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भारतीय रेल का ऐतिहासिक कारनामा: वंदे भारत एक्सप्रेस से पहली बार पहुंचाया गया जीवित हृदय, सूरत से अहमदाबाद तक बना ग्रीन कॉरिडोर

रेल ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की है। रेलवे ने पहली बार सेमी-हाई स्पीड वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए एक जीवित मानव हृदय (Live Heart) का सुरक्षित और समयबद्ध परिवहन कर एक मरीज की जान बचाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। ट्रेन संख्या 20901 (मुंबई सेंट्रल–गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस) के माध्यम से इस हृदय को सूरत से अहमदाबाद पहुंचाया गया, जहां इसे एक गंभीर मरीज में प्रत्यारोपित किया जाएगा।

Vinod Tiwari23 अग. 2026, 12:08 PM IST
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भारतीय रेल का ऐतिहासिक कारनामा: वंदे भारत एक्सप्रेस से पहली बार पहुंचाया गया जीवित हृदय, सूरत से अहमदाबाद तक बना ग्रीन कॉरिडोर

समय पर अस्पताल पहुंचाने के लिए बना ग्रीन कॉरिडोर

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अंग प्रत्यारोपण (Organ Transplant) जैसे बेहद संवेदनशील और समयबद्ध मामलों में हर एक सेकंड कीमती होता है। ट्रेन के अहमदाबाद रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर पहुंचते ही रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और गुजरात पुलिस के समन्वय से स्टेशन से लेकर अस्पताल तक एक विशेष 'ग्रीन कॉरिडोर' तैयार किया गया। इस निर्बाध रास्ते के जरिए जीवित हृदय को बिना किसी देरी के तुरंत यू.एन. मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर, अहमदाबाद पहुंचाया गया।

कई एजेंसियों का दिखा शानदार तालमेल

इस पूरे जीवनरक्षक मिशन को सफल बनाने में भारतीय रेल, आरपीएफ, गुजरात राज्य पुलिस, मेडिकल टीम और अंग प्रत्यारोपण समन्वयकों के बीच बेहतरीन तालमेल देखने को मिला। सभी विभागों के त्वरित फैसलों और सटीक समन्वय के कारण ही यह चुनौतीपूर्ण अभियान सफलतापूर्वक पूरा हो सका।

"यह हमारे लिए मानवता का सर्वोच्च दायित्व": डीआरएम वेद प्रकाश

अहमदाबाद के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) श्री वेद प्रकाश ने इस उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा: "यह भारतीय रेल के लिए अत्यंत गर्व और संतोष का क्षण है कि वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से एक जीवित हृदय को सूरत से अहमदाबाद तक सुरक्षित पहुंचाया गया। ऐसे अभियानों में समय का प्रत्येक क्षण महत्वपूर्ण होता है। किसी व्यक्ति का जीवन बचाने में सहयोग करना हमारे लिए केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सेवा और मानवता का सर्वोच्च दायित्व है। वंदे भारत की गति, समयपालन और विश्वसनीयता ने इसे संभव बनाया।'"

आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में रेलवे की नई भूमिका

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यह ऐतिहासिक घटना साबित करती है कि भारतीय रेल अब केवल यात्रियों और माल की ढुलाई तक सीमित नहीं है, बल्कि आपातकालीन और जीवनरक्षक स्वास्थ्य सेवाओं में भी एक भरोसेमंद और त्वरित सहयोगी के रूप में उभर रही है।