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हाईकोर्ट का निर्देश: लखनऊ के 17 स्कूलों के बाहर लगेंगे CCTV कैमरे, खर्च का ब्यौरा भी देना होगा

लखनऊ। स्कूलों के बाहर बच्चों की सुरक्षा और लगातार बढ़ रही यातायात अव्यवस्था को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अहम निर्देश दिए हैं। अदालत ने डीसीपी (ट्रैफिक) को 17 स्कूलों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की व्यवस्था करने तथा प्रत्येक स्कूल पर आने वाले खर्च की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा है। अदालत ने संबंधित स्कूलों को भी इस संबंध में सूचित करने के निर्देश दिए हैं।

Vinod Tiwari22 अग. 2026, 01:50 PM IST
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हाईकोर्ट का निर्देश: लखनऊ के 17 स्कूलों के बाहर लगेंगे CCTV कैमरे, खर्च का ब्यौरा भी देना होगा

स्कूलों के बाहर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था पर हाईकोर्ट सख्त

यह मामला गोमती रिवर बैंक रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से दाखिल जनहित याचिका से जुड़ा है। याचिका में स्कूलों के खुलने और छुट्टी के समय सड़कों पर लगने वाले जाम, यातायात व्यवस्था और विद्यार्थियों की सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं को उठाया गया था। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति बृज राज सिंह की पीठ ने की। सुनवाई के दौरान स्कूलों के आसपास यातायात नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था को लेकर जानकारी अदालत के समक्ष रखी गई।

17 स्कूलों के बाहर कैमरे लगाने का निर्देश

अदालत ने डीसीपी (ट्रैफिक) को निर्देश दिया कि चिन्हित 17 स्कूलों को उनके परिसर के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने और इससे संबंधित खर्च की जानकारी दी जाए। इन कैमरों का उद्देश्य स्कूलों के आसपास की गतिविधियों और यातायात व्यवस्था की निगरानी को बेहतर बनाना है। सुनवाई के दौरान डीसीपी (ट्रैफिक) की ओर से अदालत को बताया गया कि सीसीटीवी कैमरों को स्मार्ट सिटी फीड से जोड़ने के लिए प्रति स्कूल लगभग 1,12,100 रुपये खर्च होने का अनुमान है।

स्मार्ट सिटी फीड से जोड़े जाएंगे कैमरे

अदालत के समक्ष दी गई जानकारी के अनुसार, स्कूलों के बाहर लगाए जाने वाले सीसीटीवी कैमरों को स्मार्ट सिटी की निगरानी व्यवस्था से जोड़ने की योजना है। इससे स्कूलों के आसपास यातायात की स्थिति पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभागों को कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है। इस व्यवस्था से स्कूलों के बाहर जाम, गलत तरीके से वाहन खड़े करने और अन्य यातायात संबंधी समस्याओं की निगरानी भी बेहतर होने की उम्मीद है।

जिला प्रशासन के माध्यम से स्कूलों को दी जाएगी जानकारी

हाईकोर्ट ने जिला मजिस्ट्रेट और डायट इंस्पेक्टर ऑफ स्कूल्स के माध्यम से संबंधित स्कूलों को इस व्यवस्था और खर्च की जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत के निर्देश का उद्देश्य स्कूल प्रबंधन और संबंधित प्रशासनिक विभागों के बीच समन्वय स्थापित करना भी है, ताकि सीसीटीवी लगाने और उसे निगरानी व्यवस्था से जोड़ने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो।

स्कूल खुलने और छुट्टी के समय जाम बड़ी समस्या

स्कूलों के आसपास सुबह स्कूल खुलने और दोपहर या शाम छुट्टी के समय बड़ी संख्या में अभिभावकों और वाहनों की आवाजाही होती है। कई स्थानों पर सड़क किनारे वाहनों के रुकने और बढ़ते ट्रैफिक के कारण जाम की स्थिति बन जाती है। ऐसे समय में विद्यार्थियों को सड़क पार करने और स्कूल आने-जाने में भी सुरक्षा संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से स्कूलों के बाहर निगरानी और यातायात प्रबंधन को मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया गया है।

सीसीटीवी से निगरानी व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद

हाईकोर्ट के निर्देश के बाद 17 स्कूलों के बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है। स्मार्ट सिटी फीड से कनेक्टिविटी होने पर संबंधित स्थानों की निगरानी केंद्रीय व्यवस्था के जरिए की जा सकेगी। अदालत के इस निर्देश को स्कूलों के आसपास विद्यार्थियों की सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और सार्वजनिक निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।