनका पैतृक गांव होने के कारण उन्होंने अपने दौरे की शुरुआत स्थानीय स्कूलों की स्थिति का प्रत्यक्ष जायजा लेने से की। इस दौरान उन्होंने एक स्थानीय स्कूल का दौरा किया और कक्षाओं, स्कूल परिसर, शौचालयों के साथ-साथ विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दीपके ने स्कूल की छात्राओं से सीधे संवाद किया। इस बातचीत में छात्राओं ने बिना किसी झिझक के स्कूल की विभिन्न समस्याएं उनके सामने रखीं। छात्राओं ने बताया कि पिछले करीब तीन वर्षों से स्कूल की कई खिड़कियां टूटी हुई हैं। इससे विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

शौचालयों की बदहाल स्थिति, पानी की भी कमी
छात्राओं ने स्कूल में सबसे गंभीर समस्या शौचालयों की बताई। उनके अनुसार शौचालय नियमित रूप से गंदे रहते हैं और उनकी हालत भी खराब है। इस वजह से छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई बार स्कूल के शौचालय का इस्तेमाल करने के बजाय उन्हें मजबूरी में घर जाना पड़ता है। इसके अलावा स्कूल में पर्याप्त पानी की सुविधा भी उपलब्ध नहीं होने की शिकायत छात्राओं ने की। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि दीपके के स्कूल दौरे से सिर्फ एक दिन पहले ही शौचालयों की सफाई कराई गई थी। इस जानकारी के सामने आने के बाद स्कूल में नियमित साफ-सफाई और प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।

कंप्यूटर सुविधा का अभाव, सीसीटीवी भी खराब
स्कूल में बुनियादी सुविधाओं के साथ-साथ शैक्षणिक सुविधाओं की भी कमी दिखाई दी। स्कूल में कंप्यूटर कक्ष उपलब्ध नहीं है और मौजूद कंप्यूटर भी चालू हालत में नहीं होने की जानकारी सामने आई। ऐसे में डिजिटल शिक्षा के दौर में विद्यार्थियों को कंप्यूटर शिक्षा की पर्याप्त सुविधा नहीं मिल पा रही है।  वहीं, स्कूल की सुरक्षा के लिए लगाए गए सीसीटीवी कैमरों को भी अज्ञात लोगों द्वारा तोड़े जाने की बात सामने आई। इससे स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी सिस्टम के रखरखाव को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हुए हैं।

बेंच नहीं, जमीन पर बैठकर पढ़ने को मजबूर विद्यार्थी
स्कूल की कई कक्षाओं में विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त बेंच उपलब्ध नहीं हैं। इसके कारण विद्यार्थियों को आज भी जमीन पर बैठकर पढ़ाई करनी पड़ रही है। आंगनवाड़ी में पढ़ने वाले छोटे बच्चों की स्थिति भी ऐसी ही होने की जानकारी सामने आई। हालांकि, छात्राओं ने स्कूल की कुछ अच्छी व्यवस्थाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि स्कूल में मिलने वाला पोषण आहार अच्छा है और शिक्षक भी ठीक तरह से पढ़ाते हैं। यानी शैक्षणिक स्तर पर शिक्षकों की भूमिका संतोषजनक होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं की कमी बड़ी समस्या बनी हुई है।

प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल
पूरे निरीक्षण के बाद अभिजीत दीपके ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। छात्राओं द्वारा बताई गई समस्याओं और निरीक्षण के दौरान सामने आई कमियों को दर्ज किया जा रहा है। इन सभी मुद्दों को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार किए जाने की बात भी दीपके की ओर से कही गई है। उन्होंने कहा कि स्कूल की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए सिर्फ प्रशासन पर निर्भर रहने के बजाय विद्यार्थियों के अभिभावकों को भी आगे आना चाहिए। अभिभावकों को स्कूल की सुविधाओं को लेकर प्रशासन से सवाल पूछने और विद्यार्थियों को सुरक्षित, स्वच्छ एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास करने की जरूरत है। अब इस निरीक्षण के बाद प्रशासन की ओर से स्कूल की टूटी खिड़कियों, शौचालयों की स्थिति, पानी की समस्या, कंप्यूटर सुविधा, सीसीटीवी कैमरों और बेंच की कमी को दूर करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।